00:00मद्यप्रदेश की राजनीती से इस वक्त एक बहुत बड़ी और दिल्चस्प खबर सामने आ रही है
00:04सोचिए जिस चुनाफ के लिए वोटिंग की तारीक तैह हो चुकी हो, नेता मिदान में हो
00:10और फिर बिना एक भी वोट पड़े नेता सीधा राजसवा पहुच जाए
00:14जी हाँ, मद्यप्रदेश में कुछ ऐसा ही हुआ है
00:1718 जून को राजसवा की तीन सीज पर चुनाफ होना था
00:21लेकिन वोटिंग से पहले ही कॉंग्रेस को बड़ा जटका लगा
00:24कॉंग्रेस नेता मिनाक्षी नटराजन का नॉमिनेशन पेपर खारेज हो गया
00:28और इसके बाद बीजेपी के तीन कैंडिडिट्स तरुन चुग, रिजनी शगरवाल और महेश केवट, निर्विरोध, राजसवा पहुच गई
00:35अब सवाल ये है कि आखित पूरा मामला क्या है और बीजेपी ने इन तीन चेहरों को क्यों ही चुना
00:40चलिए पूरा मामला समझते हैं
00:43मध्यप्रदेश में जून दोहसाच चबीस में राजसवा की तीन सीट्स खाली हुई थी
00:47कॉंग्रेस ने मिनाक्षी नटराजन को काड़ेट बनाया था
00:50वहीं बीजेपी ने अपने तीन नेता मेदान में उतारे
00:53स्कूटरिन के दौरान बीजेपी ने मिनाक्षी नटराजन के अफिडेविट पर अपत्ती उठाई
00:57बीजेपी का रोप था कि उन्होंने तरंगाना के एक पेंडिंग लीगल केस की जानकारी छुपाई है
01:02इसके बाद रिटर्निंग आफिसर ने दोनों पक्षों की बात सुनी और आखिरकार मिनाखजी नटराजन का नॉमिनेशन खारिच कर दिया
01:0911 जून नाम वापसी की आखिर तारीक थी उसके बाद मिदान में सिर्फ बीजेपी के तीन कैंडिट्स ही बचे
01:16और क्योंकि सीद्स भी तीन थी इसलिए बिना वोटिंग के ही बीजेपी के तीनों नेता जीत गए
01:21अब बात करते हैं बीजेपी के इन तीन जहरों की
01:24सबसे पहला नाम है तरुन चुग का
01:26तरुन चुग बीजेपी के नैशल जनरल सेक्रेटरी है
01:30उन्हें पी-म नरेंद्र मोदी और अमिट शाह का करीबी माना जाता है
01:34जब मुकश्मीरों तेलंगाना जैसे राजियों में पार्टी के लिए काम कर चुके तरण चुक को
01:39बीजेपी एक स्ट्रॉंग स्ट्रूटीजिस्ट के रूप में देखती है
01:42पार्टी चाहती है कि राजेसभा में एक ऐसा नेता हो जो विपक्ष को अग्रेसिवली जवाब दे सके
01:47दूसरा नाम है रजनीश अगरवाल का
01:49रजनीश अगरवाल मंद्र प्रदेश बीजेपी के प्रदेश मंतरी और पार्टी के मशूर स्पोक्सपरसन है
01:55टीवी डिबेट्स में फैक्स और डेटा के साथ पार्टी का पक्ष रखना उनकी पहचान है
01:59बीजेपी ने उन्हें राजेसभा भेज कर अपने ग्राउंड वर्कर्स को एक बड़ा मेसिज दिया है
02:04कि संगटन के लिए इमानदारी से काम करने वालों को पार्टी रिवार्ट जरूर देती है
02:09अब बात उस नाम की जिसने सब को सबसे जादर सप्राइस किया है महेश केवट
02:14महेश केवट एक साधारन परिवार से आने वाले दलित नेता है
02:17वो कोलरस नगर परिशत के अध्यक्ष रह चुके है
02:20केवट और मला समाद से आने वाले महेश केवट को राजसवा भेज कर बीजेपी ने सोशल इंजिनियरिंग का बड़ा मेसिज
02:27दिया है
02:28पार्टी, OBC और SC वोट बैंक में अपनी पकट और मिजबूत करना चाहती है
02:47पेश भगेल ने भी कहा है कि अब हुने जुडिश्री से ही उमीद है
02:51अब सबकी नजरे सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हुई है
02:54क्या कोर्ट इस निर्विरोचुनाव पर स्टेल लगाएगा
02:56या BJP की नई तिगडी बिना किसी रुकावट के राजसवा में एंट्री करेगी
03:02सबसे बड़ा सवाल अभी वाई है
03:04क्या अफिडेविट में किसी पेंडिंग केस की जानकारी छूट जाना
03:08इतनी बड़ी गलती है कि नॉमिनेशन ही रद कर दिया जाए
03:11और क्या सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई नया ट्विस्ट लाएगा
03:14आप इस पूरे मुद्धे पर क्या सूचते हैं हमें कॉमेंट सेक्शन में ज़रूर बताईए
03:18उपश्कार इस खूरे में अजय को अबूरा एट लाएटाए
03:34अपड भाएट अप्ड़ी अपêuरी बचलता है
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