00:00वेल देश में बवाल है लेकिन कुछ चैनल्स अभी दिखा रहे हैं कि पागिस्तान की सडकों पर क्या हो रहा
00:05है हम लोग उस पर बाद में चर्चा करेंगे केशव जी इस डन ब्रो ग्यानू क्या ये सच होता वन
00:11नजर आ रहा है क्या ग्यानिश कुमार को इस्तीफा देना हो�
00:15जैसी जो संस्था है जो समयधानिक संस्था है उन में उनके उपर लांचन लगना कहीं से भी सही नहीं है
00:21और उनको अपनी गरिमा का ख्याल खुद ही रखना पड़ेगा इस देश में इस से पहले और सारे मुख चुनाव
00:27आयोग थूए हैं और सब ने अपनी शमता के अनू
00:43बाद छोड़ जाते हैं यह उनके गले की हड़ी जरूर बन रहा है बहुत बड़ी बात है बहुत फाइन लाइन
01:04है वहाँ पर 26 सितंबर को जो प्रेस रिलीज चुनाव आयोग ने जारी किया आप उस चुनाव आयोग की वेबसाइट
01:10पर भी जाकर उसको देख सकते हैं उसम
01:12सिक्स में परिवर्तन करने के लिए सुप्रीम कोट ने अनुमती दे दी है यह उसे अनुमोदित किया है लेकिन साथ
01:18ही साथ उसमें यह भी लिखा हुआ है कि यह जो बदलाव चुनाव आयोग कर सकता है वह आर्बिट्ररी नहीं
01:25होना चाहिए और अपने दाइरे से बाहर न
01:42ही है कौकरोज जन्दा पार्टी जैसे एक लेंस लेकर सीची पर बैठी हुई है आप जो रिसेंट कॉमेंट है कौकरोज
01:50जन्दा पार्टी के अभी जीद दिपके का उसको भी आप देखेंगे तो आपको उससे अंदाजा लगेगा केशल बिलकुल देखिए हमें
01:56यह भी सम
02:10पत्र है आप उसमें से इनफर्मेशन सेयर करते हैं उस इनफर्मेशन को टेबलेशन में भेजा जाता है उसके बाद आपका
02:15नाम मददाता सोची में जुड़ जाता है अगर वैज मत दाता है तो आपका मतलब आवेदन एक तरह से खारीज
02:24हो जाता है यह अस्थाफित प्रक
02:40वर्सेस इलेक्शन कमीशन आप इंडिया में चुनाव आयोग ने जो फैसला दिया था उसमें चुनाव आयोग को भारतिये सम्विधान के
02:49अनुशेद 324 के अंतरगत मत दाता सोची तयार करने का मत दाता सोची को रिवाइज करने का अधिकार है लेकिन
02:57जो जानकारी जुट
03:09उस पर है बिल्कूल बिल्कुल कि चुनाव आयोग ने इस में स्वीर से जुड़े हुए तो यह जो जुड़ा गया
03:31है इस पर सारा विवाद है बिल्कूर्श ने इसे कभी क्लियर नहीं किया था आज जो सुप्रिम कोर्ट का स्टेटमेंट
03:38है
03:38वो बहुत कैटेगरी कली कह रहे हैं कि उन्होंने इस जो एडिशन है उसको कभी अप्रूब नहीं किया था अब
03:46सवाल है कि चुनाव आयोग को अगर इसमें एडिशन का अधिकार है 324 में तो फिर ये गलत कैसे है
03:53नहीं है तो किसके इसाड़े पर किया गया है क्यों किया गया
03:58है यहीं साड़ा जुबात चुपा हुआ है बिल्कुल लौर देखिए जुबात मैं आपको कह रहा था कि देश में इतना
04:04बड़ा घमासान चल रहा है लेकिन कुछ जो अब उसको गोदी मीडिया कहें या उसको ऐसा चैनल का तंत्र कहें
04:13जो यह बता रहे हैं कि पागिस्तान
04:24के ठीक पहले इस तरह का बवाल होना कई ऐसे प्रदर्शनकारी चाहे नयाब हो गई चाहे योगेंदर यादव हो गए
04:32वो जाते हैं इलेक्शन कमिशन लेकिन वहां उन्हें जाने नहीं दिया जाता है सारी सड़के अगर आप दिल्ली के बाहर
04:38रहते तो मैं आपको बताऊं
04:39मैं इलेक्शन कमिशन का ओफिस है वहां से तकरिवन एक किलोटर पहले ही सड़कों को जो है बंद कर दिया
04:46गया है तो वहां कोई जाही नहीं सकता है तो इस तरह की घेरा बंदी की गई है चोर की
04:50दाड़े में तिनका कहें तो भी गलत नहीं होगा लेकिन जो एंटिसिपेट
04:54कर रहा है भी चुनावाई हो केशव जी उसे यहीं लग रहा है कि कोई उनसे सवाल पूछने ना आए
04:59कोई उन पर कोई लांशन ना लगाए मीनवाइल अंदर अंदर ही अंदर ये एक बड़ा ही नया ट्रेंड चल रहा
05:05है कई ऐसे कुछ सीनियर जनलिस्ट जो की माने जाते हैं
