00:00ڈاو ڈاور ڈاور ڈدراز گاؤں میں احمد اور کاشف دو مشہور ڈشمن تھے
00:14بچپن میں ایک غلط فہمین دونوں کے دلوں میں ایسا بیج بو دیا تھا
00:19کہ وقت گزرنے کے ساتھ ساتھ نفرت بڑھتی رہی
00:22ڈاور والے بھی جانتے تھے کہ اگر احمد اور کاشف کا آمنہ سامنا ہو جائے
00:27تو لڑائی یقینی ہے
00:28एक दिन गाओं के करीब शदीद तूफान आया
00:31आस्मान पर बादल गरज रहे थे, दरخت गिर रहे थे
00:35और नदी का पानी खतरनाक हद तक बढ़ रहा था
00:38ऐसे में काशिफ की छूटी बहन मसीबत में फंस गई
00:41वो बारिश के जोर में नदी के पास फंस गई और चीख रही थी
00:46काशिफ खुद वहां नहीं पहुँच सकता था, रास्ता बंध था
00:50इसे मजबूरना मदद चाहिए थी
00:52लेकिन गाओं में एक ही शख्स था जो इस रास्ते से गुजर कर जा सकता था
00:57एहमद
00:59घर की जिद दुश्मनी और पुरानी नफरत सब एक तर्फ
01:03काशिफ ने हिम्मत की और एहमद के दर्वाजे पर जा पहुँचा
01:07एहमद ने दर्वाजा खोला तो सामने काशिफ को देख कर चौंग गया
01:11काशिफ ने कहा
01:13आज दुश्मनी भूल कर मदद मांगने आया हूँ
01:17मेरी बहन खत्रे में है
01:19एहमद ने एक लमहा भी ना सोचा
01:22इसने बारिश में दौर लगाई और जान हथिली पर रख कर काशिफ की बहन को बचा लाया
01:27लूटते हुए दोनों एक दूसरे के सामने खड़े थे
01:31बारिश रुक चुकी थी मगर उनकी आखों में जजबों का तुफान अभी भी बाकी था
01:36काशिफ ने आहिस्ता से कहा
01:39मैंने तुम्हें हमेशा दुश्मन समझा
01:42पर आज तुम मेरे हीरो हो
01:44एहमद मुस्कुराया
01:46शायद कभी कभार किसमत भी चाहती है कि दुश्मन दोस्त बन जाएं
01:51और यू बरसों पुरानी दुश्मनी एक हकीकत बन कर खत्म हुई
01:55दो दिल बदल गए दो दुश्मन दोस्त बन गए
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