00:00दुनिया की सबसे ताकतवर सिक्यूरिटी सामने चीन की सख्त दिवार
00:06हत्यार लेकर एंट्री पर बवाल चीन और अमेरिका आमने सामने
00:10क्या चीन ने दुनिया को अपनी दिखाई ताकत या अमेरिका की हुई बड़ी फजियत
00:21अगर दुनिया की सबसे ताकतवर मानी जाने वाली अमेरिकी सिक्योरिटी को किसी दूसरे देश के गेट पर रोक दिया जाए,
00:28तो क्या होगा?
00:29बीजिंग में कुछ ऐसा ही हुआ, जब डॉनल्ड ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात, अमेरिकी सीक्रिट सर्विस एजिंट को चीन ने
00:36हथियार के साथ अंदर जाने से रोक दिया, और फिर शुरू हुई वो तनातनी जिसने दुनिया को दिखा दिया कि
00:42अमेरिका और चीन के �
00:43रिष्टे अब कितने विस्भोटक हो चुके हैं, बीजिंग के अतिहासिक टेंपल ऑफ हैवन में डॉनल्ड ट्रम्प और शी जिन पिंग
00:50की मुलाकात चल रही थी, माहौल बेहद हाई प्रोफाइल था, सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और दुनिया की नजर इस
00:57मुलाका
01:05पर टिकी हुई थी, लेकिन तभी अचानक वहां तनाव फैल गया।
01:35अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि ट्रम्प की यात्रा के दौरान वाइट हाउस स्टाफ और अमेरिकी मीडिया टीम
01:41को भी कही जगहों पर रोका गया।
01:57और अलग इमेल सिस्टम इस्तिमाल करने की सलाह दी गई थी, यानि हालात ऐसे थे कि दोनों देशों की टीमें
02:03एक दूसरे पर भरोसा करने को तयार नहीं थी।
02:06बीजिंग में हुई ये तनातनी अब सिर्फ एक सिक्योरिटी विवाद नहीं बलकि दुनिया की सबसे बड़ी दो ताकतों के बीच
02:12बढ़ते अविश्वास का बड़ा संकेट मानी जा रही है।
02:16हाला कि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझोता हो गया और कारिक्रम आगे बढ़ा लेकिन सवाल अब ही कायम
02:22है।
02:22क्या चीन दुनिया को ये संदेश देना चाहता था कि उसकी जमीन पर वही नियम चलेंगे।
02:27क्या जिन पिंग ने ट्रंप की सिक्योरिटी रोप कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की।
02:32बीजिंग की इस घटना ने दुनिया को ये जरूर बता दिया कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव अब बंद
02:37कमरों से निकल कर खुले मंच तक बहुँच चुका है।
02:40फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ।
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