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Election Commission Row: Gyanesh Kumar के खिलाफ दो चुनाव आयुक्तों ने क्यों खोली जंग? क्या है पूरा सच?
चुनाव आयोग (ECI) के इतिहास में अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है, जहाँ सरकार द्वारा नियुक्त दो चुनाव आयुक्तों—विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू—ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर सवाल खड़े करते हुए कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा है!

An unprecedented dispute has erupted within the Election Commission of India (ECI). Election Commissioners Dr. Vivek Joshi and Dr. Sukhbir Singh Sandhu have registered formal objections against Chief Election Commissioner (CEC) Gyanesh Kumar, alleging unilateral decision-making and bypassing of established procedures regarding electoral roll management and IT systems. They have also formally written to the Cabinet Secretary regarding these internal friction issues. This video provides a detailed breakdown of the constitutional provisions, the key IAS officers involved, and the political row surrounding the ECI.

#ElectionCommission #GyaneshKumar #BreakingNews #OneindiaHindi

~PR.250~HT.318~VG.HM~

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Transcript
00:00भरत की चुनावायोग यानि की Election Commission of India के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है जब सरकार
00:05की पसंद से न्युक्त किये गए दो चुनावायोग तो नहीं मुख्या चुनावायोग के खिलाफ मोर्चक पूर दिया।
00:12जिस चुनावायोग की पहचान एक जुटता और निश्पक्षिता से फैसनों पर मुहर लगाने के लिए रही वहाँ पर अंधुरूनी खीच्तान
00:18कहां से आई क्या चुनावायोग के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है इसकदर अंधुरूनी खीच्तान कैसे बढ़ गई कि दो
00:25च�
00:27कामकाच के खिलाफ सरकार के शीष नौकर शाहूं यानि की कैबिनीट सचीव को चिप्ठी लिहनी पड़ गई
00:34चुनावायोग के भीतर चल रहे सभूतपूर विववाद मुख्य के रधारों और इसके राजनेतिक वस्वधानिक पहलों को आसान भाशा में आपको
00:41समझाने की कोशिश करेंगे विडियो के अंतर तक जरूर बने रहें आपके सभी सवालों के जवाब आपको यह मिल जा�
01:15चुनावायोग में आखिर चल क्या रहा है?
01:17एक दिन में अधिकतम चार-चार बार और सहमती दर्स करवाने की भी नौबत आई है इन दस महीनों के
01:24भीतर ही
01:24दोनों आयोगतों का आरोप है कि मुख्य चुनावायोगत ग्यानी इश्कुमार उनकी जानकारी और सहमती के बिना कई महत्वपूर्ण फैसले लेते
01:31हैं
01:31विवात का मुख्य कारण, काम का बटवारा, वोटरलिस से जुड़ी आईटी विवस्था के निगरानी में किये गए बदलाव है
01:37जब आयोग के भीतर उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्होंने कैबिनिट सचीव को पत्र लिखकर अपना विरू दर्स किया
01:42समविधान के अनुच्छे 324 के तहट मुख्य चुनाव आयोगत बराबरों में प्रथम First Among Equals होता है
01:49यानि उसे बागी दो आयोगतों पर एक तरफा फैसला थूपने का अधिकार नहीं होता है
01:54अब कानूनन क्या फैसला होता है, कानूनन क्या आप कह सकते हैं नियम रखा गया है
