Skip to playerSkip to main content
इंदिरा एकादशी 2026 पितृ पक्ष में पड़ने वाली बेहद खास एकादशी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पितरों को सद्गति का लाभ मिलता है। जानिए इंदिरा एकादशी के जरूरी नियम, पूजा विधि, क्या करें और क्या न करें और किन बातों का विशेष ध्यान रखें।

Indira Ekadashi 2026 is considered an important Ekadashi during Pitru Paksha. According to religious beliefs, observing this fast and worshipping Lord Vishnu can bring peace and spiritual benefits to ancestors. Know the important rules of Indira Ekadashi, puja rituals, dos and don’ts, and what you should keep in mind while observing the fast.

#IndiraEkadashi #IndiraEkadashi2026 #Ekadashi #EkadashiVrat #PitruPaksha #PitruPaksha2026 #Pitru #VishnuJi #LordVishnu #HinduDharma #SanatanDharma #VratNiyam #EkadashiNiyam #Shradh #PindDaan

Also Read

Indira Ekadashi 2026: Date, Time, Rituals, Significance, And Things To Know :: https://www.boldsky.com/yoga-spirituality/indira-ekadashi-2026-date-time-rituals-significance-and-things-to-know-173145.html?ref=DMDesc

Indira Ekadashi 2025 Vrat Katha And Spiritual Benefits: Why You Should Observe The Fast This Year :: https://www.boldsky.com/yoga-spirituality/indira-ekadashi-2025-vrat-katha-and-spiritual-benefits-why-you-should-observe-the-fast-this-year-163683.html?ref=DMDesc

Indira Ekadashi 2023 Date: Follow These Remedies For The Blessings Of Lord Vishnu And Ancestors :: https://www.boldsky.com/yoga-spirituality/indira-ekadashi-2023-follow-these-remedies-for-the-blessings-of-lord-vishnu-and-ancestors-150761.html?ref=DMDesc



~HT.318~PR.115~ED.120~VG.HM~
Transcript
00:04पित्र पक्ष में पढ़ने वाली एकदशी तिथी को धार्मिक दृष्टी से बेहत महत्पूर्ण माना जाता है इस बार 6 अक्टूबर
00:092026 यानि मंगलवार को इंद्रा एकदशी कवरत रखा जाएगा
00:13मानेता है कि इंद्रा एकदशी कवरत रख कर भगवान विश्णू की विधि विधान से पूजा करने के बाद पित्रों के
00:18नाम का श्राध तरपन और दान करने से पूरवजू की आत्मा को शांती मिलती है और उन्हें पिशाच योनी और
00:25यम यातना से मुक्ती मिलने का मार्ग
00:27प्रिशस्त होता है यही वज़े है कि पित्रपक्ष में आने वाली इस एकदशी को पित्रों के उद्धार के लिए खास
00:33फल्दाई माना गया है इसलिए पित्रपक्ष की इस एकदशी के दिन किये जाने वाले श्राध भोज में कुछ बातों का
00:38खास दिहान रखा जाता है
00:57दूप मुरत है दोपहर 11.40-12.33 मिनट तक, रोहिडी मुरत है दोपहर 12.30-1.20 मिनट तक,
01:05अपरावन काल है दोपहर 1.20-20 मिनट से शाम 3.40 मिनट तक, धर्मिक मनिताओं के मताबिक इंद्रा एकदशी
01:13का वरत भगवान विश्नु को समर्पित है, कहा जाता है कि इस वरत का प�
01:27लापकारी माना गया है, इस दिन श्राद नियम पूरवक पूजा पाइट करने से परिवार पर पितरों का आशिरवात होता है,
01:33इंद्रा एकदशी के दिन सुबा जल्दी उठका इसनान करें और भगवान विश्नु का ध्यान करते हुए वरत का संकल्प लें,
01:38घर के पूज
01:57अपमान या अनादर करने से बचना चाहिए, श्राद की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद जरूरत मन विश्नु को भोजन
02:02वस्तर या अपनी सामर्थ के मताबिक पितरों के नाम का दाद करें, इस दिन बाल कटवाना या नाहून का इटना
02:08सख्त मना है, मानेता है कि इंद
02:23धालू भगवान विश्नु की पूजा के साथ अपने फितरों को श्रद्धपूर्वकी याद करें और दान पूरने करें, फिलाल इस वीडियो
02:29में इतना ही, आपको ये जानकारी कैसे लगे, कॉमेंट सेक्शन में हम लिक कर, जरूर बताएं वीडियो को लाइक करें,
02:34शर कर
02:34करें और चैनल को सब्सक्राइब परना बिल्कुल न भूलें

Recommended