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  • 6 days ago

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Transcript
00:00बड़ी बहु वर्सिस छोटी बहु
00:02भाई जो अच्छी बहु है वो तो अच्छी ही रहेगी और जो बुरी उसका ग्या कहना
00:09लेकिन क्या हो कि दोनों ही बुरी हो और बनने की कोशिश करें अच्छी
00:14माजी ये लिजी आपका चश्मा और ये रहा तेल
00:20कैसी बात करें ये माजी ये तेल मैंने अपने घर से मंगाया है
00:29वो आपके घुटनों में दर्द रहता है ना
00:32इसलिए मैंने माँ से कहके आपके लिए एक बड़ी आतिल मंगाया है
00:35घुटनों पर लगाती ही आपका दर्द चला जाएगा
00:38है सच्ची तब तो मुझे एक बार लगा कर देखना ही होगा
00:43माजी आप बोले तो मैं लगा दूं क्या
00:46अरे नहीं नहीं बहू बार मैं लगा लूंगी मैं
00:49माजी अब मैं आही गई हूँ तो लाइए ना मैं मालिश कर देती हूँ
00:53आपको आराम मिलेगा
00:55वैसे जिठानी जी, ऐसे तेल बहुत मिलते हैं
00:59इसका मतलब ये तो नहीं कि हर तेल असर करता ही है
01:03मा जी, आप ये छोड़िये और आप इन दवाईयों को खाईए
01:07सोना अबहू, ये किस चीज़ की दवाई है?
01:12मा जी, ये विटमिन्स की दवाई है
01:13ये दर्द कम करने में मदद करेगा
01:16तुम दोनों ऐसा करो, इनको यहीं रख दो और अंदर जाकर काम करो
01:21सोना और मोना अंदर चली जाती है, शाम को
01:25बहू, जल्दे से खाना परोस्दे बहुत भूख लगी है
01:29हाँ मा जी, क्यों नहीं, आज का खाना सब आपकी पसंद का बना है
01:35वाँ, भाभी, आज क्या ममी का बोटे है, जो आपने सारा खाना ममी की पसंद का बनाया है
01:42वैसे लग रहा है कि आप दोनों में कोई कॉमपिटिशन चल रहा है
01:47मा जी आप ये खाना छोड़िए
01:49ये सब आपकी सिहत के लिए ठीक नहीं है
01:52इस खाने में बहुत तेल और मीठा है
01:54जो आपकी सिहत पर बुरा असर डाल सकता है
01:56आप ये खाएए
01:57ये एक्तम हेल्दी है
01:59ये क्या है मोना बहू
02:01मा जी ये हरी सबजी, रोटी और सलाद है
02:04जो आपके लिए एक्तम ठीक और अच्छा है
02:07भाबी जरा हमारी तरफ भी ध्यान दीजिए
02:12घर में मा के अलावा और लोग भी है
02:14यहाँ कोई बेस्ट बहू का कॉम्पेटिशन नहीं चल रहा
02:18जो आप लोग मा को इंप्रेस कर रहे हो
02:21ये आपको कैसे पता?
02:24मतलब, नना जी ये आप क्या बोल रही है
02:28हम ये सब मा जी को इंप्रेस करने के लिए थोड़ी न कर रहे है
02:31और ना ही उनकी नजरों में उच्छने के लिए
02:34हम तो ये सिर्फ हमारी प्यारी से सासुमा के लिए कर रहे हैं
02:38उनके अच्छे के लिए कर रहे हैं
02:40बड़ी आई, इनका तो पता नहीं
02:43लेकिन मैं बस यही चाहती हूँ कि माजी जैसी भी रहें
02:45खुश और तंदुरस रहे
02:47आप दोनों को देख कर तो ऐसा लगता नहीं
02:50ये सब छोड़िये मेरे लिए भी खाना परोज दीजी
02:53आहां, नहीं तो खाना ठंडा हो जाएगा
02:56कुछ दिनों बाद, सिर्फियों से गिरने की वज़े से सास के पैर में मूच आ जाती है
03:02कैसी है माजी?
03:04क्या कहा डाक्टर ने, माजी कुछ ज्यादा चोड़ तो नहीं आई न?
03:09तुम कुछ बोल क्यों नहीं रही हो? हमें माजी की चिंता हो रही है
03:13पाबी, अगर इतनी ही चिंता हो रही थी, तो आप मा को देखने, उनका खयाल रखने के लिए हॉस्पिटल क्यों नहीं आई?
