00:03पित्रों को याद करने और उनके लिए तरपन श्राद करने का खास दिन महालया 2026 सबार शनिवार 10 अक्टूबर को
00:10मनाया जाएगा
00:11इसे सर्व पित्रिय मावस्या भी कहते हैं पित्रिपक्ष की आखरी दिती होती है
00:15इस दिन ऐसे पूर्वजों के लिए श्राद तरपन करते हैं जिनके मृत्य उतिती ग्यात नहों या जिनका श्राद तैती थी
00:21पर नहीं हो पाया
00:22महलया का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं है खासकर के पश्रम बंगाल और पूर्वी भारत में एदिन दुर्गा पूजा की शुरुआत
00:29के सांस्प्रतिक संकेत के तोर पर भी देखते हैं
00:31सुबसुब महिशासुर मर्दनी का पारंपर एक प्रसारण सुनना आज भी कई बंगाली परिवार में महलया की पहचान बना हुआ है
00:39महलया 2016 अमावस्या तिती शहर के अनुसार शाद्द मुहुरत सामगरी और विधी क्या रहेगी आई आपको बताते हैं
00:47अमावस्या तिती की शुरुवात नौ अक्टूबर की रात 9 बचकर 35 मिनट से शुरु होकर 10 अक्टूबर की रात 9
00:53बचकर 19 मिनट तक रहेगी
00:55सर्व पित्री अमावस्या और महलया का पालन 10 अक्टूबर शनिवार को करेंगे
01:00महीं बात करें मूहुरत की तो कुतूप रोहिणी और अपराहन काल का समय कुछ अस्तरा है
01:06कुतूप सुब 11 बचकर 45 मिनट से दोपहर 12 बचकर 31 मिनट तक
01:11रोहिणी 12 बचकर 31 से दोपहर 1 बचकर 18 मिनट तक
01:18तीन बचकर 37 मिनट तक रहेगा
01:21महलया तरपन क्या है और क्यों किया जाता है
01:24दरशल तरपन का मतलब है जल अर्पित करके पित्रों का स्मरण और सम्मान करना
01:28महलया के दिन कई परिवार अपनी परंपरा के अनुसार जल में काले तिल आधि मिला कर पूरवजो का तरपन करते
01:34हैं
01:34इसका उदेश केवले कर्मकान्ड पूरा करना नहीं वलकि पूरवजो के प्रती क्रतग्यता और समरण व्यक्त करना है
01:41तरपन की विदी अलग-अलग शेत्रों और परिवारों में अलग हो सकते
01:45इसलिए किसी दूसरे परिवार की विदी को अपनी परंपरा में जियों कते हों अपनाने की बजाए
01:49परिवार के पुरोहित या अपने स्थानी या परंपरा का पालन जरूर करें
01:54फिलाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें