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  • 16 hours ago
असम के होजाई और जमुनामुख में फिलहाल बाढ़ जैसे हालात नहीं है. बावजूद उसके इन क्षेत्रों में अतीत में आई बाढ़ की दहशत का प्रभाव स्पष्ट रूप से यहां के लोगों के मन पर हावी है. ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों जमुना और कपिली के किनारे बसे ये निर्वाचन क्षेत्र सूबे के सबसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में से एक हैं. यहां के लोगों का कहना है कि बाढ़ ये पैटर्न लगातार बना हुआ है- जब भी नदियों में थोड़ा भी जल स्तर बढ़ता है, उससे घरों, फसलों को काफी नुकसान पहुंचना है और बुनियादी संपर्क व्यवस्था में अड़चन आती है. कुछ लोगों का कहना है कि बाढ़ से न केवल मानव जीवन की हानि होती है बल्कि पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचता है, जिससे यहां की अर्थव्यवस्था चरमरा जाती है. यहां रहने वालों के लिए सार्वजनिक बुनियादी ढांचा चिंता का प्रमुख विषय बना हुआ है. उनका कहना है कि बाढ़ का पानी अक्सर उन्हें कमजोर तटबंधों और खराब सड़कों के किनारे रहने के लिए मजबूर करता है, जिससे स्थिति और भी बदतर हो जाती है.  इस साल विधानसभा चुनावों से पहले होजाई और जमुनामुख में रहने वाले लोगों को आशा है कि राजनीतिक दल अग्रिम तैयारियों में सुधार करने और बार-बार आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए मजबूत उपायों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे. 126 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा और वोटों की गिनती चार मई को होगी.

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00:01असम के हो जाई और जमुना मुख में फिलाल बाड जैसे हालात नहीं है।
00:07बावजुद उसके इन छेत्रों में अतीप में आई बाड की दहशत का प्रभाव स्पष्ट रूप से यहां के लोगों के
00:13मन पर हावी है।
00:17ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों, जमुना और कपीली के किनारे बसे ये निर्वाचन छेत्र सूबे के सबसे बाड प्रभावित इलाकों में
00:24से एक हैं।
00:27यहां के लोगों का कहना है कि बाड का ये पैटर्न लगातार बना हुआ है।
00:32जब भी नदियों में थोड़ा भी जलस्तर बढ़ता है, उससे घरों फसलों को काफी नुकसान पहुचता है और बुन्यादी संपर्क
00:38विवस्था में अर्चनाती है।
01:30बाड का प्रभाव क्रिशी से परे भी है।
01:37यहां रहने वालों के लिए सारवजनिक बुन्यादी धाचा चिंता का प्रमुख विशय बना हुआ है।
01:43उनका कहना है कि बाड का पानी अक्सर उन्हें कमजोर तटबंधों और खराब सड़कों के किनारे रहने के लिए मजबूर
01:49करता है।
01:50जिस स्थिती और भी बत्तर हो जाती है।
01:55बाड से हमारी स्कूल पर असर पड़ता है क्योंकि पानी परिसर के अंदर घुच जाता है।
02:00लोग राहत शिविर में शरण लेते हैं, यहां सरकारी मदद नहीं पहुंसती।
02:05सड़के बनानी चाहिए और हमें सरकारी सुवधाय मिलनी चाहिए।
02:09तूटी हुई सड़क की मरमत होनी चाहिए, तबी हमें राहत मिलेगी।
02:13तटबंद मजबूत नहीं बनाएं गए हैं, वेवस कुछ पत्थर और मिट्टी डाल देते हैं, इससे काम नहीं होता।
02:20इस साल विधानसभा चुनाबों से पहले होजाई और जमुना मुख में रहने वाले लोगों को आशा है कि
02:26राजनीतिक दल अग्रिम तयारियों में सुधार करने और बार-बार आने वाली बार से निपटने के लिए
02:31मजबूत उपायों को लागू करने पर ध्यान के इंद्रित करेंगे।
02:35126 सदस्या राज्य पिधानसभा के लिए मतदान 9 अपरेल को होगा और वोटों की गिंती 4 मई को होगी।
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