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Shab e Qadar Ramadan ki sab se azeem aur barkat wali raat hai jismein ibadat ka sawab hazaron mahino se zyada hota hai. Is khas bayan mein Molana Tariq Jamil Shab e Qadar ki fazilat, uski ahmiyat aur is mubarak raat mein ki jane wali ibadat ke bare mein rehnumai dete hain.

Yeh iman afroz bayan humein yaad dilata hai ke Ramadan ki in barkat wali raton mein Allah se maghfirat, rehmat aur hidayat mangni chahiye. Agar aap chahte hain ke Shab e Qadar ki barkat hasil ho to is bayan ko zaroor sunein aur dusron tak share karein.

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00:00आज 23 की रात है शब जुमा है तो कराइन के लिहाज से लगता है कि अमीद है यही होगी
00:10चुके जुमा की रात भी शामल हो रही है और हो सकता यह जुमत अलवदा हो इमकान है कि एक
00:17जुमा और बढ़ जाए अगर 30 का महीना हुआ और अगर 29 का हुआ तो फिर तो यह आखरी ज�
00:24तो यह शब जुमा वैसे ही बापरकत होती सारे साल की शब जुमा इंतहाई बापरकत होती शब जुमा में जो
00:33मौत ता जाए तो अमिनक फितनत अल्कबर के फितने से लगा उसको बचा लेता है
00:43तो यह दो चीज़ें कट्शी हो रहेगी जवान लोगों हम्मत करना मेरे लिए दौा करना बलके पुरी उम्मत के लिए
00:52दौा करना
00:53और यह इरान और यहुदों नसारा की जो जंग है इसमें अल्ला ताला इरान वाले बाईयों को फता नसी फर्माए
01:11तारिक की हर रात तरावी के बाद सिर्फ तारिक जमील ओफिशल पर
01:22एक दफ़ अल्ला के नभी सल लाह लिए उसलम ने फर्माया
01:28बनो इस्राइल में चार अंबिया ने मुसलसल असी साल जहाद किया
01:39तो सहबा ने अर्स कि या रसूल अल्ला हमारी तो अमरें भी असी साल नहीं होती
01:49और हो जाएं तो किसी काम के नहीं रहते हैं
01:54तो हम क्या करें
01:58उस पर अल्ला ने सुरह कदर उतारी
02:02इन्ना अन्जलनाहु फी लेलति अल्कदर
02:07वमा अदराकमा लेलतु अल्कदर
02:12लेलतु अल्कदर खेरु मिन अल्फिश शहर
02:20एक रात हम आपको दे रहे हैं
02:25जो असी साल से भी जादा है
02:28हजार महीने को तरासी साल बनते हैं
02:32तो खेरु मिन अल्फिश शहर
02:35यहर एक जो इस रात जागेगा
02:45हजार महीने की बन्दगी तो अल्ला जरूर देगा
02:49लेकिन जिसमें जितनी ज़्यादा
02:55अमल की खुबसूरती होगी
02:58उसके लिए पिर खैर का लवज है
03:02कि अल्ला हजार महीने से ज़्यादा जितना भी कर ले
03:07उसके लिए तो कोई मुश्किल नहीं है
03:15क्या खुबसूरत है कुरान
03:17कदर के जितने माणा हैं वो इस सूरत में आवे है
03:24कदर उ कीमत सुनाएं
03:29पहले ल्ला ने लवज कदर को कीमत में इस्तेमाल किया
03:40कि लेलत अल्कदर की कीमत क्या है
03:43एक हजार महीनों से ज़्यादा है
03:47कदर का दूसरा माना है तंगी
03:53वहम्मल इनसानों इजा मब्तलाहु फगदरा आलेही रिस्कहु
03:59यवसुतुर रिस्क लिमें ये शाओ वयकदिर
04:05जिसका कम कर दे गदरा कमी
04:09तो यहां
