00:00सुबह सुबह आपकी जो चाह आती ना के तो ताजा दूद है भैंस वो दूद देना नहीं चाह रही थी
00:04आपकी चाह रोज किसी को भयानक वेदना दे करके आती है भैंस रोज सुबह एक और उमीद के साथ फिर
00:11अपना दूद रोखती है कि आज मेरा बच्चा आएगा और ब�
00:27तो वेदना ज्यलीं हो जानेंगे इतना दर्द होता है भैंस को रोज एक महिला खुर जिंदगी में एक-दो बार
00:32होता है उसकी दमाग से नहीं उतरता कि इतना दर्द हो था थी color रो शुबह से लौड़ना पड़ता है
00:37ताकि आप चाय पीने और वह चाह महिलाएं भी पिती
00:57तो उसकी पूरी बॉड़ी पे असर क्या पड़ेगा?
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