00:00प्राग्या ठाकूर शमेट ये वो 7 चेहरे हैं जिन पर 2008 में हुई माली गाउं ब्लास्ट करने के आरोप लगी थे लेकिन अब ये 7 चेहरे बेदाग हो चुके हैं
00:18क्योंकि इन पर अब माले गाउं ब्लास्ट को लेकर लगाए गए सभी आरोप खत्म हो चुके हैं।
00:23क्योंकि नकिवल प्रग्या ठाकूर बलकि लेटनेंट करनल प्रसाद पुरोहित, रिटायर मेजर्ड रमेश उपाद ध्याय, अजयर राहिरकर, समेद कुलकर्णी, सुधाकर चितुरवेदी और सुधाकर धर्दवेदी को बरी कर दिया गया है।
00:37इस केस में कैसे क्या हुआ, पूरे 17 सालों में इस केस में किस ने क्या क्या किया और क्या कहा, ये सारी जानकारी अलग-अलग वीडियो में One India Hindi के प्लेटफॉर्म पर आप देख सकते हैं।
00:49इस वीडियो में हम अग बताएंगे कि साध्वी प्रग्या ठाकुर समेथ सभी बरी रोगों पर क्या क्या आरोप लगे। तो चलिए एक एकर जानते हैं कि और शुरुआत करते हैं साध्वी प्रग्या ठाकुर से।
01:19की वज़ा से उनको जमानत मिल गई थी। हाला कि आगे चलकर NIA ने उनके उपर माकोका के तहट लगे आरोप हटा दिये थे। लेकिन UAPA के तहट लगे दूसरे आरोप पर केस चारी रखा था।
01:312008 में माले गाओं में हुए धमाके को लेकर लेफटनेंट करनल प्रसाद श्रीकान पुरोहित पर आरोप था कि उन्होंने बिसफोटक सामगरी मुरहिया कराई थी।
01:43साथ ही हमले की योजना तयार करने में भी उनकी मुख्य भूमिका थी। लेफटनेंट धमाके के वक्त सेना के अधिकारी थे। ब्लाष्ट के बाद उन्होंने 2008 में ही उनको गिरफतार किया गया था।
01:54महीं 2017 में उनको जमानत मिली थी। इस बीच पूरी नौ साल वो जेल की सलाखों के पीछे रहे। हलाकि लेफटनेंट करनल पुरोहित का दावा है कि वो गुप्त रूप से काम कर रहे थे। जिसकी सूचना उन्होंने अपने वरिश रिदकारियों को ही दी थी।
02:07मालेगाओं बलास्ट को लेकर रिटायर मेजर रमेश रुपाद्याय पर आरोप था कि वो अभिनव भारत नाम के एक दक्षिर पंथी ग्रूप का हिस्सा थे।
02:37स्वेम भूधार्विं नेता माने जाने वाले सुधाकर दुवेदी उर्फ दयानन पांडे पर आरोप था कि उन्होंने इस साजिश के लिए वैचारिक मागदरसन किया था।
02:45केस के दोरान प्रोसेक्यूटर ने ये दावा किया था कि दयानन पांडे ने बलाश करवाने में बौध धिक समर्थन यानी रास्ता दिखाने का काम किया था।
02:53रिटार्ड मेजर रमेश उपादियाई की तरह ही अजे रहिर्कर भी अभिनो भारत का हिस्सा थे।
03:23प्लास्ट को लेकर सुधाका चितुरवेदी पर भी आरोप लगे थे। उनको लेटनेंट करनल श्रीकांथ पुरोहित का करीबी माना जाता था।
03:29सुधाका चितुरवेदी पर आरोप था कि उन्होंने विस्फुरक सामगरी को सम्हाल कर रखने में मदद की थी। साथी ब्लास्ट से पहले बनाए गई योजनाओ की मीटिंग में भी उन्होंने हिस्सा लिया था।
03:59ठाकुर समेर इन बड़ी लोगों के बारे में आपके क्या राय है कमेंट में जरूर लिखिएगा। फिलहाल के वास इतना ही बाकी अब भी क्लेवने रहे है वन इंडिया हैंदी के साथ।
Comments