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UGC Bill 2026 को लेकर देशभर में सवाल और नाराज़गी क्यों है?
क्या इस बिल को लेकर सोशल मीडिया, आंदोलनों और बहसों में कही जा रही बातें सही हैं, या फिर भ्रम फैलाया जा रहा है?

इस explainer video में पत्रकार शिवेंद्र गौड़ (Shivendra Gaur) ने
Supreme Court जाकर वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव कुमार (Senior Advocate Dhruv Kumar) से विस्तार से बातचीत की है।

इस चर्चा में समझने की कोशिश की गई है:

UGC Bill 2026 की पृष्ठभूमि क्या है

Rohith Vemula प्रकरण के बाद Supreme Court के निर्देश क्या थे

छात्रों के बीच समानता (Equity) के नाम पर नया नियम क्यों लाया गया

सवर्ण समाज में नाराज़गी और आशंकाएँ क्यों हैं

क्या नए नियमों के दुरुपयोग की आशंका वाकई मौजूद है

Equity Committee को लेकर क्या सच है और क्या भ्रम

Senior Advocate ध्रुव कुमार ने इस बिल के कानूनी, संवैधानिक और व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया है, ताकि दर्शक खुद तय कर सकें कि
👉 UGC Bill 2026 में क्या सच है और क्या झूठ।

Why is there widespread anger and confusion over the UGC Bill 2026?
Are the claims circulating about this bill accurate, or is misinformation being spread?

In this explainer video, journalist Shivendra Gaur speaks to Senior Advocate Dhruv Kumar at the Supreme Court to break down the facts.

This discussion covers:

The background of UGC Bill 2026

Supreme Court directions after the Rohith Vemula case

The idea of equity and equality among students

Reasons behind the discontent among the Savarna community

Concerns over possible misuse of the new rules

The truth behind the Equity Committee structure

Senior Advocate Dhruv Kumar explains the bill from a legal and constitutional perspective, helping viewers understand
👉 what is true and what is misleading about UGC Bill 2026.

