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देवकीनंदन ठाकुर के बेटे देवांश का Video Viral, कम उम्र में प्रवचन! परंपरा या परिवारवाद?

Devkinandan Thakur Son Devansh Viral Video : प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बेटे देवांश ठाकुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देवांश अपने पिता के साथ मंच पर दिखाई दे रहे हैं, जिसके बाद सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है।

कुछ लोग इसे पारिवारिक धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाने की शुरुआत मान रहे हैं, जबकि कुछ लोग कम उम्र में मंच और पहचान मिलने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। क्या यह प्रतिभा है, पारिवारिक परंपरा है या फिर परिवारवाद? इस वीडियो में हम वायरल वीडियो, सोशल मीडिया रिएक्शन्स और पूरे विवाद को विस्तार से समझेंगे।

A video featuring Devansh Thakur, son of renowned spiritual speaker Devkinandan Thakur, has gone viral on social media. The clip shows Devansh sharing the stage with his father, sparking mixed reactions online.

While some people see it as a continuation of a family spiritual tradition, others are questioning whether public recognition at such a young age reflects talent, legacy, or family privilege. In this video, we explore the viral clip, public reactions, and the debate surrounding it.#DevanshThakur #DevkinandanThakur #DevanshThakurViralVideo #ViralVideo #KathaVachak #SpiritualSpeaker #Hinduism #SanatanDharma #DevkinandanThakurMaharaj #boldsky

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Transcript
00:03इन दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वाइरल हो रहा है जिसमें जाने माने कथा बाचक और संध
00:09देवकी नंदन ठाकूर अपने बेटे देवांज ठाकूर के साथ मंच पर नज़र आ रहे हैं
00:13वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि देवांज भी कम उम्र में धार्मिक मंचों पर भजन और प्रवजन
00:19देना शुरू कर चुके हैं
00:20आलंगी वीडियो कप का है कहा का है और किस आयोजन का है इसकी अभी जानकारी नहीं है
00:26इसलिए वीडियो से जुड़े दावों को अंतिम सत्यमा लेना सही नहीं होगा
00:30लेकिन इस वीडियो ने एक नई बहस जरूर छेड़ दी है
00:33क्या ये परिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाना है
00:36क्या ये एक बच्चे की सौभाविक रूची है
00:38या फिर ये उस बिजनस का हिस्सा है
00:41जहां परिवार की पहचान बच्चों के लिए रास्ता आसान बना देती है
00:45सोशल मीडिया पर लोगों की राय बटी हुई है
00:47एक यूजर ले लिखा कि आज के युवाओं को सिर्फ प्रतियोगी परिक्षाओं पर निर्फर नहीं रहना चाहिए
00:51बलकि अपने लिए दूसरा विकल्ब भी तयार करना चाहिए
00:55उनका कहना था कि हमारे देश में डॉक्टर का बेटा डॉक्टर नेता का बेटा नेता और कई पर भावशाली लोगों
01:00के बच्चे उसी छेतर में आगे बढ़ जाते हैं
01:02दूसरी तरफ लाखों युवा सालों तक पढ़ाई करते हैं
01:18उनके बच्चों को शुरुवात करने में एक स्नैचरल बड़त मिल जाती है
01:22लेकिन क्या सिर्फ मंच मिल जाने से सफलता मिल जाती है शायद नहीं
01:26अगर ऐसा होता तो हर अभी नेता का बेटा सूपर स्टार होता
01:30हर नेता का बेटा बड़ा नेता होता और हर उद्योग पती का बेटा एक सक्सेस्फुल बिजनसमेन होता
01:36कथा वाजिक श्री देवकी नंदन ठाकूर जी महाराज के बेटे देवांच ठाकूर का जब ये वीडियो वारल हुआ
01:42तो लोगों की अलग-अलग राए भी देखने को मिली
01:44एक यूजर ने लिका इसे बोलते हैं शुद परिवारवाद
01:47एक यूजर ने लिका भारत में सबसे अच्छा बिजनस है
01:49पैसा, रिस्पेक्ट सब बड़े से बड़े नेता, अधिकारी, चर्णों में पड़े रहते हैं
02:07एक यूजर ने लिका बच्चों का भी जीवन सेट कर दिया
02:13हालांकि आपको बदा दें कि मंच अवसर दे सकता है, मौका दे सकता है
02:16लेकिन उसे संभालना इंसान की अपनी शमता पर निर्भार करता है
02:20इसी बीच तभी तो यूजर ने लिखा कि बच्चों को शास्त्रों, वेदों और धर्म की जानकारी जरूर होनी चाहिए
02:25ये भी एक महतपूर द्रश्टी कोन है, क्योंकि धर्म और संस्कृति का ज्यान सिर्फ प्रवचन देने के लिए नहीं, बलकि
02:30अपनी परंपराओं को समझने के लिए भी जरूरी माना जाता है
02:33अब आते हैं उस राय पर जो सोशल मीडिया पर सबसे जादा देखने को मिल रही, कुछ लोग कह रहे
02:37हैं कि भारत में कथावाचन और धार्मिक मन्ज सबसे अच्छा बिजनस बन चुका है
02:41यहां समान भी है, लोग परियता भी है और आर्थिक सफलता भी है
02:45सच कहें तो धार्मिक कथावाचन आज एक बड़ा छेतर बन चुका है
02:48लेकिन ये भी उतना ही सच है कि किसी भी छेतर में लंब बक तक समान बनाय रखना आसान नहीं
02:52होता
02:53लाकों लोग कथा सुनते हैं लेकिन हर कथा वाचक लोग पर यह नहीं बन पाता
02:57इसके लिए वक्तव्य कला ज्यान प्रस्तुती और लोगों से जुड़ने की शमता की ज़रुत होती है
03:02मेरी राय में असली सवाल ये नहीं कि देवांज ठाकुर मंच पर क्यों आए
03:06असली सवाल ये है कि क्या उन्हें अपनी पसंद से आगे बढ़ने का मौका मिलेगा
03:10अगर कोई बच्चा अपने परिवारी की परंप्रा को आगे बढ़ाना चाहता है तो इसमें कुछ गलत भी नहीं है
03:14लेकिन साथ ही उसे शिक्षा, समानने जीवन, अनुभाव और अपनी सोतंत्र पहचान बनाने का मौका भी मिलना चाहिए
03:21किसी भी बच्चे का भविश्य केवल परिवार की पहचान से तैन नहीं होना चाहिए
03:24आखिर में बात करें देव किननन ठाकुर जी के परिवार की तो उनके परिवार में उनके माता पिता, पत्नी और
03:30बच्चे शामिल है
03:30उनकी पत्नी का नाम श्रीमती अंसुया देवी और पिता का नाम श्री राजवीर शर्मा बताया जाता है
03:36उनकी पत्नी का नाम अंद माता है
03:38परिवार में एक बेटा और दो बेटियां है
03:40उनके बेटे का नाम देवाज ठापूर है
03:42जो हाल के दिनों में वारिल वीडियो की बज़ा से चर्चा में है
03:45अब फिलाल आप क्या करना चाहेंगे इस पर कॉमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर रखें
03:48वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्स्क्राइब करना बिल्कुल नब बुले
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