03:22वो मुझे लगा, तुम और देवर जी और ये हॉस्पिटल में है, तो घर का खयाल रखने के लिए भी तो कोई होना चाहिए
03:29और वैसे भी मैं घर की बड़ी बहू हूँ, सोना तो इतना ज्यादा जानती भी नहीं है ये घर की चीज़ों के बारे में
03:34बस, मुझे और कुछ नहीं सुनना
03:37डॉक्टर ने मा को कुछ दिनों के लिए बेडरेस करने के लिए बोला है
03:40और ये मा की दवाईया है, टाइम पर देने को कहा है
03:44लाओ, मा को दवाई टाइम से देना भूलना नहीं
03:49और हाँ, रोज रात को हम में से किसी एक को मा के साथ रुकना होगा
03:53अरे लेकिन वो क्यो?
03:56मा को रात को प्यास लगी या वाश्रूम जाना होगा तो?
04:00अहाँ, ये तुम सही बोल रही हो
04:02लेकिन मुझे तुम माफ कर दो, मैं नहीं रुक पाऊंगी
04:05तुम तो जानती हो, मुझे अपने बैट के सिवा कई और नीन दी नहीं आती
04:09अब मैं क्या कह रही थी?
04:12कि तुम ही रात को माजी के साथ सोजाओ ना
04:15तुम्हारी मा है, तुम्हारी सिवा उनको कोई अच्छे से कैसे समझ सकता है
04:20और तुम उनके साथ रहोगी तो उनकी जरूरतों का खायल अच्छे से रख पाऊगी ना?
04:25वो तो मैं रुकी जाती
04:27लेकिन बस मैंने पूछा, क्योंकि सारा दिन मैं ही तो थी
04:31सोचा रात को आराम करलू, पर कोई बात नहीं, ठीक है, मैं मा के साथ रुकूंगी
04:36हम्हारी मैं अच्छे हुआ, मैंने इसे रुकने के लिए बोल दिया
04:40रात को कौन अपनी नेंद बर बात करे?
04:43घर पर दो-चार मिनिट के लिए शौफ तो फिर भी कर लेती हूँ
04:46लेकिन रात भर अस्पताल में ना जी ना
04:50सही कहा, उपर से सुबह भी इतनी जल्दी उठना पड़ता है
04:54चलो अब सो जाते हैं, अपनी मा का ख्याल खुद को ही तो रखना होता है
04:59कुछ दिनों बाद, जब सास पूरी तरह से ठीक हो जाती है
05:03अच्छा हुआ, मा जी अब जल्दी ठीक हो गई
05:06आप नहीं जानती मैं कितनी परेशान थी
05:09सारा सारा दिन भगवान की सामने जाब करती रहती थी आपके लिए
05:13परेशान क्यों, तुम तो मुझे एक बार ठीक से देखना तो दूर
05:18पूछने के लिए तक नहीं आई, परेशान कैसे हुई
05:22आप ये क्या बोल रही है, आप नहीं जानती मुझे आपकी कितनी चिंता हो रही थी
05:29मा जी आप सही कह रही है, इसको आपकी चिंता होती तो ये आपको देखने आती
05:34पर ये आपको देखने नहीं आई
05:36असली चिंता तो मुझे हो रही थी आपकी
05:39माँ आपको यू ठीक होता देख
05:42मुझे कितना अच्छा लग रहा है
05:43मैं आपको बता नहीं सकती
05:44मोना भावी
05:46आप माँ को देखने आ भी गई
05:49तो आपने कोई बड़ा काम नहीं किया
05:51आप बसाती थी
05:52मा का हाल चाल पूछती थी
05:54और फिर चलते बनती थी
05:56इसकी आलावा आपने और कुछ किया क्या
05:59वैसे तो मैं जब तक ठीक थी
06:02मुझे तुम दोनों की ज्यादा जरूरत नहीं थी
06:05तो तुम दोनों मेरे इर्दगिर्द मंडराती रहती थी
06:08लेकिन जब मुझे तुम दोनों की सबसे ज्यादा जरूरत थी
06:12तो तुम दोनों ने मेरा साथ छोड़ दिया
06:15बहु ये दिखावा नहीं तो और क्या है
06:18हाँ मा आप एकदम ठीक बोल रही है
06:21ये बस आपको हम सबको दिखाने के लिए
06:24अच्छी बहु का नाटक करती थी
06:26नहीं नहीं मा जी
06:27अरे बिल्कुल नहीं मा जी
06:29मुझे सच में आपकी चिंता थी
06:31बहु अगर चिंता होती तो मेरे बुरे समय में
06:35तुम दोनों कहा थे
06:36ये कैसी चिंता है जो बुरा समयाने पर दिखता ही नहीं है
06:40बहु मैं चाहती हूँ कि तुम लोग दिखावे के लिए मेरी चिंता मत करो
06:44करनी है तो सच्ची में करो
06:47इससे मुझे भी अच्छा लगेगा और तुम लोगों को भी
06:51सोना और मोना को अपने किये पर पच्छतावा होता है
06:55और वो अपनी साथ से माफी मांगती है
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