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  • 3 months ago

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Transcript
00:00Reels वाली बहु
00:02प्रग्या को Reels बनाने का बड़ा ही क्रेज है
00:05और वो दिन भर Reels बनाती रहती है
00:08खाते, पीते, घूंते, फिरते, घर में, कॉलिज में
00:12Reels बनाने के कारण प्रग्या पूरे कॉलिज में हाइलाइटग है
00:15जहां उसके Reels सभी को पसंद आते हैं
00:18वहीं मनिशा चिंता में डूबी रहती है, एक रोज जब खाते हुए प्रग्या रिल्स बना रही होती है, तब मनिशा कहती है,
00:26एक मिनिट पी चैन नहीं है इस लड़की को, यह नहीं कि खाना तो आराम से खा ले, लेकिन नहीं, अरे थोड़ी देर रिल्स नहीं बनाओगी तो आस्मान नहीं तूट पड़ेगा,
00:36मनिशा की बात का प्रग्या पर जरा भी असर नहीं होता, और वो खाते खाते रिल्स बनाती रहती है,
00:57दिन बितने लगते हैं, और देखते देखते प्रग्या का कॉलेज भी खत्म हो जाता है, आए दिन कोई ना कोई मनिशा को प्रग्या की शादी करवानी का सुचाव दे जाता है,
01:07सब ठीक ही कहता है, प्रग्या की शादी कर देनी चाहिए, अपने घर के काम गाज में व्यस्त हो जाएगी, तो खुदी ये रील्स और नाज गाना बंद हो जाएगा
01:18मनीशा और प्रीद, प्रग्या की लिए एक अच्छा लड़का ढूनने लगते हैं, और दभी विकी का रिष्टा प्रग्या की लिए आता है, जिसने प्रग्या को उसकी रील्स देखकर पसंद कर लिया था
01:31अगले दिन विकी अपने माता पिता के साथ प्रग्या की घर पहुच जाता है
01:35और प्रग्या साड़ी पहने हाथों में चाई की ट्रेलिये उनके सामने आती है
01:40जब विकी को पसंद है तो हमें भी बहुँ पसंद है
01:45बहन जी आप बारात की तयारी कीजिए
01:49मनिशाथ विकी को प्रग्या के कमरे में भेज़ती है
02:01अगया आपके साजन जी हमारे साथ ये रिल्स कम्प्लेट करती तो और भी अच्छा रहता
02:14अच्छा जी अब आ ही गया है तो बना ही लेती हो आपके साथ
02:19दोनों मिलकर रिल्स बनाते हैं
02:23जब भी मीट और तुरंट पोस्ट पे कर देते हैं
02:27फिर विकी कहता है
02:28जब आप साड़ी में चाय लेकर आए
02:30तब मुझे लगा कि कहीं मैं घलत घर में तो नहीं आ गया
02:34आप सही है
02:36दोनों की शादी पक्की हो जाती है
02:40और शादी की दिन भी प्रग्या रिल्स बनाने से चुकते नहीं
02:45यहां तक कि बारात की समय भी नाच्टे हुए रिल्स बनाती है
02:48सभी लोग प्रग्या के तारिफ के पूल बान देते हैं
02:53और प्रग्या नाच्टी, गाती, अपने ससुराल चली जाती है
02:58सब कुछ अच्छा चल रहा होता है
03:00प्रग्ना यहां भे दिन बर हर चीज की रिल्स बनाती रहती है
03:04लेकिन कुछ दिनों के बार जब सुनीता कहती है
03:07बहू, यह रिल्स के साथ साथ कुछ काम भी कर लिया करो
03:13वैसे तुझे और क्या-क्या बनाना आता है
03:16ममी जी वैसे तो सब कहते हैं कि मैं सब कुछ अच्छा बनाती है
03:21लेकिन मुझे लगता है कि मैगी अच्छा बना लेती हूँ हाँ कॉफी भी अच्छा बना लेती हूँ और मुझे तो सबसे अच्छा बना लेती हूँ
03:31हैं अच्छा अच्छा सुनीता अपना माधा पकड़ लेती है और कहती है
