00:00प्रिश्नाय वाशु देवाय हरे परमात्मने प्रणतह क्लिश नाशाय गोविंदाय नमोनमा
00:06नौ या दस अक्टूबर शर्म पित्री अमावश्या कब है और आज के दिन स्राद्ध तरपन इत्यादी कैसे करना चाहिए इसी
00:18विशय पे करेंगे चर्चा
00:19तो श्पित्र पक्ष के शमापन की तिथी को हिंदू धर्म में अत्यनत ही सुब माना जाता है और इसी दिन
00:28पूर्वजों की बिदाई प्रथवी से की जाती है
00:38अपको नहीं पता है तो आज उनका स्राद्ध करने से उनको वह स्राद्ध का फल प्राप्त होता है क्योंकि अमावस्या
00:49तिथी को शर्भ पित्री अमावस्या के नाम से जानते हैं
00:54अगर आप किसी भी वजय से पुर्वजों की तिथी वाले दिन स्राद्ध उनका नहीं कर पाए हैं, आपके पास समय
01:03नहीं था, आप भूल गए हैं, तो आपको आज के दिन उनका स्राद्ध संपन्न करना चाहिए.
01:12हर साल आश्विन महिने की अमवश्या तिथी को शर्व पित्री अमवश्या के नाम से जाना जाता है, यह सारदी नौरात्र
01:22आरंब होने के एक दिन पहले पावन पर्व मनाया जाता है, इस तिथी पर तरपन के साथ साथ दान पुन्न
01:32का विशेश फल भी बताया गया है.
01:34आप आज के दिन किशी पवित्र नदी में इश्नान करिएगा और वहाँ पर रहने वाले ब्रह्मोनों को आप भूजन इत्यादि
01:45कराईएगा.
01:46इस साल अमावस्या तिथी पर सुब मुहुर्त भी हो रहे हैं और अमावस्या तिथी 10 अक्टूबर सनीवार को मनाई जाएगी.
01:57इसी दिन सर्व पित्र विसरजन भी किया जाएगा.
02:02तो अमावस्या तिथी प्रारंब कब हो रही है? 9 अक्टूबर की रात्री में 9 बच करके 35 मिनट से ये
02:10प्रारंब हो रही है और 10 अक्टूबर की रात्री में 9 बच करके 19 मिनट तक ये रहेगी.
02:18तो उदिया तिथी के अनुशार 10 अक्टूबर को शर्व पित्री अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा इसी दिन पूर्वजों को बिदाई
02:29भी दी जाएगी
02:30सर्व पित्री अमावस्या जो बिदाई गल्तियां हमसे हो जाती हैं पित्रों को आज के दिन प्रणाम करना चाहिए पित्रों की
02:40नाराजिगी को दूर करने के लिए आज के दिन शर्व पित्री अमावस्या के दिन ब्रामनों को भोजन गया मया को
02:49कुछ न कुछ आपको खिलान
02:50चाहिए गौशाला में जाकर के गाये को घात या फल इत्यादी देना चाहिए गुड़ खिलाना चाहिए इससे क्या होता है
02:58समस्याएं दूर होती है इस दिन प्रातेकाल उठिये रिश्णान करिए सुक्षबस्त्रों को धारण करिए स्रद्धा पूर्वक अपने पित्रों का
03:19सदगती के लिए भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए सर्व पित्री हमावस्या के दिन जो लोग स्राद्ध करते हैं स्राद्ध करिए
03:28पिंडदान करते हैं पिंडदान करिए तरपड करते हैं तरपड करिए ऐसा करने से पित्र देवता प्रशन होते हैं और अत्यनती
03:38सु�
03:48मूठे की तरफ से आपको पित्रों को जल देना चाहिए यदि नदी में जाना संभव नहीं है तो घर में
03:55ही दक्षण दिसा की ओर मुख करके बैठ जाएं और तरपड करें जौ चावल काले तिल और दूद इससे पित्रों
04:03को जल अर्पित किया जाता है इसके बाद पंचबली
04:06दी जाती है जितमें गाये को, कव्ये को, कुटे को, चीटी को और ब्राम्मनों को भोजन कराया जाता है आज
04:13के दिन ब्राम्मनों को भोजन कराना बहुत ही सुबमाना जाता है सर्व पित्रियमावस्त्या के दिन ब्राम्मन भोजन का विशेष महत्य
04:21बताया गया है और पू
04:36रीवी कोई जानकारी या पित्रुदोष आपकी कुंडली में है या पित्रुदोष या दुखी है तो भी आप हमसे संपर कर
04:43सकते हैं किसी भी तरे का कोई पूजा पाग, ग्रेप्रवेत, रामकता, भागवत कता, इत्यादी के अनुष्ठान भी संपन्न होते मैं
04:49पुना मिलत
04:50नए वीडियो में तब तक के लिए आप सरी को जैजस्त्री शिदारा