04:13अल्ला ताला कदर का दूसरा माना इस्तेमाल फर्मा रहे है
04:19तन्जलूलमलाइकत गर्रूह
04:22इतने फरिष्टे उतरते हैं
04:26कि जमीन तंग पड़ जाती है
04:29यहां गदर तंगी के माना में है
04:34कि मलाइका का नुजूल इतना होता है
04:39कि ये च्छोटी सी जमीन
04:42उनके आने की वर्कस से छोटी ही पड़ जाती
04:47तंग पड़ जाती
04:49साथ बिन माज रजे लावनों का
04:53की शहादत हुई
04:57जंग खंदक में जखमी हुए
04:59अब पिर चंद दिनों के बाद इंतकाल हुआ
05:03मारे नबी को पता चला तो
05:09जिवरील आए ना का
05:10या रसुल आपके साथियों में कौन फोट हुआ है
05:16क्यों का इहतज जाल्श रर्रह्मान तरवा
05:22अल्ला का अर्श खुशी से जूम रहा है
05:26कि कोई आ रहा है
05:28सुभानादा
05:30अपने का साथ जखमी था
05:34तो अपने मस्चद से दोड़ लगाई
05:39उनके घर पहुँचे तो वो इंतकाल फर्मा गए थे
05:44कमरा बिलकुल खाली था
05:46चार पाई पड़ी थी
05:48और आप कमरे में ऐसे दाखिल हुए
05:51जिससे सारा कमरा भरा हुआ हो
05:56और आप कोई कदम यहां रखते
05:58कोई ऐसे इस तरह इस तरह जिग जैग बनाते हुए
06:05साथ के सरहाने ऐसे करके बैठ़ गए ऐसे
06:11तो सहाबा ने अर्ज की या रसुल्ह
06:15कमरा तो खाली है
06:18हमें तो कोई नजर नहीं आ रहा
06:21आप ऐसे अंदर गए जैसे कमरा भरा हुआ है
06:25फिर आप ऐसे बैठे हैं जैसे बड़ी तंग जगा आपको मिली है
06:31आपने फर्माया जो मैं देख रहा हूँ तुम नहीं देख रहे ये कमरा फरिष्टों से भरा हुआ है
06:40तो मैं उनके कंदे पकड़ पकड़ के साथ की चार पाई के पास पहुंचा हूँ
06:49तो यहां भी जगा कोई नहीं थी एक फरिष्टे ने अपना पर सुकेड़ा है
06:54और मेरे बैठने की जगा बनाई है
06:57तो गदर कीमत खेर मिन अल्फ शहर गदर तंगी फरिष्टों कियामत से जमीन तंग पड़ जाते है
07:21गदर अंदाजा प्यमाईश
07:32तो मा फिस्समाए गदर राहत मिन सहाव
07:41ये एक हिदात अनाहव में मिसाल है
07:44आगे पीछे याद आने कि ये क्यों मिसाल लाई गई थी
07:49तो गदर मसाफ़त को पैमाईश को भी कहते है
07:58तो आखर में इसका माना बताया
08:03सलाम नही हत्ता मतलع الفج्र
08:08ये इसकी लंबाई क्या है पैमाईश क्या है
08:13मगर्ब से लेकर सुबह सादिक तक ये रात रहती है
08:20तो लफ़ गदर के सारे मानी अल्ला तहला ने छोटी सी सुरत में इस्तेमाल की
08:28अब जवान लोग है आज रात भी ताक रात है
08:40तो अपने हिम्मत दिखाओ राज एक तो गुजर गई एक ये आ रही है
08:48दो उसके बाद हैं तीन
08:51तो कोशिश करो के अल्ला ताला आपको हिम्मत दे
08:59और आप इस रात में अपने अल्ला की बारगाह में जितना भी कुछ कर सकते हैं करें
09:09तक जाएं उंग आ रही है फिर अल्ला का ने बेना का फिर सो जाएं फिर जागे नहीं
09:16जबर्दस्ती ना करें
09:18तो मैं सरबर्द से पहले पांचों रातें जागता था वे कोई तो होगी
09:35मैंने एक वाका भी सुनाया था कि जब मैं तीन चिले लगा रहा था
09:40तो रमदान में मेरा एक चिला भी था रमदान भी उसमें था एदमने लहौर पड़ी थी
09:49तो इदर माई राबो एक जगा है ठीन के आगे कसूर से दिपाल पर जाते हुए