02:00कानूनन नियम यह है कि सभी फैसले सर्वसमत्य या फिर बावमत से होने चाहिए
02:05बवाल मचाने वाले ये दोनों चुनाव आयोगत आखिर है कौन?
02:08इनको लेकर भी कूब चर्चा है कि आखिर ग्यानिश कुमार की इतनी चर्चा तेज़ करणने वाले उनके दोनों सहीओ की
02:15आप क्या सकते हैं
02:16election commissioner हैं कॉन ग्यानिश कुमार के फैस्टो पर सवाल उठाने वाले विवेक जोशी और सुखीर सिंग संधू के बारे
02:23में भी विडियो में बात करते हैं
02:25जाहिर तोर पर दोनों ये election commissioner साधारान अधिकारी तो बिल्कुल ही नहीं
02:29दोनों ही केंद्र राजी सरकारों में सरवोच्ष प्रशाशनिक पदों पर वह चुके हैं वरिष्ट IAS अधिकारी हैं ये दोनों भी
02:37डॉक्टर विवेक जोशी की बात करें तो 1989 बैच के हर्याना केडर के IAS अधिकारी हैं और डॉक्टर विवेक जोशी
02:43दोजार पच्चीस में चुनावायुक्त बने हैं इससे चीक पहले वो हर्याना के मुख्य सचीव थे शिक्षा के मामली में जोशी
02:49के पास IIT रोड़की से
02:50मेकैनिकल इंजिनिरिंग की डिग्री है IIFT दिली से मास्टर की डिग्री और स्विजिलेंड के प्रतिरस्ठेट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट जिनेवा से इंटरनेशनल
02:58एकोनोमिक्स में पी अश्टी है के इन सरकार में वो कर्मिक एवं प्रस्रिक्षन विभाग या
03:11अपनी सेवाएं दे चुके हैं बात करें दूसरे इसी के यानि की डॉक्टर सुख बीर सिंग संधु की तो ये
03:171988 बैच के उत्रखंट के आईएस अधिकारी हैं संधुमाश 2024 में चुनाव आयोग से जुड़े और उन्होंने अमिसर के गवर्मनेंट
03:25कॉलेज से MBBS की पढ़ा
03:41और IIM जैसे प्रमुक संस्थानों का काम का संभाला था। कॉंग्रिस ने इनकी न्युक्ति पर आखिर विरूद क्यों जताया था
03:48और कॉंग्रिस इस पूरे घटना करम में इस न्युक्ति की प्रक्रिया में कैसे महतवपून भूमे का निभाने की कोशिश को
03:55रही थी लेकि
04:08एक अन्या कानून बनाकर चुनावायुक्तों के चैन का नियम बदल दिया। पहले चैन समीती में प्रधान मंत्री लोगसभा में विपक्ष
04:16नेता और सुप्रीम कूड के मोख्या निया थीश और CGI शामिल हुआ करते थे। नय कानून के जरिये मोख्या निया
04:21थीश की जग
04:38जताते हुए कहा था कि 212 नामों की सूची बैठक से सिर्फ एक दिन पहले दी गई और 6 शॉर्ट
04:44लिस्टिट नाम बैठक से केवल 10 मिनट पहले शेयर किये गए। उनका मुक्य तर्ध था कि चैन समीती से मुक्या
04:50निया थीश को हटा कर कैबिनेट मंत्री को रखने से सरकार
04:52को 2-1 का सपष्ट बहुमत मिलता है जिससे आयोग की स्वायत प्रभावित होती है।
05:22से फैसले ले रही हैं जिससे आयोग की निश्पक्षता खत्रे में हैं वहीं पर सत्ताधारी BJP NDA का तर्क है
05:29कि असहमती होना एक जीवन तो लोकतंत्र का हिस्सा है।
05:52बहराल मामले को आप कैसे देख रहे हैं इन दोनु इलेक्शन कमिशनर्स के इस समतभियत को लेकर आपकी क्या राया
05:58है।
05:59कॉमेंट बॉक्स आपके लिए है अपनी टपड़ी महाँ जरूर दीजेगा।
06:01मामले को लेकर विवात को लेकर भी अगर कोई मन में आपके सवाल है तो वो भी कॉमेंट बॉक्स में
06:05आप लिख सकते हैं।
06:06आपके सवालों से जुड़ा एक अन्या विडियो बनाएंगे और आपके तमाम जवाँ महाँ देने की कुशुश करेंगे।
06:11मेरा नाम है मुकंद आप बने रहे वन इंडिया के साथ शुक्रिया।

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