03:39बहु कुछ खाना बनाना भी सीख लेती, मम्मी जी मैं लंबी प्लानिंग कर रही हूँ, जल्दी ही मैं इतनी फेमस हो जाओंगी कि मुझे पैसे मिलने लगेंगी, हम दोनों सास बहु राज करेंगी राज, ना कर काम करेंगी, और लोगों की तर लाइन लगेगी हम से मिलने क
04:09के तर तरीकों को सीख लो, प्रग्या मूँ घुमाकर चली जाती है, और तुरंट उसी वक्त एक रील बनाती है, ये देख सुनीता का गुस्सा साथ विया आस्मान पर चला जाता है, और विकी की घर आती ही सुनीता उसे सब कुछ बताती है, विकी भी अब प्रग्या की इन
04:39प्रग्या से कहता है।
05:09अगर तुमने अपना रवया नहीं बदला तो मैं तुमसे दूर चला जाऊंगा।
05:13तुम्हें रिष्टा लेकर आये थे।
05:15मुझे लड़कों की कमी नहीं थी और ना आज है।
05:19विकी दर्वाजा पटक कर चला जाता है।
05:21दीरे दीरे विकी प्रग्या से दूर होता जाता है।
05:25एक रोज मनीशा प्रग्या के सिसुराल उससे मिलने जाती है।
05:29तब सुनीदा उससे कहती है।
05:31बहन जी, अब आई हैं तो कुछ दिन यहां रहकर जाईएगा।
05:36आप ही का घर है।
05:37हाँ ममी, बहुत दिन होगे तुम्हारे साथ एक भी रिलनी बनाई मैंने।
05:42प्रग्या तुरंट अपने फोन में रिल्स आन कर ले।
05:45ये सब मुझ से नहीं होता।
05:49ये भूत अभी तक नहीं उत्रा क्या।
05:51बहन जी, आप कुछ कहती नहीं क्या इसे।
05:54जब आप ही कुछ नहीं कर पाई, तो मैं कर ही क्या सकती हूं।
05:59सास तो वैसी ही बदनाम है।
06:01शाम को घर की लाइट चली जाती है और मनिशा प्रग्या से कहती है।
06:06मेरे घुटनों में बहुत दर्द हो रहा है।
06:09तो लाइट का कुछ इंतसाम करना बेटा।
06:12अच्छा केंडल जला देती हूं ममा।
06:15प्रग्या गाते हुए केंडल जलाती है और खिड़की के परदे के पास रख देती है।
06:20मनिशा जिसे बहुत दर्द हो रहा है वो सो जाती है और प्रग्या हमेशा की तरह अपने रिल्स में लग जाती है।
06:28उदर केंडल की वज़े से परदा आग पकड़ लेता है और मनिशा के कमरे में आग लग जाती है।
06:34सबी भागते हैं और विकी कम्री की आद बुझाने में लग जाता है
06:41लेकिन तब तक मनिशा आधी जल चुकी थी
06:44मनिशा की हालत देख प्रग्या रोने लगती है
06:47विकी मनिशा को तुरंथ होस्पिटल ली जाता है और उसे एडमिट कराता है
06:51विकी प्रग्या से कहता है
06:53देख लिया न, तुम्हारे इस नाज गाने की वज़ा से आज तुम्हारी मा की जान जाते जाते रहे गए
06:59अब पता नहीं तुम और क्या चाती हो
07:01उधर डॉक्टर कहते हैं
07:05इनके हालत बहुत नासुक है
07:06आदे से ज़्यादा चल चुकी है
07:09प्रग्यारोती हुई मंदिर में जाती है
07:11और भगवान के आगे जाकर कहती है
07:14भगवात, मेरी मा को चीक कर दो
07:17मैं कसम खाती हूँ
07:19हाथ से ये रिस बनाना छोड़ दूगी
07:22बस मुझे मेरी मावा बस बिल जाए
07:25दो दिन बीच जाते हैं
07:28और मनिशा खत्रे से बाहर आ जाती है
07:30पेशन्ट अब ठीक है
07:33आप लोग उनसे मिछ सकते हो
07:34सब कोई मनिशा से मिलता है
07:37और प्रग्या सब की सामने अपना फोन तोड़ देती है
07:40मुझे माफ करतू ममा
07:43प्रग्या उस दिन से रिल्स बनाना छोड़ देती है
08:05और पूरी तरह से अपने घर में लग जाती है
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