09:59माई राबो अड़ा है
10:02उस वक्त तो अड़ा नहीं था खाली एक डंडा लगा हुआ था
10:07अब तो वहां बहुत बड़ा अड़ा बन चुका है
10:11तो मैंने पहले रमज़ान से मांगना शुरू किया या लगा तेरे सामने है रोजाना पैदल सफर करते हैं
10:22तो शब कदर जिस रात को हो मुझे उठा देना
10:27पांचों राते मैं नहीं जाक सकता
10:32तो एकीस की रात थी बारा बज़े मुझे किसी ने यहां से पकड़ा और यूं करके उठा दिये
10:42बिलकुल फिजिकली ऐसने के मुझे मासूस हुआ
10:46नहीं यहां से किसी ने मेरा करदन पे हाथ डाला यूं उठाया
10:53मैं एकदम खौफज़दा होके उठा
10:58दिसंबर की रातें थी
10:59नहीं कहीं यह मुझे किसने उठा दिया
11:02नहीं घड़ी देखी तो बारा बज़ रहे थी
11:06मैं फिर रज़ाई उपर ली और लेट रहे
11:09या लेटा तो मुझे याद है कि आज तो 21 की रात है
11:15यह तो अल्ला ने मुझे उठाया
11:18मैं फिर मैंने च्छांग लगाई
11:20और बाहर निकल गया
11:23उस रात गर्मी का जमाना हो या सर्दी का
11:27रात मौत अदिल होती रोशन होती
11:31तो मैं बाहर निकला सर्दी का कोई नाम निशानी नहीं था
11:37तो ओ रात अल्ला ने मुझे ये मागने की तुफीक दी कि
11:43या ला सारी जिन्दगी के लिए कुबूल फर्मा ले इस काम के लिए
11:49और अगरे दिन मैं खुदी सोच में पढ़ गया
11:53ये तो उन्हें मांगा किया है
11:55कि सारी जिन्दगी के लिए कुबूल का तु मेडिकल डॉक्टर बन रहा है
12:01डॉक्टरी करेगा या तबलीग करेगा
12:06तो उसके दो दिन बाद हमारी वापसी थी राइमिंट
12:10सारे रास्ते बस में मैं ये सोचता गया
12:13ये तुने क्या मांग लिया
12:18वालदین चाहते हैं मैं खुद चाहता हूँ
12:20मैं मेडिकल डॉक्टर बन रहा हूँ
12:24और मैंने मांग लिया मुझे इस काम के लिए कुबूल कर ले
12:29फिर माना का अच्छा अल्ला को मन्जूर होगा और कर देगा
12:33जो उसे मन्जूर होगा कर देगा
12:36रब ते छोड़ सारे
12:39मालिक पे तु छोड़ दे डौरी
12:42जो उसको मन्जूर
12:44अगर अब मालिक पे डौरी छोड़ दे
12:48so I just have in front of Allah
12:50Allah has been put out
12:51what is that
12:52what how did we do
12:54we were to
12:55how did we do
12:56and we were to
12:59and one time
13:00I was a disease
13:01I was a disease
13:04so I had to say
13:04Ya Allah
13:06five hours
13:07I never went to
13:08I should go
13:10I should go
13:10I should go
13:11so 23
13:13I must go
13:14I should go
13:15I should go
13:16I should go
13:17I was up to bed again.
13:20In the morning, I'm going to eat that,
13:23I'm going to get the same way.
13:26I can do it again.
13:2725 years ago, I was up to get up to him.
13:3325 years ago, I was up to him.
13:35So, I was talking to him that
13:36I was talking to him that was 23, 25.
13:3925 years ago, I can't wait to sleep.
13:42These two people who were me with the day.
13:48Right, right.