05:09कि वो सरकार के डिफेंस में उतर जाते हैं मुझे लगता है केशव जी एक मेकानिजम है सरकार का मैंने
05:14देखा है मैं नाम नहीं लूगा लेकिन जो जानते हों या सर्च करना चाहें वो कर लें ये कुछ एक
05:19जनलिस्ट ऐसे हैं जिससे ऐसा लगता है सरकार अपनी बातों को �
05:23आगे रखवाती है वो बड़ा ही वेलियंट एफर्ट करते हुए जनलिस्ट नजर आते हैं अपने ट्वीट्स के मातिम से अपने
05:28सोशल मीडिया प्रियंस से कि नहीं ने ये तो सही है चुनाव आयोग ने तो ऐसा नहीं ऐसा कहा था
05:33सुप्रीम कोड को ये अधिकार है वो अ
05:49कर जी अब सवाल यहां पर यह भी देखने की है कि ये इनकी विश्वशनियता कितनी रह गई है दरसल
05:56पत्रकारों की कि पर संदे है खड़ा हो गया आगि मैं पत्रकारों की बाद कह रहा था क्योंकि हम भी
06:05उसी जमाद से आते हैं लेकिन वहीं आखरी सवाल वही है कि हमें अ
06:28सब्सक्राइब करते हैं यह सब्सक्राइब करते हैं कि आपका करेक्रम पर अधारी थे आप धुर्खेल करने की कोई देखने लिए
06:43फैक्स नहीं उनका कोई भी कारेक्रम है
06:48इंटर्प्रेशन पर अधारी तो सबके लिए रहता है लेकिन इंटर्प्रेशन में आप जिसे जैसे दिखाना चाहें उसे वैसा दिखा सकते
06:55हैं अब इसमें में दिखिया ना फॉर्म 6 का क्या खेल है फॉर्म 6 में जो जानकारी जोड़ी गई है
07:00आर्बिट्रेरली इलेक्शन
07:02कमिशन ने जो रहा है लेकिन इलेक्शन कमिशन ने क्या रिफर किया है सुप्रीम कोट ने जसोप्रीम कोट ने यह
07:09बात जरूर कही है कि चुनावायों के पास अधिकार है लेकिन यह विषयत जानकारी जोड़ने का
07:28आधिकार चुनाव आयोग के पास नहीं है वो विधी संद के पास है।
07:36क्फूनाव आयोग भारत की जनता के प्रती कितनी जवाब
07:55कोया है कि सवाल की त्रफ से गया है कि साथ की बैठक की कि असistas को क्यूं नहीं पता
08:21है कई
08:22इन बातों से बेखबर रखा, डेलिबरेटली उस पर सवाल उठाया जा रहा है, जो उनके ही एलेक्शन कमिशनर्स का कहनाता
08:28है, केशनर जी बहुत जल्दी एक और चीज़ आज हुई है, कि सुप्रीम कोट ने कहा एक अपील पर, एक
08:34पली पर कि भाई ग्यानेश कुमार का इस
08:50से भी, सीमा खन्ना से भी जवाब मांगा गया है, कि इस पूरे प्रकरण में आप इसको कैसे देखते हैं,
08:56क्या उनका क्या स्टैंड रहेगा, तब जाकर कहकर कड़ी मिलती हुई नहीं नजर आती है, तब हमें लगता है सुप्रीम
09:02कोट से संग्यान आएगा, बिलकुल, हाल
09:18समवेधानिक तौर पे देखें, constitutionally मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का अधिकार केवल संसद को है, अरप के राश्पती को
09:26है, उसके लिए संसद में आपको इंपीच्मेंट को अश्र लाना है, और उस इंपीच्मेंट को ध्वानिमत से आप पारित नहीं
09:33कर सकते हैं, �
09:33उसके लिए two-third majority चाहिए, उसमें सरकार का भी सहयोग होना चाहिए, उसमें विपक्ष का भी सहयोग होना चाहिए,
09:40अभी जो संख्यावल है भारत की संसद में उसको देखते हुए, ये तो कहीं सो होता हुआ लग नहीं रहा
09:45है, तो क्या एक ऐसी इस्थिती आजाएगी कि Supreme Court
09:49मुख्य चुनाव आयुक का इस्तिफा मांगे, और जब अगर ऐसी इस्थिती आजाती है, तो एक लोकतांत्रिक गनराज के लिए, या
09:57कितनी बड़ी दुगदा होगी, संसत के सामने यह बड़ा प्रस्ण होगा कि किस की तरफ जाएगा, क्या वो CJI का
10:05मान रखे, या CEC का मा
10:20सब के जहमेले में, CJP जो है, निकल कर सामने आ रही है, और इसे पहले हमने धर्मेंद प्रदान, फॉर्मर
10:28एजुकेशन मिनिस्टर के साथ, उनके सफलता का पर्चम लहराते हुए देखा था, क्या इस बार 10 अक्टूबर को CJP ग्यानेश
10:35कुमार, यानि CEC के इस्तिफा को ल
10:48द्हान की हो, या फिर न्याए वावस्ता की हो, उस पर भी काफी लोगों की नजर रहेगी.