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The cancellation of Rajya Sabha candidate Meenakshi Natarajan’s nomination from Madhya Pradesh has sparked a major political and legal controversy. Senior Congress leader and Supreme Court advocate Abhishek Manu Singhvi has termed the Returning Officer’s (RO) decision “illegal and unconstitutional.” According to Singhvi, no criminal case legally existed against Natarajan because the magistrate had not yet taken cognizance of the private complaint filed against her. He explained that under Election Commission rules, candidates are required to disclose only those cases in which charges have been formally framed and where the offense carries a potential punishment of more than two years. Citing Article 324 of the Indian Constitution, Singhvi argued that the Election Commission has the authority to immediately overturn what he described as an erroneous decision by the Returning Officer. The Congress party has also lodged a formal protest before the Election Commission, alleging that the nomination rejection was based on a flawed interpretation of the law.

मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने का मामला अब राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के फैसले को गैर-कानूनी और असंवैधानिक बताया है। सिंघवी का कहना है कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कानूनन कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, क्योंकि संबंधित निजी शिकायत पर मजिस्ट्रेट ने अभी तक संज्ञान (Cognizance) नहीं लिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार उम्मीदवार को केवल उन्हीं मामलों की जानकारी देनी होती है जिनमें आरोप तय हो चुके हों और जिनमें दो वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान हो। सिंघवी ने संविधान के अनुच्छेद 324 का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पास रिटर्निंग ऑफिसर के इस कथित त्रुटिपूर्ण निर्णय को तत्काल निरस्त करने का अधिकार है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग के समक्ष भी विरोध दर्ज कराया है।

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Transcript
00:00the delegation consisting of
00:02an Indian National Congress high-level delegation consisting of Abhishek Manu Singhji
00:14and Vivek Thankarji, Jendeep Si Surgewala Ji, Jayaram Ramesh Ji, Deebad Asmunshi Ji,
00:21Bhubesh Bagheel Ji, Minatshi Narnadhan Ji, and myself met chief election commissioner and other commissioners
00:40दोस्तों मैं बहुत संक्षिप में बोलूँगा अंग्रेजी और हिंदी में आप तेरा चांट रहें
00:48जैसा कि विनुकुपाल जी ने बताया हमने विस्तित रूप से डेलिकेशन ने उनके समख ये मुझ्य रखे
00:55नंबर एक कि रिटर्निंग आफिसर का निर्ने बिलकुल विकृत है कानूनी रूप से गलत है
01:06किसी हद में किसी तरह से उसको समत्तन नहीं किया जा सकता
01:10वो 2 प्लस 2 को 5 लिखने जैसा नहीं बलकि 2 प्लस 2 को 7 लिखने जैसा गलत मिलने है
01:17इसके कारण बरे सरल हैं एक आधार पर मिस्स बिनाक्षी नेटराजन को आरो ने निरस्ट कर दिया उनके लॉमिनेशन पेपर
01:29को
