00:00क्या मध्यो प्रदेश में कॉंग्रेस के हाथ से एक और राजसुबा सीट फिसलने वाली है?
00:04क्या बीजेपी ने अपने तीसरे उमीदवार महेश के वाट को मैदान में उतार कर सिरफ एक दाव खेला है या
00:11फिर खेल शुरू होने से पहले ही खतम हो चुका है?
00:14और सबसे बड़ा सवाल क्या कॉंग्रेस की उमीदवार मिनाक्षी नटराजिन का नॉमिनेशन रधोना सिरफ एक तकनीकी गलती है या इसके
00:23पीछे कोई बहुत बड़ी सियासी इंसाइट स्टोरी है?
00:27दर्शकों, आज हम डिकोट करेंगे मध्योप्रदेश की सियासत का वो नया चाप्टर जिसमें भोपाल से लेकर दिल्ली तक हलचल तेज
00:35कर दी हैं।
00:36राजसबा चुनाव जो अमूमन नंबर गेम के हिसाब से प्रेडिक्टिबल माने जाते हैं, वो MP में अचानक सस्पेंस और थ्रिलर
00:44फिल्म की तरहा दिल्चस्प हो गए हैं।
00:46चारखन के बाद अब मध्यप्रदेश में कॉंग्रेस की सीट पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
00:53स्पेशल रिपोर्ट में हम समझेंगे पूरा नंबर गेम, बीजेपी की वो सीक्रेड रन नीती और उस ट्विस्ट को जिसने पूरे
01:01चुनाव का पासा ही पलट दिया।
01:04कहानी को समझने के लिए सबसे पहले MP विदान सभा के नंबर गेम को समझना जरूरी है।
01:10इस समय मध्यप्रदेश में प्रभावी विदायकों की संख्या 228 है।
01:14राजसभा की एक सीर जीतने के लिए किसी भी उमीदवार को कम से कम 58 first preference votes की जरूरत
01:22होती है।
01:23अब जरा दोनों पार्टी इसकी ताकत देखिए।
01:26भारतिय जनता पार्टी के पास इस समय 164 विधायक है।
01:30और बीजेपी ने अपने दो बड़े चहरे तरुन्चुग और रजनी शगरवाल की जीत को पूरी तरह से सुनिश्चित कर दिया
01:37है।
01:37इन दोनों को जिताने के लिए बीजेपी को 116 वोट्स चाहिए थे और 164 में से 116 घटा दीजिए तो
01:45बीजेपी के पास बचते हैं 48 एक्स्ट्रा सर प्लस वोट्स।
01:49यहीं पर बीजेपी ने अपना मास्टर स्ट्रोक खेला है।
01:53उन्होंने मच्वा कलियान बोट के अध्यक्ष महेश किवाट को तीसरे उमीदवार के रूप में मैदान में उतार दिया।
02:00अब महेश कवाट को जीतने के लिए चाहिए 58 वोट्स और बीजेपी के पास बचे हैं 48 यानि बीजेपी को
02:07अपना तीसरे कैंडिडेट के लिए सिरफ 10 और वोट की जरूरत थी।
02:11दूसरी तरफ कॉंग्रेस के पास कुल 63 विधायक है यानि एक सीट के लिए जो जरूरी 58 वोट्स से 5
02:18जादा ही थे।
02:19काइदे से कॉंग्रेस अपनी उमीदवार मिनाक्षी नटरंजन को असानी से जिता सकती थी लेकिन राजनीती में जो दिखता है वो
02:27होता नहीं है।
02:29बीजेपी को अपने तीसरे उमीदवार के लिए जो 10 अतरिक वोट्स चाहिए थे उसकी फिल्लिंग बहुत पहले से सजी हुई
02:35थी। इसमें से दो वोट्स का जुगार तो अलमुष्ट कंफर्म था और बीना से कॉंग्रेस की बागी विधायक निर्मिला साप्रे
02:42और बहु
02:59यानि विधायकों की खरीद फिरौथ हो सकती है। यही वज़े थी कि कॉंग्रेस अपने विधायकों को टूटने से बचाने के
03:06लिए उन्हें तिलांगना या करनाटका जैसे कॉंग्रेस रूल स्टेट्स में शिफ्ट करने की प्लानिंग कर रही थी।
03:12कॉंग्रेस के इतिहास को देखते हुए आठ विधायकों का टूटना कोई बहुत हैरान करने वाली बात नहीं थी। लेकिन हाँ
03:19ये इतना असान भी नहीं था।
03:21लेकिन दोस्तों इस पूरी कहानी में असली ट्विस्ट तब आया जब खबर आये कि कॉंग्रेस प्रत्याशी मिनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन
03:30ही रद हो गया है।
03:32जी हाँ जिस तीसरे उमीदवार को जिताने के लिए बीजेपी को आठ और विदायकों की तोड़ फोड करनी थी वो
03:39पूरी की पूरी लड़ाई ही एक जटके में बदल गई।
03:42बीजेपी ने जो तीसरा प्रत्याक्ष उतारा था वो सिरफ एक ब्लाइंड शॉट नहीं था बलकि एक सोची समझी रणनीती का
03:49हिस्सा था।
03:49मिनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन रद होना कॉंग्रेस के लिए एक बहुत बड़ा जटका है।
03:54ये दिखाता है कि कही न कहीं कॉंग्रेस के थिंग टांग से स्कूरूटिनी के लेवल पर एक बहुत बड़ी चूख
04:00हुई है जिसका फायदा उठाने के लिए बीजेपी पहले से तैयार बेटी थी।
04:04कुछ डॉक्यूमेंट्स की वज़े से मिनाक्षी जी का नमानकन रद कर दिया गया और अब बीजेपी के लिए ये रहा
04:14बहुत आसान हो गई।
04:34कहीं विपक्षी पार्टी अपने कुणबे को बचाने में इतनी व्यस्त हो गई तब इस तरह की तकनीकी चूक या रणमीतिक
04:42ब्लंडर सामने आते हैं।
05:04फिर बीजेपी के महेश के वाद के लिए दिल्ली का रास्ता पूरी तरह से साफ हो जाएगा।
05:09मध्यप्रदेश की सियासी विसात पर शाह और मात का खेल खतम हो चुका है या अब कोई नया पन्ना खुलना
05:15बाकी है।
05:16आप इस पूरे सियासी ड्रामे पर क्या सोचते हैं।
05:19क्या एक कॉंग्रेस के मैनेजमेंट की नाकामी हैं या बीजेपी की ओवर स्मार्ट प्लानिंग।
05:24जो भी आपकी राये हैं हमें कॉमेंन सेक्शन में जरूर बताइएगा।
05:27अब दिख रहे हैं OneIndia में हुआ कुर्षकॉषण।
Comments