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#OneIndiaHindi

~HT.410~

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Transcript
00:00दबन समाच के लोग आंदोलन पर उत्रे नहीं हैं कई पार्टियों से कॉंग्रेस में भी
00:05लाको करोरो समाच के लोग हैं तो वो जो गेंग है
00:10वो काम कर रहा है यो जिसी के को ऐसा क्यों लाना मुड़कान हो
00:15कि उसमें कोई फंक्शन नहीं हो रहा था कोई एक्शन नहीं हो रहा था इड़ाज
00:20जस्ट डेट कमिटी जार उनीज में से दो हजार बीस तक काहे कि रिब
00:25आप यूपोर्ट दिया है कि 178 जो है मामले जो है अज़ाज
00:30SCST और OVC बच्चों के खिलाब डाली गलोज का ये जिए जिए
00:35अलग अलग इंवर्सिटीज कॉलेजेज से कम्प्लेन आया है
00:37हाँ अन्रेबल सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस की
00:40और बोला कि वाई इस तरह की जो है घटनाय बढ़ रही है
00:45तो इस तरह की जो बिवेद है
00:47डिस्क्रिमिनेटरी कोई भी अन्दाब
00:50पहरा गुंगा लंगरा कोई भी जाती कोई धर में हो सकता है
00:54फिर इसमें है कि
00:55आपको है नसल
00:56नसल में क्या होता है कि काले गोड़े का भी बहुत भी बिवेद है
01:00यूजिसी का नया नियम
01:03पूरे
01:05कर्देश में एक तरीके से आख की तरह गर्मिला चुका है
01:10स्टर्दी का मौसम है मैं सुप्रीम कोट के हूं यहां भी बड़ी सर्दी आज पड़ा रही है
01:15यह तेरा जन्वरी को यह जो कानून है यह
01:20नियम नया आया है यह देखिए अब मैंने यहां सुप्रीम
01:25कोट में क्यों मैंने का कि जब किसी चीज की जाच होती कानून की
01:30कि तो उसका अंतियम जो बारे में बाट
01:35अच्छी तो बहस होती सुप्रेम कोर्ट में होती है तो बही के सीने अड़ोकेट
01:40दुरुकुमार जी हमारे साथ हैं दुरुकुमार जी आपका स्वागत है यह आपका सर मैं पूरे देश
01:45में इस समय जगह जगह अंदोलन हो रहे हैं जगह जगह बाते हो रही हैं मैं यूज
01:50यूजी सी के जो इस नियम के बुरुद में जो लोग है वो सौर समाज के लोगते हैं
01:55वो आंदोलन कर रहते हैं बोले हमाई जिन्गी बर्वाद हमें जहर खाना पड़ जाएगा ऐसी इस्तिति
02:00में कोई हम पर जूटा आरोप लगा देगा और हमारे बच्चों की जन्गी खराब हो जाए करको बाद मत्या करेंगे जूटे मुक्त
02:05जाते हैं टो इसकानूम में तो इसकानूम में आपने को में आप
02:10नहीं दिखाया मुझे आपके लिया है इसको आप कैसे देखो क्या वास्तम
02:15करका है इसमें कुछ खानवा है देखिए इसमें मैंने जो इसको किया है
02:20पूरे लाउज गजेट आप देखिए बाड़ सरकार ने इसको गजेट में लाया है
02:25और यूजिसी को ऐसा क्यों लाना पड़ा कानून समझेए
02:30इस पर पहले से यूजिसी सारे इंवर्सिटी में जो था एंटी तो
02:35डिस्क्रिमिनेटरी लॉग जो है वो बने हुए थे दो हजार बारस से
02:40ठीक है तो लेकिन आपको अभी हमने दिखाया था कि इसमें कोई
02:45कोई फंक्सन नहीं हो रहा था कोई एक्सन नहीं हो रहा था इट वाज जस्ट डेट कमीट
02:50तो कई बड़े पैमाने पर जो है एक रॉप
02:55रोहित बेमूला नाम करकर एक पिटिश्णर है हां जो साउथ के हैं तो उन्हों
03:00पर जो है एक पिटिशन फाइल किया ओनरेवल एपक्स कोई
03:05कोट में सुप्रिम कोट में और उसमें उन्होंने दो तीन साल का जो है रेफरेंस दिया
03:10उसमें उन्होंने दिया कि देखिए दो हजार विकाज वो खुद विक्राइब
03:15विक्टिम थे मामला वही है एक बार राहुल गांदी ने बहुत उटाया तक है उस साल पहले वही है
