Skip to playerSkip to main content
  • 1 hour ago
सवाईमाधोपुर. थॉयराइड के लक्षणों को नजरअंदाज करना आमजन पर भारी पड़ सकता है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव ने लोगों को थॉयराइड जैसी गंभीर बीमारी की ओर धकेल दिया है। यह रोग धीरे‑धीरे शरीर को अंदर से खोखला कर देता है और कई अन्य बीमारियों का दरवाज़ा खोल देता है। जिले की तस्वीर भी इसी चिंता को बयान कर रही है। यहां सामान्य चिकित्सालय में प्रतिदिन औसतन 70 मरीज थॉयराइड की जांच कराने पहुंच रहे हैं। लगातार बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य तंत्र को चुनौती दी है और विशेषज्ञ इसे जीवनशैली से जुड़ी सबसे बड़ी समस्या मान रहे हैं। यदि समय पर थॉयराइड के लक्षणों को नहीं पहचान पाए तो बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

अब अस्पताल में ही मिल रही जांच रिपोर्ट

जिला अस्पताल परिसर में बल्ड बैंक के पास वर्तमान में छह काउंटर बनाए गए है। इनमें मरीजो का पंजीयन होता है। इनमें थॉयराइड की जांच भी शामिल है। लेब में प्रतिदिन 150 थॉयराइड मरीजों के सैम्पल लिए जा रहे है। जिला अस्पताल में ही मरीजों को अब दो से ढाई घंटे में जांच रिपोर्ट मिल रही है।
यह है थॉयराइड
थायराइड गले में पाई जाने वाली तितली के आकार की एक ग्रंथि है। यह गर्दन के अंदर और कॉलरबोन के ठीक ऊपर होती है। यह एंडोक्राइन ग्रंथि है यानी जिसमें नलिका नहीं होती। यह हार्मोन बनाती है। इसमें कई बार कमी आ जाती है। वैसे तो थॉयराइड में समस्या आना एक आम बात है। आमतौर पर महिलाओं में ज्यादा परेशानी होती है। एक बार थायरॉयड अगर बढऩे लगता है तो बहुत मुश्किल से इसे कंट्रोल किया जाता है। दवाओं से थायरॉयड कंट्रोल हो तो जाता है, लेकिन डाइट में यदि सुधार नहीं किया जाए तो दवाएं बेअसर हो जाती है।
ये है थॉयराइड बीमारी के लक्षण

थायरॉयड एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर को अंदर से खोखला कर देती है। हाइपर थायरिडिज्म और हाइपो थायरिडिज्म के लक्षण भले अगल-अलग हो लेकिन शरीर को दोनों ही बेहद नुकसान पहुंचाते हैं। इससे वजन घटना, गर्मी न झेल पाना,ठीक से नींद न आना, प्यास लगना, अत्यधिक पसीना आना, हाथ कांपना, दिल तेजी से धड़कना, कमजोरी, चिंता, बालों का झडऩा, स्किन खराब होना, माहवारी में दिक्कत, आंखों की खराबी जैसी कई समस्याएं होती हैं।

यह है थॉयराइड के बचाव के उपाय
थॉयरायड में कुछ विशेष चीजों को खाने से हमेशा बचना चाहिए। सोयाबिन से बनी हर चीज थायरॉयड के लिए नुकसानदायक है। सोयाबिन प्लांट बेस्ड प्रोटीन का वो रिच सोर्स है जिसे खाने की सभी को सलाह दी जाती है, लेकिन थायरॉड के मरीज के लिए ये पूरी तरह से प्रतिबंधित होती है। सोयाबीन से हाइपो थायरॉइडिज्म का खतरा बढ़ता है। सोयाबीन में प्यूरीन होता है जो शरीर में यूरिक एसिड को बढ़ाने का काम करता है। वहीं पुरुषों में ये एस्ट्रोजेन हार्मोन बढ़ाता है। इससे पुरुषों में फेमिनिन हार्मोंस बढऩे का खतरा रहता ह, जबकि महिलाओं को पिंपल्स, मूड स्विंग्स, वॉटर रिटेंशन, सूजन और मोटापा जैसी परेशानियां घेर लेती हैं। ऐसे में रिफाइंड फूड, पैकेटबंद खाना और दूध के अत्यधिक सेवन से थायरॉयड रोगियों को बचना चाहिए। मरीजों को चाय-कॉफी सिगरेट और शराब से भी दूरी बना लेनी चाहिए।
एक्सपर्ट व्यू…

बचाव के लिए जीवनशैली में सुधार जरूरी

थायरॉइड हमारे गले में स्थित एक छोटी‑सी ग्रंथि है, लेकिन इसका काम पूरे शरीर के लिए बेहद अहम है। यह ऊर्जा, वजन, हृदय गति, मानसिक स्थिति और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। जब इसमें गड़बड़ी होती है तो शरीर के कई क्रियाकलाप प्रभावित हो जाते हैं। यही कारण है कि आजकल थायरॉइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है और खासकर महिलाओं में यह अधिक दिखाई देती है। थायरॉइड को नियंत्रित रखने के लिए जीवनशैली में सुधार सबसे अहम है। संतुलित आहार लें, आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करें, नियमित व्यायाम और योग करें, तनाव कम रखें और पर्याप्त नींद लें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बिना चिकित्सक की सलाह के दवा कभी न लें। लक्षण लगातार दिखाई दें तो टीएसएच, टी3 और टी4 जैसी सरल जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और सही इलाज से थायरॉइड पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. लोकेश गुप्ता, जनरल फीजिशियन, सामान्य चिकित्सालय सवाईमाधोपुर

महंगी जांचों से मिल रही मुक्ति
जिला अस्पताल में वर्तमान में 150 से अधिक नि:शुल्क जांचे हो रही है। इनमें थॉयराइड की जांच भी शामिल है। इन दिनों थॉयराइड के 150 से अधिक सैंपल लिए जा रहे है। प्रयोगशाला में जांच के बाद मरीजों को दो से ढाई घंटे में ही जांच रिपोर्ट मिल रही है। ऐसे में रोगियों को निजी लैबों में महंगी जांचों से मुक्ति मिली है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों लाभ मिल रहा है।

रवि नरेडा, जिला सुपरवाइजर, सवाईमाधोपुर

Category

🗞
News
Transcript
00:16I'm not sure if you're a person who's in the world, but I'm not sure if you're a person who's
00:16in the world.
Comments

Recommended