00:00आचारी जी मेरी गल्फ्रेंड थी, मैं उसके साथ बहुत ही लोयल था
00:03और वो भी समझती थी मेरी बातों को और आपको भी
00:06अब मुझे बहुत बुरा लग रहा है क्योंकि वो मुझे छोड़ कर चली गई
00:10तुम्हें मालूम है बुरा किस बात का लग रहा है
00:12अच्छा खासा स्वांग रचाया था, मस्त जाल बिचाया था, चिड्या फिर भी उड़ गई
00:21जो कर रहे हो ना वो बहुत सारे पुरुष करते हैं
00:25महिलाओं के सामने ऐसे जाएंगे कि ये नो बहुत इंटेलेक्चुल हूँ
00:29और जैसे आम मर्द होते हैं, जिनका फिजिकलिटी होगारा है, बहुत इंट्रस्ट होता है, मैं वैसा नहीं हूँ
00:34आओ हम बैठ करके प्लेटो की बात करें, प्लेटोनिक तरीके से
00:38रुमैंस भी इंटेलेक्चुल करेंगे, आओ
00:41और ये सब करते हुए भीतर ही भीतर कामना क्या पगा रखी होती है, कि एक काउंटडाउन चला रखा होता
00:47है, ये बस 30-40 दिन और लगेंगे इसको, उसको तुमने उतना बेवकूफ समझ रखा है, सामने उसको बैठा लेते
00:53हो, कहते हो तु ये किताब पढ़ रही होती है, �
00:57और फिर जटका लग जाता है, क्योंकि वो भी पढ़ रही थी, तुमने उसको बोला किताब पढ़ो, किताब उसने पढ़ी,
01:02तुम्हें भी पढ़ लिया, फिर जटका दे देती है, असे ऐसे हैं कि उसको ये भी नहीं पता सकते, कि
01:06I had all these desires for you, क्योंकि हमेशा दर्शाया क्या
01:09कि मैं तो रोमैंस भी इंटेलेक्शुल करता हूँ, अब कैसे जाकर के बोलोगे कि मैं तो टूटे दिल वाला सड़
01:15अच्छा पाशिक हूँ, और मेरी भी वही सब तमन्ना है थी, कि मेरे साथ चल और बागों में नाच और
01:20पेड़ पे चलके कूच जाएंगे दोनों, अब क
01:39इतना मन में पकाने के सीधे है उससे ही पूछ लेते हैं, बेबी, आयू गेम? वहीं पर बता देती ही,
01:45कि भागे हांसे काई बंतलबर
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