03:20आप पहले मेरी बास में राहुल गांदी क्या उठाय थे मैं ने जानता हूं लेकिन
03:25मैं अपनी बात रख दो कानून के परिपेक्च में और कैसे यह उपरेटिव
03:30हुआ हुआ है तो वह रोहित वेमुला जो है
03:35उनीस सो दो हजार उनीस में से दो हजार बीस तक
03:40का एक रिपोर्ट दिया है कि 178 जो है मामले जो है
03:45से एस्टी और ओविसी बच्चों के खिलाब गाली गलोज का
03:50यह अलग अलग इंवर्सिटी कॉलेजेज से कंप्लेन आया है
03:55दूसरा फिर उन्होंने एक और डेटा दिया कि दो हजार तीज से दो हजार चौविस
04:00में जो है अचानक वो जो है बढ़ गया वो है आपको
04:05एक एक सो अठतर की जगा जो है तीन सो अंठानवे संख्या हो गई
04:10कहां पर की उन्हों नहीं नहीं किया उन्हों ने एक डेटा दिया
04:15सब डिप्रेंट जो पूरे भारत में अलग-अलग इन्वर्सिटीज कॉलेज जो डिम
04:20इन्वर्सिटी है जो फुल इन्वर्सिटीज है जो और तरह के
04:25जो कॉलेजेज हैं इंस्टिशूशन्स हैं यू नो सबका एक डेटा आर्टी आए के थ्रू जो है
04:30कलेक्शन हुआ तो यू जी सी को फिर जब यहां पर वह पिटिश्टीज
04:35सब्सक्राइशन लेकर आए तो यू जी सी को जो है पर अन्रेबल कोर्ट ने जो
04:40अन्रेबल सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस किया और भोला कि वाई इस तरह कि
04:45जो है गटनाएं बढ़ रही है तो इस तरह की जो बिवेद है
04:50है डिस्क्रिमिनेटरी और अंटेचाबिलिटी से रिलेटेड या किसी कि
04:55के मान मरियादा का डेरोग्रेटिव किसी के जाना किसी के मॉडालिटी को
05:00किसी के अस्तित्व को चाहे मतलब मतलब एक घटिया कहकर बुलाना आए
05:05या उसको घटिये डंग से देखना या उसके जाती सुचक्त सब्द को जो है यूज
05:10करना तो उस पर आप लोग क्या कर रहे हो आकिर जो आपने 2012 में जो कमिटी बनाई
05:15करती वो कमिटी तो काम अगर करती हां तो इतने थाड़े पिटिशन जो
05:20बढ़ रहे हैं सिकायते जो बढ़ रही है वह नहीं होते तो फिर उनको डैरेक्ट
05:25सब्सक्राइशन दिया गया उन्रेबल सुप्रीम कोड को कि आपको आप इसको एक कंप्रिहेंसिव
05:30जो है इसको जाज करते हुए एक बड़ा जो है बढ़ियां से जो है
05:35इसको बनाई है इसको ऐसे करके समझ चाहूं कि सुप्रियम कोड के निर्देस पर इसके बारे हैं
05:40निर्देस पर हुआ है सुप्रिम कोड के निर्देस पर ये जो है दो हजार बारे
05:45का जो इन्वर्सिटी का एंटी डिस्क्रिमिनेशन जो कमीटी बनी है
05:50हुई थे जो लॉब बना हुआ था उसको रिफाइन किया गया सिंबली तो पहले से था
05:55इसा क्या है जो समर समाज के लोग अंदोलन पर उत्रे हुए देखिए है
06:00अब समाज के लोग अंदोलन पर उत्रे नहीं है
06:05उसमें अभी एलेक्शन का माहल यूपी में बेंगाल में इदर उदर तो
06:10सवर्ण समाज केवल भाजपा से ही नहीं जुड़े हुए है या हिंदु तो
06:15काहीं जो लड़ाई लड़ रहा है उससे नहीं जुड़े हैं अन्य अन्य धंक से जो है कई पाटियों
06:20से कॉंग्रेस में भी लाखों करोरो सवर्ण समाज के लोग हैं समझें ना तो वो
06:25जो गेंग है वो काम कर रहा है इसमें अब मैं आपको सिंपल सी बात बता जुड़ाएं
06:30बोला था आप गोल के अपने वहाँ पर आपके बात का रहत समझना चाहता है आप अब आप यह कर दो
06:35कह रहा हो कि यह जो आंदोलन है यह पॉलिटिकल है और इसमें जो समझ
06:40के लोग दिखाई दे रहे हैं वह बीजेपी के साथ वाले ना होकर के कांग्रेव
