00:00राजस्तान के कोटा में मनुकामना सिद्ध गडेश मंदिर में गडेश चतुर्थी की भवे तयारियें चल रही हैं।
00:30पहले भक्त मंदिर में आकर पत्र छोड़ते थे या कागज की चिट्टियों पर अपनी मनुकामना लिखकर भगवान के सामने रख देते थे।
00:38हाला कि जैसे जैसे समय के साथ शर्धालों की संख्याबड़े मंदिर ने एक रजिस्टर पर क्रिया शुरू की ताकि मनुकामना दर्ज नहें और कागजों के खोने की संभवना खत्म हो जाए।
00:50चिट्टी पकड़ाते थे, वो चिट्टी से काम चलता था, मैंने कि इस तरह से चिट्टी तो गुम जाती है और आपका रजिस्टर में इसी में रजिस्टर में दर्जु रहेगा।
01:20तो उसमें अपनी जो भी इच्छा मनों कामना होती हैं किसी भी प्रकार की कोई भी विगन हो क्योंकि गणेश जी हैं विगन हरता।
01:37मंदिर की एक और खासियत ये है कि यहां भगवान गड़ेश की मूर्थी को दाई और सून्ड के साथ दिखाए गया है।
01:43मंदिर के पुजारी बताते हैं कि ऐसा बहुत कम गड़ेश मंदिरों में देखने को मिलता है।
01:48इनकी दो पत्निया एक तरफ है रिद्धी और एक तरफ है सिद्धी।
02:16तो सिद्धी की तरफ सुन्ड होने की होजे से सिद्धी मरलब जो भी कामना है आपकी मनोकामना जो मांगते हैं वो महीं सिद्धी के प्राप्ते होती है।
02:25श्रधालियों का मनना है कि यहां मांगी गई मनोकामनाएं जरूर पूरी होती हैं।
02:31many people who are Shea and Shea, Shea, and Shea, and Shea, and Shea, and Shea, and Shea.
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03:26दस दिन चलने बाला भहवान कॉरीश का जन्मोत सभ 27 अगस्त से शुरू होगा
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