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मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया है।
नामांकन में कुछ जानकारी छिपाने के आरोप के बाद यह कार्रवाई हुई है।
बीजेपी ने पहले ही उनके नामांकन पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी।
कांग्रेस इसे लोकतंत्र पर हमला और राजनीतिक साजिश बता रही है।
वहीं बीजेपी का कहना है कि नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।
इस फैसले के बाद राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित बदलता नजर आ रहा है।क्या यह सिर्फ तकनीकी गलती थी या इसके पीछे कोई बड़ी राजनीतिक रणनीति है?जानिए इस पूरे विवाद और इसके राजनीतिक असर की पूरी कहानी इस वीडियो में।नोट: विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नामांकन रद्द होने का कारण कथित तौर पर शपथपत्र में एक मामले की जानकारी का खुलासा न करना बताया गया है, जबकि कांग्रेस इन आरोपों से इनकार कर रही है।

The Congress party has suffered a major setback ahead of the Rajya Sabha elections in Madhya Pradesh.
The nomination of Congress candidate Meenakshi Natarajan has been rejected.The controversy erupted after objections were raised regarding disclosures in her nomination affidavit.The BJP had formally challenged her nomination before election authorities.
Congress has termed the move politically motivated and an attack on democracy.Meanwhile, BJP maintains that the decision was taken strictly according to election rules.The development could significantly impact the Rajya Sabha election arithmetic in the state.
Was it a procedural issue or a well-planned political move?Watch this video for a complete breakdown of the controversy and its political implications.

#MeenakshiNatarajan #Congress #BJP #RajyaSabhaElection #MadhyaPradesh #PoliticalNews #BreakingNews #IndianPolitics #ElectionNews