06:45और बिपक्ची दलों के साथ बाले आप यह यह कहना चाहरा है और मैं आपको बता
06:50दो मैं तमाम उन लोगों से भी कहता हूँ जो किसी भी पॉलिटिकल पार्टी के हो
06:55किसी भी संस्तर के हो कि एक बार जो हिंदी में या इंग्लिस में
07:00या अपनी अलग अलग भासा में सब भासा में यूजिसी का लाव है अब
07:05उसको पढ़ लेजिए और जो नहीं पढ़ सकते हैं मैं उनको जो है मेरे पास
07:10अगर आप कहेंगे तो मैं जो उद्देश क्या है इसका इसको मैं पढ़कर सुना दे
07:15देता हूं जो बारत स्रकार का जो गजट है यूजिसी का गजट में देख
07:20लिखिये साप साप लिखा हुआ है कि धर्म इसमें तो धर्म भी है के वल जाती नहीं
07:25है आप दूसरे धर्म के ऊपर भी कोई जो है डिस्क्रिमिनेटरी यह यह डेरोग्रेटर
07:30जो है रिमार्क्स नहीं कर सकते हैं वह भी है यह जो केवल जो यह हवा हुआ
07:35उठ रहा है ना कि यह जाती की लड़ाई नहीं मैं मैं पड़ता हूं आप मुझे दिया है वही पड़ रहा हूं
07:40इसमें लिकाए धर्म नसल जाती लिंग जन्विस्थान या दिव्यांगता के अधार
07:45पर विशेस रूप से अनुसुची जाती एवन अनुसुची जन्जाती समाजी के वन
07:50सेक्शन रूप से पिछड़े बर्गों आर्थिक रूप से कमजोर बर्गों दिव्यांग जन्वा इन में से किसी भी
07:55के विरुद्ध भेदवा को अनुमूलन करना उच्छ सेक्चर संस्तानों में
08:00सवाल यह कि मैंने इसको पड़ा एक इन्फूजन इसमें मैं गलत भी हो सकता हूं मुझे
08:05आप से सवाल पोचू कि इसमें का विशेष रूप से अनुसुच जाता अनुसुची जाती जन्जा
08:10जाती और आर्थिक और समाजिक रूप से पिछड़े आप उसमें आगे आप यहीं बोला
08:15मैं मैं इसमें आपको मुझे यह बताईए कि अभी तो आर्थिक
08:20रूप से जो पिछड़े लोग है वो सबर्ण भी हैं गरीबी तो सबर्ण
08:25सबर्ण की भी है ना तो उसी को नहीं कहते हैं आर्थिक रूप से पिछड़े उन्होंने विजएस रूप से
08:30वाली बात को तो नहीं समझे ने ने वो तो बिसेश रूप से तो वो भी आ गया है जो सब
08:35सबर्ण में जो गडीब लोग हैं वो लिखा हुआ है तो देखिए ना
08:40आर्थिक रूप से कमजोर बर्ग हो तो अगर आर्थिक रूप से कमजोर बर्ग सवर्ण
08:45भी है तो उनके गरीबी के खिलाब कोई मजा कुराता है तो वो भी एक
08:50किशू है कोई दिव्यांग है कोई लंगा है लो रहा है आख का कना है
08:55वहरा है गुंगा है या कुछ तरह आने तरह से जो है आनेबल है इनकाप्पिटेट्ट
09:00या डिपरेंट लिट्ली अबर्ग को लेके भी काभी मजाग बनागा है वो है
09:05है तो उससे उनके खिलाब भी कोई डिस्क्रिमिनर वो तो कोई भी जाती का कोई भी दर
09:10कर्म का हो सकता है नहीं मुझे यह बताई है कि कोई भी अंधा बहरा गुंगा
09:15लंगड़ा कोई भी जाती कोई धर में हो सकता है फिर इसमें है कि आप
09:20को है नसल नसल में क्या होता है कि काले गोड़े का भी वह बिवेद होता है
09:25उच नीच का भी वह दोता है जैसे आपको
09:30को देखिए जो नॉर्थ इस्ट की जो बचिया इधर दिल्ली उल्ली में आती है तो उसके इन्वर्सिटी
09:35में लड़के लोग उसको चिढाते हैं ओई पिंकी ओई चिंकी ऐसे करते हैं
09:40करते हैं कि नहीं तो जब उस पर जो चोट लगा कई लोगों ने जो है
09:45कहीं लोगों ने जब उसको कहा कि भाई यह दिस इस वेरी रॉंग
09:50डेरोग्रेटिव कि कोई आदमी नौर्थ इस से आता है तो उसको चिंकी कहकर पुका
09:55यही तरह की कई बारदाते जो है जब सक्षकार के सब्सक्राइब
10:00संग्यान में गई कि भाई जो है यह जो बच्चे गाउं-गाउं से पुरे भाड़
