00:04मिठाई बनाते समय जब बाजार में खोया या मावा खरीदने की बारी आती है तो अक्सर दोनों को एक ही
00:10चीज समझ लिया जाता है
00:11दुकांदार भी कई बार इन दोनों नामों का इस्तमाल एक दूसरे की जगा करते हैं
00:15ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आकर खोया और मावा अलग है या सिर्फ इनके नाम अलग है
00:22पैसे तो दोनों ही दूद से तयार होने वाले गाड़े पदार्थ हैं और भारते मिठाईयों में इनका खूब इस्तमाल होता
00:28है
00:28फिर भी इनके नाम इस्तमाल और कुछ जगहों पर बनने के तरीके को लेकर थोड़ी जानकारी रखना फाइदेमंद है
00:35उत्तर भारत में इसे आमतार पर खोया कहा जाता है जबकि राजस्थान, गुजरात और महराष्ट जैसे राज्यों में इसे मावा
00:42कहते हैं
00:42असल में खोया और मावा आम तोर पर एक ही दूद से बने उत्पात के लिए इस्तमाल होने वाले दो
00:48नाम हैं
00:48दोनों को बनाने के लिए दूद को धीमियाज पर लगातार पकाया जाता है
00:52दूद में मौजूद पानी धीरे-धीरे कम होता है और आखिर में गाढ़ा दूदिया मिश्रण बचता है
00:59इसी को अलग-अलग जगहों पर खोया, मावा या खवा कहा जाता है
01:03अब सवाली उठता है कि खरीदते समय आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
01:08खोया या मावा लेते समय सबसे पहले उसकी खुशबू और रंग देखे
01:12ताजा खोय में दूद जैसी सामाने खुशबू होनी चाहिए
01:15बहुत तेज खटी या अजीब गंद महसूस हो तो से लेने से बचे
01:19उसकी बनावट भी देखें बहुत जादा चिपचिपा बदला हुआ रंग या खराब गंद वाला खोया ना खरीदे
01:25अगर संबब हो तो साफसफाई का ध्यान रखने वाली भरोसे मन दुकान से ही खरीदे
01:30घर पर मिठाई बनाने के लिए खोया खरीदते समय
01:34दुकान दर से ये सवाल भी करें कि वो नरम है ये सूखा
01:37इस रेसिपी के हिसाब से सही ओप्षन चुनने में आसानी होगी
01:41आप चाहें तो इसे घर पर भी बना सकते हैं
01:44खोया घर पर दूद से बनाने के लिए दूद को मोटे तले वाले बरतन में धीमी या मध्यमाच पर पकाएं
01:51बीच बीच में चलाते रहना जरूरी है ताकि दूद बरतन की तली में चिपके नहीं
01:56पानी कम होने के साथ दूद गाड़ा होता जाता है और आखर में खोय जैसी बनावट तयार होती है
02:01फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें