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  • 5 months ago
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सोमवार रात हुई भारी बारिश की वजह से राम मोहन स्मृति संघ पंडाल को तैयार करने में महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई. चलताबागान इलाके में स्थित पंडाल में अब बारिश की वजह से बेकार हो चुके लकड़ी के तख्तों पर एक लड़की की मूर्ति ही रह गई है. वहीं पंडाल के अंदर की दीवारों पर रंग के धब्बे दिख रहे हैं. पूरे जोश से दुर्गा पूजा उत्सव की तैयारी में जुटे पंडाल के आयोजकों का दिल टूट गया है. उनका कहना है कि पंडाल को हुआ आर्थिक नुकसान तो झेला जा सकता है लेकिन अचानक महीनों की कड़ी मेहनत के इस तरह से बर्बाद होने के सदमे से उबरना बेहद मुश्किल है. इस दुर्गा पूजा पंडाल की थीम पुरुष-प्रधान समाज में महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों पर आधारित थी. इसमें महिलाएं की रोजमर्रा की जिंदगी में ताक-झांक, उन्हें गलत तरीके से छूना और उन पर होने वाली हिंसा भी शामिल थी. आयोजकों का कहना है कि वे बारिश से हुई बर्बादी के बाद पंडाल में जो कुछ बचा सकते हैं, उसे बचाने की कोशिश में जुटे हैं. उन्हें भरोसा है कि वे नारीत्व के सम्मान को दर्शाने वाले इस उत्सव को उसी जोश और अंदाज में मना पाएंगे जैसा उन्होंने सोचा था.

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00:00पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में सोमवा राध हुई भारी बारश की वजह से
00:06राम मोहन स्मृती संग पंडाल को तयार करने में महिनों की महनत बरबाद हो गई
00:11चलता बागान इलाके में इस्थित पंडाल में अब बारश की वजह से बेकार हो चुके
00:17लकडी के तक्तों पर एक युवा लड़की की मूर्ती ही रह गई है
00:21वही पंडाल के अंदर की दिवारों पर रंग के धबे दिख रहे हैं
00:25पूरे जोश से दुर्गा पूजा उत्सव की तयारी में जुटे पंडाल के आयोजकों का दिल तूट गया है
00:31उनका कहना है कि पंडाल को हुआ आर्थिक नुकसान तो जहला जा सकता है
00:35लेकिन अचानक महिनों की कड़ी मेहनत के इस तरह से बरबाद होने के सदमे से उबरना बेहद मुश्किल है
01:01इस दुर्गा पूजा पंडाल की थीम पूरुष प्रधान समाज में महिलाओं के सामने आने वाली चुनोतियों पर आधारित थी
01:08इसमें महिलाओं की रोजमर्रा की जिंदगी में ताक जहांक उन्हें गलत तरीके से छुना और उन पर होने वाली हिंसा भी शामिल थी
01:16आयोजकों का कहना है कि वे बारिश से हुई बरबादी के बाद पंडाल में जो कुछ बचा सकते हैं उसे बचाने की कोशिश में जुटे हैं
01:23उन्हें भरोसा है कि वे नारित्व के सम्मान को दर्शाने वाले इस उत्सव को उसी जोश और अंदाज में मना पाएंगे जैसा उन्होंने सोचा था
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