00:01दिपावली का तियोहार केवल रोश्णी और मिठायों का नहीं बलकि अध्यात्मिक और शारेरिक शुद्धी का भी पर्व है।
00:07दिवाली से एक दिन पहले छोटी दिपावली मनाई जाती है जिसे नरक चतूर्दशी भी कहा जाता है और इसका विशेश महत्व है।
00:15इस दिन तड़के सुवे उठकर किये जाने वाला अभ्यंग इसनान सिर्फ एक धार में कर्मकान नहीं बलकि आयरुवेद में वर्नित एक गहराई भरा स्वास्त अनुस्ठान है।
00:45दिवात में शरीर को भीतर से मजबूत करने का काम करती है।
01:15और ये डिटॉक्सिफिकेशन की प्रक्रिया को सक्रिय करता है।
01:19वहीं आरुवेद के नुसार अभ्यंग स्नान सुभा सुरियोदे से पहले करना सर्वोत्तम माना गया है।
01:25इसके लिए तिल का तेल सबसे उत्तम माना जाता है।
01:27क्योंकि वात दोश को संतुलित करता है।
01:29तेल को हलका गुंगुना करें।
01:31क्योंकि गुंगुना तेल त्वचा में आसानी से अफशोशित होता है।
01:35इसे हथेलियों में लेकर पूरे शरीर पर धीरे-धीरे मले।
01:39अभ्यंग हमेशा सिर से शुरू करें।
01:42सिर के मालिस करने से मानसिक तनाव दूर होता है।
01:45और नेंद बहतर होती है।
01:47तेल को 10-15 मिन तक शरीर पर लगा रहने दे।
01:50ताकि ये तोचा के अंदर तक समा सके।
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