00:00क्या आप जानते हैं कि वारानसी का रोपे प्रोजेक्ट इतना महंगा क्यूं है कि इसकी लागत मंगलियान से भी ज्वादा लग रही है लेकिर इसमें केवल महंगा ही नहीं बलकि इसके पीछे कई तक्निकी और सुरक्षा कारण भी है आज हम आपको इस वीडियो में बताए
00:30रोपवे का हकीकत बन चुका है आपको जिन पहले इसका ट्राइल रन भी शुरू हो गया था जो करीब तीन महीने तक चला था अब यह प्रोजेक्ट लगबग 807 करोड रुपे की लागत से बन रहा है और इसका मकसद है शहर में जाम की समस्या को कम करना और लोगों की आव
01:00इसको रखी गई थी अब उससा में इसकी लागत लगबग 645 करोड रुपे आ की गई थी लेकिन निर्माण आगे बढ़ते बढ़ते अभिया खर्च 820 करोड रुपे तक पहुँच गया है वही प्राधिकरण का कहना है कि इन तुलना का कोई आधार नहीं है प्राधिकरण
01:30कैंट रेल्वे स्टेशन को गदोलिया चौक से जोड़ेगा और अभी कैंट से गदोलिया पहुचने में 45-50 मिनट लग जाते हैं लेकिन रोपवे शुरू होने से सफर सर्फ 15 मिनट में पूरा हो जाएगा
01:42में किराय को लेकर फिलाल अभी तक फैसला नहीं हुआ है लेकिन अधिकारियों का कहना है किसे सस्ता और आम लोगों के लिए किफायती रखा जाएगा
01:49में रोपवे के तीन स्टेशन कैंट विद्डापीट और रथयात्रा बनकर तयार है अब इन स्टेशनों पर यात्रियों के सुवधा के लिए लिफ्ट, आटोमेटिक को सीडियां, वीलच्वियर, रैम, शौचाले, पार्किंग और खाने पिने और खरीदारी की भी विवस
02:19और होने के भी गुंजाईश ना हो, अब इस रोपवे की खासियत ये होती है कि पहाडी और भिरभार वाले शहरे इलाकों में कम खर्च में आवाजाही को अरामदायक बनाया जा सकता है, मैं आपको पता देश के पहले अर्बन रोपवे को लेकर सुरक्षा अंतजाम भी प
02:49और वो अगले स्टेशन पर कितनी दूरी पर है, अब इसकी जौनकारी सेंसर तुरंत दे देंगे, वहीं आपको बताते चोले कि भारत के मंगलियान की कुल लागत लगभग स्वारे 400 करोड रुपए बताई गई थी, वहीं इस रोपवे की लागत 807 करोड है, अब इसने ल