00:00सावन का महीना भगवान शिव की भक्ती और अराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है
00:08इस दोरान पढ़ने वाले सभी सोमवार का खास महत्व है क्योंकि सोमवार और सावन भगवान शिव को समर्पित है
00:15सावन के महीने में सोमवार का वरत रखने और भगवांशिव की पूजा करने से भक्तों को मनुवांशित फल की प्राप्ती होती है
00:22इसके साथ ही जीवन में खुशाली आती है
00:24इस साल सावन में कुल चार सोमवार पढ़ेंगे जिसमें सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई को पढ़ रहा है
00:31हिंदु पंचांग के मताबिक सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर दशी तिथी को पहला सावन का सोमवार व्रत पढ़ रहा है
00:38वहीं इस तिथी की शुरुवात 14 जुलाई को रात 1 बचकर 2 मिनट पर होगी
00:42साथ ही इसका समापन 14 जुलाई को देर रात 11 बचकर 69 मिनट पर होगा
00:46ऐसे में 14 जुलाई को सावन सुमवार का पहला वरत रखा जाएगा
00:50सावन सुमवार की पूजा विदी के बारे में बात करें
00:52तो सावन सुमवार के दिन ब्रह्म मुरत में उठकर इसनान करें
00:56और साफ सुतरे कपड़े पहने
00:57पूजा इस्तल की सफाई करें और गंगा जल छिड़के
01:00भगवान शिव माता परवती और भगवान गरीश की प्रतिमा इस्थापित करें
01:04वरत का संकल्प लें
01:05शिवलिंग पर सबसे पहले गंगा जल फिर दूद और पंचा मृत चड़ाएं
01:09इसके बाद बिल्व पत्र धतूरा भांग सफेद फूल फल मिठाई और चामलर पित करें
01:15घी का दीपक और धूब चलाएं
01:17ओम नमस्षिवाय मंतर का 108 बार जाप करें
01:19अंत में भगवान शिव की आरती और सुक समृद्धी की प्रारतना करें
01:23वरत के दोरान अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए
01:25ऐसे में सिर्फ फल हारी पर ही वरत रखें
01:28शाम को दुबारा भगवान शिव की पूजा करें और चंदर्मा को अर्ग दें
01:32अगले दिन वरत का बारण करें दान और पूड्य करें
01:35अब ये भी जान लीजे कि किस समय जलबिषेक करना है
01:37हालां कि पूरे दिन शिव पूजन किया जा सकता है
01:40लेकिन विशेश फल की प्राप्ती के लिए
01:42शिव मुरतों में जलबिषेक करना उत्तम माना गया है
01:45इस दिन ब्रह्म मुहुरत सुबा चार बचकर ग्यारा मिनिट से चार बचकर बावर मिनिट तक रहेगा
01:50अभिजीत मुहुरत दोपहर ग्यारा बचकर उनसर मिनिट से बारा बचकर पचपान मिनिट तक रहेगा
01:56इसके साथ ही प्रदोश काल भी जलाबी शेक के लिए ये शुब माना जाता है
02:00फिलाल इस वीडियो में इतना ही उमीद है आपको ये जानकारी पसंद आई होगी
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