00:03पद्मनी एकादशी जिसे पूरशोत्त में एकादशी भी कहते हैं हिंदु धर्म में बिहत दुरलव और अत्यंत फल्दाई माना गया है
00:10ये एकादशी आम दिनों में नहीं बलकि केवल अधिकमास में आती है
00:14साल 2026 में अधिकमास पढ़ने के कारण इस अवरत का महत्व और भी बढ़ गया है हिंदु पंचांग के अनुसार
00:22साल 2026 में अधिकमास के शुकल पक्ष की एकादशी तिती 27 जून दिन बुदवार को पढ़ रही है
00:31वहीं एकादशी तिती का प्रारंब 26 जून 2026 को सुबह 7 बचकर 40 मिनट से शुरू हो जाएगी तो एकादशी
00:40तिती की समापती 27 में 2026 दिन बुदवार को सुबह 7 बचकर 50 मिनट तक रहेगी
00:47उद्यातिती के आधार पर एकादशी का व्रत 27 में को ही रखा जाएगा वहीं 28 में को व्रत का पारिण
00:55होगा
00:56वहीं पोरानिक मानिताओं के मताबे पदमनी एकादशी का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए निर्जला व्रत रखने का विधान है
01:04बिना पानी पिये पूरे दिन और रात बिताना शाररिक और मानसिक निर्टरन की सबसे कठिन परिक्षा है
01:09जिसे उच्च कोटी का तप माना गया है
01:12मानिता है कि जो साधक इस दिन निर्जला रहकर भगवान विश्नु और माता लक्ष्मी की आरादना करता है
01:17उसके लिए कई जन्मों के संचित पाप नश्ट हो जाते हैं और अंत में मोक्ष की प्राप्ती होती है
01:23आई ये से वीडियो में जानते हैं पद्मिन एकादशी वरत विधी क्या होगी
01:2720 जून 2006 की सूर्यास के बाद से भूजन ना करें
01:31जनकांसे के बर्तन में भूजन, बांच, लहसुन, प्याज, मसूर की दाल और चने का त्याग करें
01:3628 जून को ब्रह्मो मुहुर्त में उटकर स्थान कर पीले वस्तर पहन ले
01:41भगवान विष्णू की मूर्ती या चुत्र के सामने हाथ में जल और अक्षत लेकर अपनी इच्छा के नुसार, नर्जला या
01:47फलहारी वरत का संकल पले
01:49भगवान विष्णू और माता लक्ष्मी को पीले फूल, पीले फल, तुलसी दल, धूप दीप और नैवे द्यर्पित करें
01:56ओम नमो भगवते वासु देवाय मंत्र का जाप करें
01:59पद्मिने कादशी की वरत कता पढ़ें या सुने और आरती करें
02:02यसे वरत में रात को सोना नहीं है, रात के समय भजन कीतन या विष्णू शहस्त्र नाम का पाठ करते
02:08वे जागरन करें
02:0929 जून के सुबह स्नान के बाद ब्राम्हणों और जवरतमंदों को दान दक्षना दें
02:14और शुब महुरत में भोजन करके वरत खोलें
02:17यदि आप स्वास्तकारणों से पूर रूप से नरिजला वरत नहीं कर पा रहें
02:21तो आपने चीजों का सेवन फलहार वरत के दौरान कर सकते हैं
02:25जिसमें ताजे फल, सेव, केला, आम, अंगूर, अनार, पपीता, सूखे, मेवे, डेरी, उतपाद, सबजियां, वरत का नाज, सेंधा नमक, चाए,
02:35कॉफी, शर्बत
02:36लेकिन इसी के साथ कुछ चीजे नहीं भी खा सकते हैं जिसमें अन और अनाज, दाले, मसाले, तामसिक, भूजन, सबजियां
02:43एकादशी के दिन भगवान विश्न को तुलसी जरूर चड़ा है, लेकिन ध्यान रखें एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं
02:49तोड़ ले, इन्हें एक दिन पहले ही तोड़ कर रखें
02:52ध्यान रहे, शास्त्रों में नर्जला वरत को सर्वश्रेश्ट वरत माना गया है, लेकिन ये नियम केवल पूर्णता स्वस्त व्यक्तियों पर
02:59ही लागू होता है
03:00फिल्हाल इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चानल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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