00:00अगर भगवान तुम्हारी प्रिक्षा ले रहे हैं तो समझ लो तुम्हें तोड़ने नहीं बनाने वाले हैं
00:07कहते हैं पराचिन काल में एक सादक था उसके पास ना दन था ना पहचान थी बस एक सवाल था मेरे साथ ही सब गल्त क्यूं होता है
00:18हर दिन मेहनत करता हर दिन असफल होता एक रात उसने इश्वर से पूशा प्रभू जब मैं सही रास्ते पर हूँ तो कांटे ही क्यूं मिलते हैं तब ही एक अवाज आई क्यूंकि सोना आग में ही तब कर सुद होता है
00:33अगले दिन फिर वही संगर्श आया पर इस वा सादक रुका नहीं उसने दुख को बहाना नहीं सीड़ी बना लिया
00:42समय बीटा गया वही सादक वही इंसान पर अब उसमें धहरे था आतम विशवास था और सबसे बड़ी ताकत खुद पर विशवास था
00:52लोग पूछने लगे तू इतना मजबूत कैसे बन गया बे मुस्कुरा कर बोला जब बगवान ने मेरी मदद नहीं की तो उन्होंने मुझे मजबूत बना दिया
01:02जाद रखना बगवान तुमें असान जीवन नहीं देते वह तुमें उस जीवन के लायक बना देते है अगर आज तुमारी जिंद्धी कर्ठीन है तो डरना मत क्यूंकि जही संगर्ष तुमारी कहानी बदलने वाला है
01:17जै जीवन जै संगर्ष
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