10:05सब्सक्राइब चाहरत से सबी इनवर्सिटी में हाइयर स्टेडिज में आते हैं तो वह अपने
10:10को जो है को ज्यादा पढ़ा लिखा या ज्यादा स्मार्ट या ज्यादा
10:15अपने ढंग से जो है दिमागी समझ रते हैं जो मतलब कर दो
10:20बैकोर्ट बैक्ग्राउंड का है तो उसको गाली गलोच करते हैं आपकी वाद आपने काफी
10:25की अच्छे से एक्स्प्रेयन कर दिया पर एक सवाल यह था कि वह जो मैं अंदोलन
10:30में उठे सवालों को आप से एक्स्प्रेयन कर वा रहा हूं इसके दियर यह मेरा इसमें अलग क्या है वो अलग बात है
10:35उसमें बात यह कही कि ठीक है अगर यह बात है मैं आपकी बात मान लूँ तो उनका कर दो
10:40सवाल यह था कि जो कमेटी बनाई जा रही हम हम उस कमेटी के अंदर अगर यह
10:45प्रेदबाव वाली सिर्फ बात है तो उसके अंदर कोई भी समण जाती का एक भी
10:50सदस क्यों नहीं रखा जा रहा है ने बिलकुल मैं इसके लिए जो मैंने भी आँडर
10:55जो अनुरेवल जो प्रदान कर दो
11:00मंत्री शाहब हैं और जो कंसर्ण ऑफिशर्स हैं और अनुरेवल
11:05मैं चिप जिस्टिस से भी मैं कहता हूँ कि अगली इस पर एक कोई पिटिशन पढ़कर सुनवाई होती है
11:10तो इसमें यह डारेक्शन दिया जाए कि इस कमीटी पूरे जो है
11:15कमीटी में दो जो है अमूल चुक परिवर्थन लाया जाए एडिशनल क्लाउस
11:20जोड़ा जाए पहला क्लाउस यह जोड़ा जाए कि एक कम्प्रिहेंसिव कमीटी की जोड़ा जाए
11:25के बात हो रही है समझे ना और इतने सारे जब धर्म बैथा और
11:30और सारी जो इशूच को लिया जा रहा है समझे ना तो उसमें
11:35जो है या तो अलग-अलग धर्म से भी लोगों को दीजिये जगा
11:40और जो सवर्ण कास्ट के लोग हैं चिंतन चिंतन हाँ जो चिंतन
11:45हैं उनको भी उसमें कमीटी में मेंबर बनाएए समझे ना महिला पुरुष दोनों
11:50को समझे ना पलस एक लाउज और उसमें इंक्लूड
11:55कीजिये जो अगर कोई विक्ति जूठा कम्प्लेंट ने ने ने लिए अगर कोई विक्ति जूठा कम्प्लेंट
12:00करता है समझे ना तो वो जूठा कम्प्लेंट अगर जाच के बाद
12:05असत्य पाया जाए गलत पाया गया फॉल्स पाया गया तो
12:10उनके खिलाब भी उसी तरह का जो है चार्जेस चलेगा
12:15जो जो जो जो जो रॉंग डूर के साथ चलेगा लाकिश में संसुर्ण
12:20संसुधन की आवश्यक्ता है संसुधन हो जाए तो अति उत्तम है और एक बैलेंस हो जाए विक
12:25कॉज यह कानून जो है एक्विटी की बात करता है एक्वैलिटी की बात करता है संसुधन
12:30समानता की बात करता है कि एक दूसरे को प्रतिष्ठा में समानता दीजिए एक
12:35दूसरे को डिस्क्रिमिनेटरी या डेरोग्रेटिव वर्ट्स नहीं उच किजिए यू नो तो इस
12:40इसी लिए दो इसमें संसोदर होने जो सीनियर एड्वोकेट है सुप्रिम कोट
12:45कुमार जीनों ने इसको काफी स्पस्ट किया है और कहा है कि इसमें थोड़े संसोदन के लिए वह
12:50भी कहेंगे वह शंसोदन यह होगा कि जो कमेटी बन रही है उसमें सभी धर्व
12:55जाती सवन भी जो चिंतित हैं उनको भी शामिल किया जाए ताकि वह चिंता
13:00भी दूर लेकिन इसके राजनेतिक परणाम भी आपको काफी देखनों को मिल रहा है उथल पथल भी आपको दिखाई दे रही है
13:05हाला कि वक्त बताएगा कि यह उट किस करवट बैठेगा फिलाल सुप्रिम कोर्ट से
13:10कैमेरा परसन आसीस ठाकुरकता शिवेंद गौल वन इंडिया दिल्ली
13:15सबस्राइब न इंडिया एंडिया घर किस्था एंडिया झेया एंडिया
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