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Nana Patekar News Today: नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने बताया कि नाना पाटेकर का निधन हो गया था। परिवार गोवा के लिए निकला है। किसी निजी काम के सिलसिले में नाना गोवा में थे। नाना पाटेकर का पार्थिव शरीर दोपहर के बाद पुणे लाया जाएगा। नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने यह जानकारी दी। दिग्गज अभिनेता के अचानक निधन से पूरा देश शोकाकुल है। बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का आज सुबह 5:20 बजे उनके घर पर ज़बरदस्त कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। 45 मिनट तक लगातार CPR देने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।Nana Patekar News Today: Nidhan Pitru Paksha Me Shubh Ya Ashubh,Pitru Dosh Lagega Ki Nahi ?

Nana Patekar's son, Malhar Patekar, stated that Nana Patekar had passed away. The family has left for Goa. Nana was in Goa for some personal work. Nana Patekar's body will be brought to Pune this afternoon. This information was provided by Nana Patekar's son, Malhar Patekar. The entire nation is mourning the sudden death of the legendary actor. A wave of grief has spread through Bollywood.

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00:02नाना पाटेकर का निधन 8 ओक्टूबर 2026 को सुब़ 5 बचकर 20 मिनट पर हुआ और ये समय पित्रिपक्ष के
00:10दोरान आता है
00:11इसके बाद सवाल उठता है कि क्या पित्रिपक्ष में किसी की मृत्यू शुब मानी जाती है या अशुब
00:16अगर इस दोरान परिवार में किसी का निधन हो जाए तो कौन से नियम मानने चाहिए
00:20धार्मिक मानिताओं के नुसार सर्फ पित्रिपक्ष में मृत्यू होने को अशुब नहीं मानते
00:25पित्रिपक्ष पूरवजों के स्मरण, तरपन और श्राद्ध का समय है
00:29इसलिए इस दोरान मृत्यू होने से डरनी की जरुवत नहीं है
00:32अगर पित्रिपक्ष में किसी का निधन हो जाए तो सबसे पहले अंतेश्टी और मृत्यू के बाद के संसकार परिवार की
00:38परंपरा के अनुसार ही किये जाते हैं
00:40असोच और आगे के श्राद्ध तरपन के नियम भी कुल परंपरा और पुरोहित की सला के अनुसार ही तै होते
00:47हैं
00:47सर्फ पित्रिपक्ष में मृत्यू होने से पित्रिदोश लग जाता है
00:50ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है
00:53इसलिए ऐसी बातों से परिवार को डरना नहीं है
00:56ध्यान रहे पित्रिपक्ष डरने का नहीं
00:58पित्रों को याद करने और श्राद अर्पित करने का समय है
01:02इसलिए दोरान किसी की भी मृत्यू हो जाये तो उसे शुब अशुब के डर से जादा जरूरी
01:07परंपरा के अनुसार, संसकार और दिवंगत आत्मा के लिए प्रात्ना करना जरूरी है
01:12वहीं गरुण पुराण के मताबिक
01:14इस समय वातावरन पूरी तरह से पित्रों और मंत्रों चार से पवत्रों होता है
01:19जिससे मरने वाले जीव की आत्मा को भटकना नहीं पड़ता
01:22और उसे सुगम या मोक्ष गती प्राप्त होती है
01:26ऐसा मानते हैं कि इस दोरान देह त्यागने वाली आत्मा को सीधे अपने पूर्वजों का सानध्य और आशर्वाद भी मिलता
01:33है

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