~PR.512~HT.408~ED.520~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00क्या मध्यो प्रदेश में कॉंग्रेस के हाथ से एक और राजसुबा सीट फिसलने वाली है?
00:04क्या बीजेपी ने अपने तीसरे उमीदवार महेश के वाट को मैदान में उतार कर सिरफ एक दाव खेला है या
00:11फिर खेल शुरू होने से पहले ही खतम हो चुका है?
00:14और सबसे बड़ा सवाल क्या कॉंग्रेस की उमीदवार मिनाक्षी नटराजिन का नॉमिनेशन रधोना सिरफ एक तकनीकी गलती है या इसके
00:23पीछे कोई बहुत बड़ी सियासी इंसाइट स्टोरी है?
00:27दर्शकों, आज हम डिकोट करेंगे मध्योप्रदेश की सियासत का वो नया चाप्टर जिसमें भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज
00:35कर दी हैं।
00:36राजसबा चुनाव जो अमूमन नंबर गेम के हिसाब से प्रेडिक्टिबल माने जाते हैं, वो MP में अचानक सस्पेंस और थ्रिलर
00:44फिल्म की तरहा दिल्चस्प हो गए हैं।
00:46चारखन के बाद अब मध्यप्रदेश में कॉंग्रेस की सीट पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
00:53स्पेशल रिपोर्ट में हम समझेंगे पूरा नंबर गेम, बीजेपी की वो सीक्रेड रन नीती और उस ट्विस्ट को जिसने पूरे
01:01चुनाव का पासा ही पलट दिया।
01:04कहानी को समझने के लिए सबसे पहले MP विदान सभा के नंबर गेम को समझना जरूरी है।
01:10इस समय मध्यप्रदेश में प्रभावी विदायकों की संख्या 228 है।
01:14राजसभा की एक सीर जीतने के लिए किसी भी उमीदवार को कम से कम 58 first preference votes की जरूरत
01:22होती है।
01:23अब जरा दोनों पार्टी इसकी ताकत देखिए।
01:26भारतिय जनता पार्टी के पास इस समय 164 विधायक है।
01:30और बीजेपी ने अपने दो बड़े चहरे तरुन्चुग और रजनी शगरवाल की जीत को पूरी तरह से सुनिश्चित कर दिया
01:37है।
01:37इन दोनों को जिताने के लिए बीजेपी को 116 वोट्स चाहिए थे और 164 में से 116 घटा दीजिए तो
01:45बीजेपी के पास बचते हैं 48 एक्स्ट्रा सर प्लस वोट्स।
01:49यहीं पर बीजेपी ने अपना मास्टर स्ट्रोक खेला है।
01:53उन्होंने मच्वा कलियान बोट के अध्यक्ष महेश किवाट को तीसरे उमीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया।
02:00अब महेश कवाट को जीतने के लिए चाहिए 58 वोट्स और बीजेपी के पास बचे हैं 48 यानि बीजेपी को
02:07अपना तीसरे कैंडिडेट के लिए सिरफ 10 और वोट की जरूरत थी।
02:11दूसरी तरफ कॉंग्रेस के पास कुल 63 विधायक है यानि एक सीट के लिए जो जरूरी 58 वोट्स से 5
02:18जादा ही थे।
02:19काइदे से कॉंग्रेस अपनी उमीदवार मिनाक्षी नटरंजन को असानी से जिता सकती थी लेकिन राजनीती में जो दिखता है वो
02:27होता नहीं है।
02:29बीजेपी को अपने तीसरे उमीदवार के लिए जो 10 अतरिक वोट्स चाहिए थे उसकी फिल्लिंग बहुत पहले से सजी हुई
02:35थी। इसमें से दो वोट्स का जुगार तो अलमुष्ट कंफर्म था और बीना से कॉंग्रेस की बागी विधायक निर्मिला साप्रे
02:42और बहु
02:59यानि विधायकों की खरीद फिरौथ हो सकती है। यही वज़े थी कि कॉंग्रेस अपने विधायकों को टूटने से बचाने के
03:06लिए उन्हें तिलांगना या करनाटका जैसे कॉंग्रेस रूल स्टेट्स में शिफ्ट करने की प्लानिंग कर रही थी।
03:12कॉंग्रेस के इतिहास को देखते हुए आठ विधायकों का टूटना कोई बहुत हैरान करने वाली बात नहीं थी। लेकिन हाँ
03:19ये इतना असान भी नहीं था।
03:21लेकिन दोस्तों इस पूरी कहानी में असली ट्विस्ट तब आया जब खबर आये कि कॉंग्रेस प्रत्याशी मिनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन
03:30ही रद हो गया है।
03:32जी हाँ जिस तीसरे उमीदवार को जिताने के लिए बीजेपी को आठ और विदायकों की तोड़ फोड करनी थी वो
03:39पूरी की पूरी लड़ाई ही एक जटके में बदल गई।
03:42बीजेपी ने जो तीसरा प्रत्याक्ष उतारा था वो सिरफ एक ब्लाइंड शॉट नहीं था बलकि एक सोची समझी रणनीती का
03:49हिस्सा था।
03:49मिनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद होना कॉंग्रेस के लिए एक बहुत बड़ा जटका है।
03:54ये दिखाता है कि कही न कहीं कॉंग्रेस के थिंग टांग से स्कूरूटिनी के लेवल पर एक बहुत बड़ी चूख
04:00हुई है जिसका फायदा उठाने के लिए बीजेपी पहले से तैयार बेटी थी।
04:04कुछ डॉक्यूमेंट्स की वज़े से मिनाक्षी जी का नमानकन रद कर दिया गया और अब बीजेपी के लिए ये रहा
04:14बहुत आसान हो गई।
04:34कहीं विपक्षी पार्टी अपने कुणबे को बचाने में इतनी व्यस्त हो गई तब इस तरह की तकनीकी चूक या रणमीतिक
04:42ब्लंडर सामने आते हैं।
05:04फिर बीजेपी के महेश के वाद के लिए दिल्ली का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
05:09मध्यप्रदेश की सियासी विसात पर शाह और मात का खेल खतम हो चुका है या अब कोई नया पन्ना खुलना
05:15बाकी है।
05:16आप इस पूरे सियासी ड्रामे पर क्या सोचते हैं।
05:19क्या एक कॉंग्रेस के मैनेजमेंट की नाकामी हैं या बीजेपी की ओवर स्मार्ट प्लानिंग।
05:24जो भी आपकी राये हैं हमें कॉमेंन सेक्शन में जरूर बताइएगा।
05:27अब दिख रहे हैं OneIndia में हुआ कुर्षकॉषण।
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