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Role Of Hanuman Ji In Your Life: क्या आप जानते हैं कि हनुमान जी को केवल शक्ति और वीरता का प्रतीक ही नहीं, बल्कि विनम्रता, भक्ति और निस्वार्थ सेवा का आदर्श भी माना जाता है? इस वीडियो में जानिए हनुमान जी के जीवन की अद्भुत घटनाएं—उनका जन्म, सूर्य को फल समझकर निगलने की कथा, श्रीराम से मिलन, समुद्र लांघकर लंका पहुंचना, माता सीता की खोज, लंका दहन और संजीवनी पर्वत लाने का चमत्कार। हनुमान जी की कहानी हमें सिखाती है कि सच्ची शक्ति केवल बल में नहीं, बल्कि भक्ति, साहस, अनुशासन और विनम्रता में होती है। इस वीडियो में: हनुमान जी का जन्म और बाल लीलाएं, श्रीराम के प्रति अटूट भक्ति, लंका दहन की कथा , संजीवनी पर्वत का प्रसंग , हनुमान जी से मिलने वाले जीवन के महत्वपूर्ण सबक. जय श्री राम | जय बजरंगबली .Role Of Hanuman Ji In Your Life: Hanuman Ji Kis Cheez Ke Devata Hai | Oldest Superhero Story

Discover the incredible story of Hanuman, one of the most beloved heroes in Hindu tradition. Known for his extraordinary strength, courage, wisdom, and devotion, Hanuman's life continues to inspire millions around the world. In this video, explore Hanuman's fascinating journey—from his miraculous childhood adventures and meeting Lord Rama to his heroic leap across the ocean, the search for Sita, the burning of Lanka, and bringing the Sanjeevani mountain to save Lakshmana. More than a tale of power, Hanuman's story teaches timeless values of devotion, humility, courage, loyalty, and selfless service.

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~HT.318~ED.120~PR.111~VG.MX~
Transcript
00:02शक्ति का घमंड ग्यान का घमंड सुन्दर्ता का घमंड यहां तक की भक्ति का घमंड भी हिंदू धर्म में एक
00:10ऐसे देवता हैं जो किसी का भी अहेंकार पलभर में चूर कर सकते हैं
00:14वो है संकट मोचन पवन पुत्र रामभक्त हनुमान
00:18कहते हैं जो सव्यक्ति के भीतर घमंड प्रवेश कर जाए उसका पतन तो निश्यती है
00:23आज हम आपको ऐसे ही कुछ अद्भुत प्रसंग सुनाएंगे
00:27जो बताते हैं कि आखर क्यों हनुमान जी को घमंड तोड़ने वाला देवता बताए गया है
00:33महाभारत काल की बात है पांडवों में भीम स्वेम को संसार का सबसे शक्तिशाली योध्धा मानते थे
00:39एक दिन वो वन चले जाते हैं और रास्ते में एक वरद्ध वानर को लेटा पाते हैं
00:44वानर की पूझ रास्ते की बीच में पड़ी थी भीम ने क्रोधित होकर कहा
00:48अरे वानर अपनी पूझ हटाओ मुझे आगे जाना है
00:51वरद्ध वानर ने शांत स्वर में कहा
00:54मैं बहुत बुढ़ा हूँ पुत्र यदि जल्दी है तो तुम स्वयम मेरी पूच को हटा दो
01:08भीम मुस्कुराए उन्हें लगा ये तो मामूली काम है
01:11लेकिन जैसे ही उन्होंने पूच उठाने की कोशश की पूच हिली तक नहीं
01:16उन्होंने पूरी ताकत लगा दी धर्ती काप गई लेकिन पूच नहीं हिली भीम का चहरा बदल गया
01:23अब उन्हें समझ आया कि ये कोई साधारन वानर नहीं तब ही व्रिद्ध वानर ने अपना विराट स्वरूप दिखाया
01:30वो स्वाइम हनुमान जी थे भीम का घमंड चूर हो गया उन्होंने चरणों में गिरकर शमा मांगी
01:37वहीं एक बार अर्जुन को अपने धनोर विद्या कोशल पर बड़ा गर्व हुआ
01:42उन्होंने कहा यदी मैं रामाड काल में हुता तो समुदर पर पत्थोरों का पुल नहीं बानों का पुल बना देता
01:48ये जुनकर हनुमान जी वानर रूप में प्रकट हुए
01:50उन्होंने कहा क्या तुम्हारे पुल मेरे भार को सह पाएगे
01:57अर्जुन ने आत्म विश्वास से पुल बनाया
01:59हनुमान जी उस पर चड़े और पुल तुरंत तूड गया
02:03अर्जुन शर्मिंदा हो गया
02:05फिर भगवान कृष्ण की कृपा से दूसरा पुल बनाये गया
02:08इस बार कृष्ण स्वेम अद्रिश्य रूप में उसे सभाल रहे थे
02:11हनुमान जी समझ गये कि ये सब भगवान की लीला है
02:15अर्जुन को भी समझ आ गया कि सफलता केवल अपनी शक्ती से नहीं मिलती
02:20उस दिन उनका अहंकार भी समाप्त हुआ
02:25एक कथा के मताबिक शनिदेव को अपने प्रभाव पर बड़ा गर्व हुआ
02:29उन्होंने हनुमान जी को चुनोती दी कि वो उन पर दृष्टी डालेंगे
02:33हनुमान जी राम नाम में लीन थे
02:35शनिदेव बार-बार परिशान करने लगे
02:37तब हनुमान जी ने अपनी पूँच से शनिदेव को लपेट लिया
02:41फिर परवतों और चटानों पर उचलने लगे
02:44शनिदेव घायल हो गए उन्होंने शमा मांगी
02:47तब हनुमान जी ने उन्हें मुक्त किया
02:49इसी कारण वाननेता है कि हनुमान जी की उपासना से
02:53शनि दोश शांत होता है
02:55लंका के राजा रावण विद्वान थे
02:58महान तपस्वी थे
03:00लेकिन उसे अपने ग्यान और शक्ति का घमंड था
03:03जब हनुमान जी लंका पहुँचे
03:05तो रावण ने उन्हें साधारन वानर समझा
03:07उसने उनका अपमान किया
03:09पर ना एक अकेले हनुमान ने पूरी स्वर्ण लंका में आग लगा दी
03:14ये केवल लंका दहन नहीं था
03:16ये रावण के एहंकार का दहन था
03:19सबसे बड़ी बात यही है कि
03:21अपार शक्तियों के स्वामी होने के बावजूद हनुमान जी को
03:25कभी अहंकार नहीं हुआ
03:27समुद्र पार कर लिया लंका जलादी संजीव नी ले आए
03:30फिर भी उन्होंने हर सफलता का श्रे श्रीराम को दिया
03:34जब उनसे पूछा गया कि आप कौन है
03:37तो उन्होंने कहा मैं तो प्रभू श्रीराम का दास हूँ
03:40यही कारण है कि हनुमान जी केवल घमंड नहीं तोड़ते
03:43वो विनमरता भी सिखाते हैं
03:46वो संदेश देते हैं कि शक्ति हो तो सेवा के लिए
03:49ज्यान हो तो समाज के लिए
03:51पद हो तो विनम्रता के साथ हो
03:56शक्ति हो तो सेवा के लिए हो
03:58जान हो तो समाज के लिए हो
04:01पद हो तो विनम्रता के साथ हो
04:04क्योंकि घमंड चाहे भीम का हो अर्जुन का
04:07शनिदेव या रामण का उसका अंध निश्चत है
04:10जै श्री राम जै बजरंग बली
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