00:00अतिहास गवा है बड़े काम हमेशा बड़े लोगों से नहीं बलकि सचे इरादों से होते हैं जब बगवान राम समुंदर पर सेतु बना रहे थे बहां बानर बिशाल पत्थर उठा रहे थे तब ही एक शोटी सी गलहरी आई अपने नन्ने पैरों से रेत लाती और पत्थरो
00:30अकार से नहीं समर्पन से आका जाता है उन्होंने गहलरी को उठाया और उसकी पीट पर तीन उंगलियों के निशान शोड़ दिये बगवान राम ने कहा जो अपनी शमता से पूरा देता है बहीं सबसे बड़ा जोदा होता है आज अगर हम तुम खुद को शोटा समझते हो
01:00जे शी जी डाम
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