00:00शिब का बर्दान जो स्वे मृत्यू बन गया कुछ बर्दान आशिवान नहीं होते बे मृत्यू का निमंतिर होते है हिमाले की एक सुनसान गुफा में जहां आज भी सूरज की रोशनी नहीं पहुंसती महा तब कर रहा था एक असुर बक्कासुर उसका शरी सूख चुखा थ
00:30उसी सन बसम हो जाए शन बर के लिए केलाश मोन हो गया नंदी कांप उठा पर बोले नाथ ने भरदान दे दिया अगले ही पल बक्कासुर की आंखे लाल होगी बेहस्ता हुआ बगवान शिपकी और भड़ा पहली बार मरित्यू श्वें सिपका पीशा करे ती दिशाय कां�
01:00जाद रखना शक्ति जब हंकार से मिलती है तो देबता भी सुरक्षित नहीं रहते अगर तुम्हें पुरानिक ड्रावनी कहानिया पसंद है तो जे वीडियो आखरी वीडियो मत समझना
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