00:14ठीक है भाई, लेकिन जल्दी करो, लाइफ में इतना स्ट्रेस हो गया है, कि कुछ दिन का रेस तो बहुत जरूरी बन गया है।
00:21राजकार शाम को फोन आता है राहुल के पास।
00:23राहुल मैंने टिकेट बुक करवा दिया है, आज शाम की ही बस है, जल्दी से सामान पैक कर लो।
00:29ठीक है ठीक है, सामान दो मैंने पहले ही पैक कर लिया है, अब तो बस शाम का इंदिजार है, जब हम बस पकड़ेंगे और निकल पड़ेंगे धरमशाला की और।
00:37शाम को दोनों दोस्त बस स्टॉप पर मिलते हैं और फिर वहाँ से निकल पड़ते हैं शिमला की और।
00:42सुबह होते होते ये दोनों दोस्त शिमला पहुँच गये, जहां ये होटल पहुचें और वहाँ से निकल पड़े पहाड़ों पर घूमने।
00:49राज यहाँ पहाड़ों पर कितना सुकून है ना दूर दूर तक सिर्फ और सिर्फ पहाड़ी है और गुमने आये लोग भी यहाँ कितनी भस्ती कर रहे हैं
00:59हाँ भाई यह तो है चलो कुछ खा ले हैं
01:02दोनों एक रेस्टोरेंट पे पहुँच गए वहाँ इनकी रेस्टोरेंट चलाने वाले लड़की से दूस्ती होगी जिसका नाम जितेंद्र था
01:09जितेंद्र तुम याद कब से हो और रेस्टोरेंट खोलने का प्लान कैसे बनाया
01:14और अब भायो मैं तो यहीं का हूँ, बस बाहर कुछ साल के लिए गया था नौकरी के ने, पर फिर लोट आया और अपने यहां ही रेस्टोरंट खोल लिया, पिछले छे साल से यहीं पर हूँ
01:25अरे लेकिन जितेंद्र एक बात तो बताओ, रेस्टोरंट ही क्यों, कुछ और काम क्यों नहीं
01:30और भाया, अपना तो यह मानना है, कि आदमी दुनिया में कहीं भी हो, लेकिन उसे भूग तो लगेगी ही, और इसके लिए उसे खाना तो चाहिए ही, यानि यह धंदा कभी मंदा नहीं परता, इसलिए यह काम शुरू किया था
01:43लेकिन इस काम में क्या मुनाफ़ा भी होता है, या फिर बस ऐसे ही काम चल रहा है शौक याना तोर पर
01:49अरे क्यों नहीं बैया काम तो हुई रहा है और मुनाफ़ा नहीं होता तो ये दस लोगों का स्टाफ कैसे रख लेता वैसे आप भी क्यों नहीं इस बिसनिस में हाथ आजमाते हो
02:00हाँ आइडिया तो अच्छा है लेकिन हम लोग तो सिर्फ यहां गुमने आये हैं और हमारे पास इतने पैसे भी नहीं है
02:06अर अपासो के चिंदा क्यों करते हो सिर्फ पाच लाख रुपए लगा कर भी आप काम शुरू कर सकते हो
02:12अच्छा वो कैसे अरे आप रेस्टोरंट में मेरे पार्टनर बन जाएए जो मुनाफा होगा वो आधा आधा बाट लेंगे
02:19राज को ये सुनकर अच्छा तो लगा लेगिन राहूल को इस ओफर में कुछ दिक्कत लगी
02:24उसने कोने में ले जाकर राज को समझाना शुरू किया
02:27अरे राज पागल मत बन हम सिर्फ यहां घूमने आये हैं यह ओफर के चकर में क्यों पढ़ रहे हो
02:33कुछ काम शुरू ही करना होगा तो दिल्ली में शुरू करेंगे
02:36यहां शिमला में क्यों अरे बेखुफ दिल्ली में पाच लाख रुपे में कौन सा काम शुरू करेंगे
02:42यहां शिमला में इतने कम पैसों में काम शुरू कर लेंगे
02:45और एक साल में मुनाफ़ा लेकर वापस भी चले जाएंगे
02:48अरे भाई तुम्हें जो करनाय करो
02:51लेकिन मैं इस बिजनस में तुम्हारा साथ नहीं दे सकता
02:54याद रखो हम यहां सिर्फ घूमने आए हैं
02:56कोई बिजनस करने नहीं
02:58और इस जितेंद्र पर वैसे भी मुझे ज्यादा भरोसा नहीं हो रहा है
03:01अरे तुम्हारी यही ता दिक्कत है
03:03तुम्हें किसी पर भी भरोसा नहीं होता
03:05लेकिन मुझे तो है
03:06मुझे पता है कि इतने कम पैसों में
03:08मुझे जितेंद्र अपना बिजनस पार्टनर बना रहा है
03:11अरे लेकिन क्या गारंटी है
03:13कि पैसे लेने के बाद
03:14जितेंद्र तुम्हें बेवकुफ नहीं बनाएगा
03:16अरे मुझे तो है
03:17मैं कुछ नहीं जानदा
03:19मुझे सर्फ ये पता है कि
03:20जितेंद्र मेरे बारे में ज्यादा ना जानते हुए भी मुझे तो लग रहा है कि इसके पीछे उसकी मनशा ठीक नहीं है
03:28पाकी तुम्हें जो ठीक लगे वो करो मैं तो आज शाम की ही बस से वापस जा रहा हूँ
03:33ठीक है तुम चला जाओ लेकिन याद रखना कि आज के बाद मुझसे कभी बात करने की कोशिश मत करना
03:38रहुल गुस्से में वहाँ से चला जाता है दूसरी और राज और जितेंद्र साथ में मिलकर काम करने लगे
03:44राज ने अपने घर से पांच लाख रुपे ये कहकर लिए कि जल्द ही वो दो गुने पैसे कमा कर छे मैंनों में लोटा देगा
03:52कुछ दिनों बाद
04:14आप तुमने मुझे काम पर रखा है अरे मैं तो तुम्हारा बिजनस पार्टनर हूँ
04:20बड़ा या पार्टनर बनने वाला आखा देखिए अपनी पाच लाख में रेस्टोरेंट खरीद लिया है क्या
04:26ऐसा है तो मेरे पैसे वापस करो मुझे तुम्हारे साथ काम नहीं करता है
04:31अरे पैसे कैसे वो सब तो काम में लगए अब तुम्हे वापस जाना है तो चले जो कोई पैसे नहीं मिलने वाले
04:38राज को अपने साथ होने वाले धोखे का एसास हो चुका था लेकिन तब तक देर हो चुकी थी उसे अपने दोस्त राहुल की याद सताने लगी जिसने पहले ही आगाह कर दिया था कि इस बिजनस में धोखा है लेकिन अब तो देर हो चुकी थी राज को अब कोई रास्ता नह
05:08होश हो चुका था जब उसने आँख खोली तो उसे अपने सामने पूरा परिवार पुरहना दोस्त राहु भी दिखा सभी को देखकर राज की आँख में आसूं आ गए अगर समय रहत है मैं तुम्हारी बात मान लेता तो आज शायद ये दिन ना देखना पड़ता अरे शुक
05:38जोड़ो बस ध्यान रखना कि अच्छा दोस्त आपको हमेशा अच्छी सला देता है इसलिए दोस्तों की सला पर ध्यान देना चाहिए
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