14:14کہ بھئی آپ زیادہ سے زیادہ
14:17تا کراتے ہیں یہاں گزاریں
14:18ایک رات رہ جاتی ہے وہ
14:20گھر جا کے گزار لیں
14:22یہ اللہ نے اس امت پر
14:25کرم کیا
14:26ان کو
14:27اپنی رحمت سے نواز دیں کے لئے
14:31تو اس دن
14:32جبریل اترتے ہیں
14:36فرشتوں
14:37کے بہت
14:38بڑے لشکر کے ساتھ اترتے ہیں
14:41اور جو
14:42رات کو عبادت کر رہا ہوتا ہے
14:44اس سے مصافہ کرتے ہیں
14:48ہر ایک
14:49سے مصافہ کرتے ہیں
14:50وہ ہم محسوس نہیں کرتے
14:53لیکن ہر ایک
14:55سے مصافہ کرتے ہیں
14:57پھر
14:59سہری کے قریب فرشتے
15:01پوچھتے ہیں
15:01اللہ نے کیا کیا ایمان والوں کے
15:05ساتھ
15:06تو جبریل کہتے ہیں اللہ نے
15:08سب کی بخشش کر دی
15:10سوائے چار آدمیوں کے
15:14ایک جو
15:15مستقل شرابی ہو
15:17شراب پیتھو
15:19کس نے بھول چوک کے پی لی
15:21کبھی وہ اس میں شامل نہیں
15:23جو مستقل شراب کے بغیر
15:25رہ نہ سکتا ہو
15:27ایک اس کی بخشش نہیں ہوتی
15:29ایک جو
15:30مام باپ کو زلیل کر دے
15:34اقل والدین
15:38چھوٹی موٹی نافرمانی
15:40ہر اولاد سے ہو جاتی
15:42چھوٹی موٹی
15:43چھوٹی موٹی
15:45اونچی بات
15:46ہر اولاد سے ہو جاتی
15:48اللہ ماشاءاللہ
15:49یہ وہ مراد نہیں ہے
15:52یہ جو مام باپ کو
15:54زلیل کر دے
15:55ان کے دل کے ٹکڑے ٹکڑے
15:58کر دے
15:59اس کی بخشش نہیں ہوتی
16:02تیسرا
16:04جو ماں اور باپ سے
16:06رشتے بنتے ہیں
16:07چاچا
16:08خالہ
16:10پھوپی
16:13مامو
16:14مامی
16:15پھر آگے چچہزاد اولاد
16:18ماموزاد اولاد
16:20پھوپیزاد اولاد
16:21ان خونی رشتوں سے جو
16:24نفرت کرے
16:26اور ان سے جگڑے کرے
16:27لڑائیاں کرے
16:29اس کی بھی
16:30بخشش نہیں ہوتی
16:32چوتھا
16:33جو دل میں
16:35کسی کے لئے
16:35نفرت پالے
16:37غصہ آجانا
16:39تب ہی چیز ہے
16:40اس پہ
16:41پکڑ نہیں ہے
16:43اگر اس کو
16:44نکال دے
16:45زائق نمی
16:46اندبوز کو
16:48پرداشت کر کے
16:49اسے فنا کر دے
16:50غصے کو پال لے
16:52نفرت کو پال لے
16:54پوہز کو پال لے
16:56چوتھا وہ ہے
16:57جس کی
16:58بخشش نہیں ہوتا
16:59بخشش نہیں ہونے
17:00کا ملتب کیا ہے
17:01کہ جب تک
17:02ان چیزوں پر
17:03ان بری
17:04عادات پر رہے ہیں
17:05تو
17:05ان کی
17:07معافی نہیں ہوگی
17:08توبہ کر لیں
17:09تو
17:09وہیں معافی ہے
17:13اسی وقت
17:14معافی ہے
17:18حضرت اکرمہ بن
17:19ابی جہل
17:20جب آئے
17:21مسلمان ہونے
17:24کیا انہوں نے
17:25دشمنی باپ
17:26بیٹے نیت
17:27دکھائی تھی
17:29اور آپ نے
17:30فرمایا
17:30میری امت کا
17:31فیرون
17:33موسیٰ کے
17:34فیرون سے
17:35بڑا تھا
17:37زخمی ہو
17:38کے بڑا تھا
17:39تو عبداللہ
17:40بن مسود
