00:04कानपुर में सास दमाद की कोर्ट मैरीज इस वक्त सोशल मीडिया पर काफी वाइरल हो रही है
00:09सास दमाद एक ऐसा रिष्टा जिसको बेटे और मा के तौर पर देखा जाता है
00:13लेकिन सवाल अब परिवारिक मोल्यों पर खड़ा हो गया है
00:17ऐसे में आपको ये समझना जरूरी है कि क्या कानूनी अज़ादी की आड़ में अब समाजिक मर्यादाएं खोकली हो रही
00:23है
00:23आखिर ऐसी शादियों को धर्म और कानून की निगा में किस तरीके से देखा जाता है
00:27चलिए इस वीडियो में आपको बताते हैं
00:29दरसल उत्तरप्रदेश के कानपूर जिले से हाल ही में एक ऐसी ख़बर सामने आई
00:33जिसने ना सिर्फ सोशल मीडिया पर संसनी मचा दी
00:35बलकि हमारे समाज की नैतिक और पारिवारिक निव को भी जगजोर कर रख दिया
00:39कानपूर के अकबरपूर थाना छेतर में एक दमाद अपनी ही सास को लेकर घर से फरार हो गया
00:44और दोनों ने कोट में जाकर शादी कर ली
00:46बात सिर्फ इतनी ही नहीं रुकी शादी के बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया
00:50जिसमें वो दुनिया के सामने अपने इस नए रिष्टे को सुईकार करने और समाज से आशिरवाद देने की अपील करते
00:56नजर आ रहे हैं
00:57ये खबर सिर्फ एक अजीब और वरीब नहीं है
01:13सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा रिष्टों में मरियादा और भरोसा कमजोर पढ़ते जा रहे हैं तब ही ऐसी
01:18खबरे बढ़ते दिख रहे हैं
01:19एक और यूजर ने लिखा लड़कों का शौक बडल रहा है लड़कियों की जगा अपनी उनकी माही उनको पसंद आ
01:24रही है
01:31एक और यूजर लिका आज कल दमाद सास वाली खिचुडी ज्यादा पग रही है
01:34आजकर लड़कों को क्या हो गया है, कुछ सोचते ही नहीं, ना ही उम्र दराज होकर भी औरते नहीं समझती
01:40है
01:40एक औरीजन लिखा, एक मा ऐसा भी कर सकती है, यही कलियूग है
01:43एक औरीजन लिखा, किस पर यकीन किया जाए आज के वक्त में, समाज में कोई भी रिष्टा सेफ नहीं
01:48सास के दमाद में रचाई, इसी को कलियूग कहते हैं
01:51दरसल मनुवज्या नजरिये से देखें तो कानपूर का ये केस, रिष्टों में गहरा इमोशनल दिवालियापन दर्शाता है
01:57जब इनसान समाजिक और परिवारिक सीमाओ, यानि सोशल बॉर्णरीज को लंग कर सिर्फ अपनी व्यक्तिकत इच्छाओं को तरजी देता है
02:05तो ऐसे रिष्टे जन्म लेते हैं
02:14अक्सर घर में किसी एक को महसूस होने वाला इमोशनल खालीपन या रोज मर्रा की जिंदेगी में धुनली होती मरियादाएं
02:26इसके पीछे की मुख्य बजा होती है
02:28भारती समाज में रिष्टों की एक बेहत पवित्र और साफ मरियादा तैकी गई है
02:33सास और दमात का रिष्टा मा और बेटे के समान माना जाता है
02:36लेकिन जब एकी छट के नीचे रहते हुए इस रिष्टे की लक्षमन रेका लांग दी जाती है
02:40तो ये गहरे मानसिक और समाजिक संकट की तरफ इशारा करते हैं
02:44कानूनी नजरीय से देखा जाए तो दो बालेग अपनी मर्जी से साथ रहने या शादी करने के लिए पूरी तना
02:49अजाद है
02:50कानून उन्हें इसकी इजाज़त भी देता है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि क्या कानून की इसी आड में हम
02:55उन नैतिक मुल्यों की बली चड़ा देंगे
03:20लेकिन आज के रील और डिजिटल कल्चर ने लोगों को एक अजीब तरह का दुस्सा हस दे दिया है आज
03:25हर विवाद हर अजीब फैसला वाइरल कॉंटेंट बनने की होड में शामिल है जब समाज से लोक लाज या शर्म
03:30का डर पूरी तरह खत्म हो जाता है तो रिष्टों क
03:32ये विखराव और तेजी से बढ़ने लगता है कानपूर की ये घटना कोई पहली बार नहीं हुए इससे पहले भी
03:38ऐसा हो चुका है मनोविज्ञान भी ये कहता है कि जो रिष्टा किसी अपने को गहरा आधाते ने ट्रॉमा दे
03:43कर या समाजिक ताने बाने को पूरी तरह त
03:45रोड कर शुरू होते हैं वो अकसर लंबे समय तक नहीं टिकवाते हैं शुरुवाती अट्रैक्शन या सनक खत्म होते ही
03:51जब समाजिक तरसकार और हकीकत सामने आती है तो ये रिष्टे ताश के पत्तों की तरह पिखर जाते हैं ये
03:57घटनाम सभी के लिए एक रियालिटी च
04:11करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल नभूलें
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