01:29वो आधार था ये गलत फैमी कि कोई क्रिमिनल केस जो इनके विरुद पेंडिंग है उसका इन्हों ने खुलासा अपने
01:39फॉर्म में नहीं किया
01:42मज़े की बात ये है कि कोई भी क्रिमिनल केस ऐसा नहीं है जो कानून में एक्जिस्ट करता है स्थित
01:50है जिसका वो खुलासा कर सकती थी कोई नहीं है
01:55एक नोटिस आया है कोट से कि आप आईए और बताईए कि हम कॉगनिजन्स इस केस का ले के नहीं
02:03नहीं है
02:05ये पहली कक्षा का कानूनी विद्यारती जानता है कि कॉगनिजन्स यानि संग्यान लेना एक फ्राथबिक स्टेज होती है
02:16मेजिस्ट्रेट द्वारा और वो इसलिए ली जाती है कि मैं ये निर्णने करूँ कि ये केस आगे चलना चाहिए कि
02:23नहीं
02:24बिना कॉगनिजन्स के कोई भी क्रिमिनल केस जनमता ही नहीं है प्रियेट ही नहीं होता है
02:32अब मज़े की बात ये है कि जो इलेक्शन कानून है जो चुनाव आयोक का कानून है जिसमें ये खुलासा
02:41की उत्तरदायत्व है
02:44उसमें लिखा है इस पश्ट के आपको सिरफ वो वाला खुलासा करना है जिसमें अपराद अगर प्रूव हो तो डंड
02:54दो वर्स से ज्यादा हो और जिसमें चार्जिस फ्रेम हो चुके हो
03:00ये कानून में लिखा है सेक्शन 33A में जो हमको पढ़ने की आवश्रक्ता नहीं है उसका उत्तरदायत उसका कर्तव यह
03:07है आरो को देखने की अब इसमें कॉंग्रिजेंस की प्रथम श्रेणी में नहीं आता यह यानि मैजिस्टेट में भी तक
03:16कॉंग्रिजेंस नहीं लिया
03:17अगर और जब वो उनको सुनने के बाद मिस्टेट रेटराजिन को सुनने के बाद कॉंग्रिजेंस लेंगे संग्यान लेंगे इसके बाद
03:25तहकीकात होगी तहकीकात के बाद चार्शीट होगी अगर हुई और चार्शीट के बाद चार्जिस प्रेम होगे
03:33यानि तीन आगे के अभी तक हिस्से बचे हैं फ्राथमिक हिस्सा संग्यान का नहीं हुआ और आरों ने मान लिया
03:40कि ये एक क्रिमिनल केस पेंड़ी है
03:43ये जैसा मैंने का दो प्लस दो को साथ लिखने वाली गल्पी है
03:48इसके अलावा हमने कई मुद्दे और रख्या और कहा कि इस प्रकार की एक बेहुदी गल्पी के कारण
03:56कोई भी राज्यसवा का नामांकित व्यक्ति शुरुआत में ही निरस्पी किया जा सकता
04:01ये गंतंत्र के विरुद है उनके सिध्धान्तों के विरुद है नॉन लेवल प्लेइंग फील्ड बनाता है और उस तरीके से
04:11देखा जाए तो मूल धांचे को सम्विधान के उसको विक्रित करता है
04:15आप पहले ही किसी को हरेज से हटा देते हैं जिससे कोई चुना भी नहों उन्होंने ये बातें सुनी हमने
04:23और भी कई दलीरे रखे और उसमें हमने अंदर ये कहा कि आपके पास ये पूरा अधिकार शेतर है यानि
04:30चुनाव आयोग के पास ये कहने कि आवशकता नहीं है
04:33कि आप जाईए कोट के सहरी ये आप रुकिये तीन चार पांच साल तक दूसरा गलत रिक्ती चुनावित हो जाए
04:41ये पहली भारण जाए तीन साल चार साल बाद आप आईए चुनाव आयोग के पास ये पूरा रूपेन अधिकार शेतर
04:51है
04:52कि आप आरो जो आपका एक extension है उसके निर्ने को reverse कर दें आज विड्रॉल की तारीक है आप
05:01बिल्कुल विड्रॉल कर सकते हैं उस order को उसको निरस्ट कर सकते हैं आपने हर्याना में जब दो व्यक्तियों को
05:08गलत रूप से reject किया गया था या करा जा रहा था तो आपने हस्तश
05:12करके उसको सही किया था आपने गुज्राद में जो बैलक कास्ट हो गए थे उनको भी खीक करने का प्रैत्त
05:20किया है इसलिए विल्कुल आप किसी रूप से अधिकार शेत्र के बिना हो या हल्पलेस हो ये गरत बार्ट शुब्स्क्राइब
05:30कर दो आपने हैं आपने हैं आपन
05:37कर दो
05:37कर दो
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