17:41اس کے سینے پر
17:42جڑے گردن
17:42کاٹنے کے لئے
17:43من انتا
17:45کہنا عبداللہ
17:47بن مسود
17:48الہدلی
17:49یا روائی
17:52الغنم
17:53سعیت
17:55صعب
17:56المرتقہ
17:57روائی
17:58رائی نہیں
18:00کہا
18:00بکری
18:01چڑھانے والے
18:02تصغیر
18:04زلت
18:05کا
18:05حقارت
18:06کا لفظ
18:06سعیت
18:08المرتقہ
18:09بڑی
18:10چڑھائی
18:11پہ
18:11تو چڑھا ہے
18:12نیچے سے
18:13کاٹنا
18:14پتا چلے
18:14کسی
18:15سردار
18:15کی گردن
18:16ہے
18:16اور اپنے
18:18ساتھی
18:19کو کہنا
18:19جتنی
18:21کل
18:21تم سے
18:22نفرت
18:22کرتا تھا
18:23اس وقت
18:23اس سے
18:24بھی
18:24زیادہ
18:24کرتا
18:25اس پر آپ
18:27نے فرمایا
18:28کہ
18:28موسیق
18:29علیہ السلام
18:30کے فیرون
18:31نے تو
18:31کہا
18:32تھا
18:32آمنت
18:33بی انہو
18:34لا الہ
18:35الا
18:35اللذی
18:36آمنت
18:37بہی
18:37بنو
18:38اسرائیل
18:38وانا
18:39من المسلمین
18:41اور اس فرون
18:43نے کہا
18:43انت
18:45اليوم
18:45ابغض
18:46علی من
18:47الامس
18:48کل
18:50جتنی
18:50نفرت
18:51تھی
18:51اس سے
18:51زیادہ
18:52اس وقت
18:53نفرت
18:54آج
18:55تیس کی
18:56رات
18:56شب جمعہ
18:57ہے
18:58تو
18:58قرائن
18:59کے لحاظ
19:00سے
19:01لگتا
19:02ہے
19:02کہ
19:03امید
19:04یہی
19:04ہوگی
19:05جو کہ
19:05جمعہ
19:06کی
19:06رات
19:06بھی
19:06شامل
19:07ہو رہی
19:07اور ہو سکتا
19:08یہ جمعہ
19:09تو الودا
19:09ہو
19:10امکان
19:11ہے
19:11کہ ایک
19:12جمعہ
19:12اور بڑھ
19:13جائے
19:13اگر
19:13تیس
19:13کا
19:14مہینہ
19:14ہوا
19:14اور اگر
19:16انتیس
19:16کا
19:16ہوا
19:17تو پھر
19:17تو یہ
19:18آخری
19:18جمعہ
19:19ہے
19:19تو یہ
19:20شب جمعہ
19:21ویسے ہی
19:22بابرکت
19:22ہوتی
19:22سارے سال
19:23کی شب جمعہ
19:24انتہائی
19:26بابرکت
19:26ہوتی
19:27شب جمعہ
19:28میں جو
19:28موت
19:29تا جائے
19:30تو
19:30امینق
19:38تو یہ
19:39دو چیزیں
19:40کٹھی ہو رہی
19:41گی
19:41جوان لوگ
19:42کو
19:42احمد کرنا
19:43میری لئے
19:45دعا کرنا
19:45بلکہ پوری
19:46امت کے لئے
19:47دعا کرنا
19:48اور یہ
19:48ایران اور
19:49یہودوں
19:51نصارہ کی
19:51جو جنگ
19:52ہے اس میں
19:52اللہ تعالی
19:53ایران والے
19:55بھائیوں
19:55کو فتح
19:56نصیب
19:56فرمائے
19:57ارپار کی طرح
19:58اس رمضان
19:59المبارک میں
20:00بھی
20:00مولانا
20:01تارک
20:01جمیل
20:02صاحب کی
20:02زبانی
20:03پروگرام
20:04ملاحظہ کیجئے
20:05رمضان المبارک کی
20:07ہر رات
20:07تراوی کے بعد
20:09صرف تارک
20:10جمیل
20:10اوفیشل پر
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