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  • 31 minutes ago
चलियार पंचायत के प्लाक्कलचोला में रहने वाले 24 आदिवासी परिवारों को हर साल अपने घर छोड़ने और कांजीरापुझा नदी के किनारे जाकर बसने के लिए मजबूर होना पड़ता है, क्योंकि उनके इलाके में पानी के सभी स्रोत पूरी तरह से सूख जाते हैं. केरल के मलप्पुरम जिले में इन आदिवासी परिवारों की जिंदगी बस गुजारे लायक चीजों तक ही सिमटकर रह गई है। वे पथरीली जमीन पर तिरपाल के नीचे रहते हैं, और उन्हें साफ-सफाई, बिजली या बुनियादी सुविधाओं में से कुछ भी नसीब नहीं होता. यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि यह समस्या सालों से बनी हुई है. घर तो बन गए, लेकिन पीने के पानी की सही व्यवस्था कभी नहीं हो पाई. अदिवासी परिवार अब अधिकारियों से तत्काल दखल की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि इलाके में जल आपूर्ति के स्थायी इंतजाम किए जाएं जिससे उनके बार-बार पलायन करने का सिलसिला थम सके.

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00:01चलियार पंचायद के प्लाकल चोला में रहने वाले 24 आदिवासी परिवारों को हर साल अपने घर छोड़ने और कांजीरा पुझा
00:10नदी के किनारे जागर बसने के लिए मजबूर होना पड़ता है क्योंकि उनके इलाके में पानी के सभी श्रोत पूरी
00:17तरह से सूग शाते हैं
00:19केरल के मलपुरम जिली में इन आदिवासी परिवारों की जिंदगी बस गुजारे लायक चीजों तक ही सिमट कर रह गई
00:26है
00:26वे पत्रीले जमीन पर तिरपाल के नीचे रहते हैं और उन्हें साफ सफाई बिजली या बुन्यादी सुविधाओं में से कुछ
00:34भी नसीब नहीं होता
00:37घर बदलने की वज़ाईया है कि हमारी कालोनी एक ऐसा इलाका है जहां पानी की भारी कमी है
00:43बारिश के मौसम में तो पानी मिल जाता है लेकिन गरमियों में हमारे पास न तो पानी होता है और
00:49नहीं कोई बुन्यादी सुविधाएं
00:52जब हमारे बच्चे स्कूल से लौटते हैं तो हमारे पास उन्हें नहलाने या उनके कपड़े धोने का भी कोई साधन
00:58नहीं होता
00:59यही कारण है कि हम अपने परिवारों के साथ कांजीर पुझा नदी के किनारे यहां रहने को मजबूर हैं
01:05हमारी जिन्दगी पूरी तरह से इसी नदी पर निखाए
01:11यहां रहने वाले लोगों का कहना है कि यह समस्या सालों से बनी होई है
01:16घर तो बन गए लेकिन पीने के पानी की सही विवस्था कभी नहीं हो पाई
01:21हमारे घर में पीने का पानी नहीं है
01:23We have been 5-6 years old, but we have not been water.
01:28We are not alone.
01:30This is only our vote for our people.
01:34After our people, we have no idea.
01:38This area is a lot of people who have come to us.
01:42This area is a lot of people who have come to us.
01:47This area is a lot of people who have come to us.
02:15प्पाते हैं।
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