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Petrol Diesel Price Update: Excise Duty कम होने के बाद भी आखिर सस्ता क्यों नहीं हुआ तेल? जानिए इसके पीछे का वो कड़वा सच जिसे समझना आपके लिए बहुत जरूरी है।

This video explains why petrol and diesel prices in India remain unchanged despite the central government's significant cut in excise duty. We analyze the impact of global crude oil prices, Middle East tensions, and the massive losses incurred by Oil Marketing Companies (OMCs) that prevented a direct price drop for consumers.

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~PR.250~HT.408~ED.276~GR.122~

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Transcript
00:07भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइस ड्यूटी में जो बड़ी कटाती की वो सुनने में तो बहुत अच्छी
00:13लगती है लेकिन हकीकत ये कि आपकी जेब को इससे कोई सीधी रहत नहीं मिलने वाली
00:19सीधा और कड़वा सचिये कि पेट्रोल और डीजल आपको पुराने भाव या उससे भी महंगे मिलेंगे
00:26सरकार के इस कदम का असली मकसद आम आदमी को सस्ता इंधन देना नहीं बलकि देश के कंपनियां देश की
00:32तेल कंपनियों को बरबादी से बचाना है
00:35और अंतराश्री बाजार में मची उथल पुथल के असर को कम करना है
00:39जो कि टेक सरकार ने छोड़ा है वो आपकी बचत बननी की बजाए कंपनियों के घाटे को भड़ने में इस्तिमाल
00:45होगा
00:45विश्वस्तर पर कच्चे तेल की कीमतें जिस तेजी से बढ़ी उसने पूरी गणित को बिगाड़ के रखा है
00:51भारत अपनी तेल की ज़रुत का 80% से ज्यादा हिस्सा आयात करता है
00:56और मिडल इस्ट में बढ़ते तनावनी कच्चे तेल को बहुत महगा कर दिया
01:00तेल मार्केटिंग कमपनियों को बहुत उचे दामों पर क्रूड आयल खरीदना पड़ रहा है
01:05जिससे उनकी लागत आसमान चू रही है
01:08पिछले काफी समय से कमपनियां भारी वित्या नुकसान चेल रही है
01:11सरकारी आंकडू और बाजार विशेशक्यों के अनुसार कमपनियों को पेट्रोल पर लगबग 20 से 25 रुपए
01:18और डीसल पर 25 से 30 रुपए प्रती लीटर तक घाटा हो रहा था
01:23ऐसे में सरकार दोरा एकसाइस ड्यूटी में कमी की गई
01:26एक अटाथी दरसल इन कमपनियों के लिए एक संजीवनी की तरह है
01:30सरकार ने टेक्स कम करके वो पैसा कमपनियों के पास छोड़ दिया
01:33ताकि वे अपना घाटा कम कर पाए और उन्हें कीमतों में और ज्यादा बढ़ातरी ना करनी पड़े
01:39एक और महत्वापूर्ण पहलू ये कि जब भी इंधन की कीमती एक बार बढ़ जाती है
01:44तो बाजार का नया नॉर्मल बन जाती है
01:47प्रीमियम पेट्रोल और इंडर्स्ट्रियल डीजल की कीमतें पहले ही काफी उपर जा जुकी है
01:52और कंपनियां उन्हें कम करने के पक्ष में है भी नहीं क्योंकि उनकी इंपट कॉस्ट यानि की कच्चा माल अभी
01:58भी महगा है
01:59इसके लावा पेट्रोल की अंतिम कीमत में सिर्फ केंदर का टेक्स नहीं बलकि राजे सरकारों का वेट भी एक बड़ा
02:06हिस्ता है
02:06केंदर ने तो अपनी तरफ से टेक्स घटा लिया लेकिन ज्यादतर राजों ने अपनी टेक्स धांचे में कुई बदलाव नहीं
02:13किया
02:13जिसके वज़े से पेट्रोल पंप पर कीमतों में कुई बड़ी गिरावट दर्ज नहीं हुई
02:20इस पूरी स्थिती का सार ये कि सरकार की स्टेक्स का टौतिका उद्धिश्या कीमतों को कम करना कभी नहीं था
02:26बलकि इसका उद्धिश्या कीमतों को बेकाबू होकर बढ़ने से रोकना है
02:31अगर सरकार ये कदम नहीं उठाती तो मुम्किन था कि अंतराश्य दबाव के काराण आज पैट्रूल और डीजल की कीमती
02:38ने डीर सो रुपए प्रती लीटर तक पहुँच चुकी हो दी
02:41ये एक तरह का आर्थिक संतुलन बनाने की कोशिश है ताकि देश की तिल कंप्रियां दिवालिया ना हो और आम
02:47जनता को महंगाई का ये भयानक जटका बिलकुल ना लगे जो टैक्स कटोती नहोनी की स्थिती में लगता नजर आ
02:54रहा था
02:54इसलिए काम भुकता को भले ही पंप पर सस्ता तेल ना मिले लेकिन कड़वा घूट बाजार को स्थर रखने और
03:01भविश्य के बड़े संकट को टालने के लिए ज़रूरी था
03:05फिलाल सस्ते पेट्रोल की उम्मीद करना बेकार है क्योंकि जब तक वैश्विक हालात सुधर नहीं चाते तब तक कीमतें इसी
03:12उची स्तर पर बनी रहेंगे
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