00:04पित्र पक्ष में पढ़ने वाली एकदशी तिथी को धार्मिक दृष्टी से बेहत महत्पूर्ण माना जाता है इस बार 6 अक्टूबर
00:092026 यानि मंगलवार को इंद्रा एकदशी कवरत रखा जाएगा
00:13मानेता है कि इंद्रा एकदशी कवरत रख कर भगवान विश्णू की विधि विधान से पूजा करने के बाद पित्रों के
00:18नाम का श्राध तरपन और दान करने से पूरवजू की आत्मा को शांती मिलती है और उन्हें पिशाच योनी और
00:25यम यातना से मुक्ती मिलने का मार्ग
00:27प्रिशस्त होता है यही वज़े है कि पित्रपक्ष में आने वाली इस एकदशी को पित्रों के उद्धार के लिए खास
00:33फल्दाई माना गया है इसलिए पित्रपक्ष की इस एकदशी के दिन किये जाने वाले श्राध भोज में कुछ बातों का
00:38खास दिहान रखा जाता है
00:57दूप मुरत है दोपहर 11.40-12.33 मिनट तक, रोहिडी मुरत है दोपहर 12.30-1.20 मिनट तक,
01:05अपरावन काल है दोपहर 1.20-20 मिनट से शाम 3.40 मिनट तक, धर्मिक मनिताओं के मताबिक इंद्रा एकदशी
01:13का वरत भगवान विश्नु को समर्पित है, कहा जाता है कि इस वरत का प�
01:27लापकारी माना गया है, इस दिन श्राद नियम पूरवक पूजा पाइट करने से परिवार पर पितरों का आशिरवात होता है,
01:33इंद्रा एकदशी के दिन सुबा जल्दी उठका इसनान करें और भगवान विश्नु का ध्यान करते हुए वरत का संकल्प लें,
01:38घर के पूज
01:57अपमान या अनादर करने से बचना चाहिए, श्राद की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद जरूरत मन विश्नु को भोजन
02:02वस्तर या अपनी सामर्थ के मताबिक पितरों के नाम का दाद करें, इस दिन बाल कटवाना या नाहून का इटना
02:08सख्त मना है, मानेता है कि इंद
02:23धालू भगवान विश्नु की पूजा के साथ अपने फितरों को श्रद्धपूर्वकी याद करें और दान पूरने करें, फिलाल इस वीडियो
02:29में इतना ही, आपको ये जानकारी कैसे लगे, कॉमेंट सेक्शन में हम लिक कर, जरूर बताएं वीडियो को लाइक करें,
02:34शर कर
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