00:20पूरी श्रद्धा से व्रत और पूजन करने से साधक के जाने अंजाने में हुए सभी पाप नस्ट हो जाते हैं
00:27और सुक समरिधी की प्राप्ति होती है
00:30ऐसे में गर आप पहली बार पापन कुशा अगे कादशी का व्रत रख रख रहे हैं
00:34तो चलिए बताते हैं कि व्रत कैसे रखते हैं और क्या है व्रत की विधी
00:38सबसे पहले जरूरी है कि आप व्रत से जुड़ी समागर्या लेकर आए
00:43जैसे कि भगवान विश्णू की मूर्थी या चित्रले, पीले फूल और पीले वस्त्र, चौकी पर बिछाने के लिए पीला कपड़ा,
00:50तुलसी दल, पंचामरित, अच्छत, कोई भी मौसमी फल, मिठाई और धूबती
00:55वहीं अब चलिए बताते हैं कि व्रत कैसे रखें
00:58तरसक व्रत के शुरुवाद दश्मी तिथी की शाम से ही हो जाती है
01:02दश्मी तिथी के दिन सूरियस्त के बाद साथपिक भोजन करें और रात में चावल, प्याज, लहसून, वामान स्मंदिरा का सेवर
01:09ना करें
01:10एक आदशी के दिन सूरियोदय से पहले उठके रस्नान करें और रस्नान के जल में थोड़ा सा गंगा जल मिला
01:16लें
01:16वहीं पीले वस्त्र धारन करें इसके बाद हाथ में जल और तिल लेकर भगवान विश्नो के समक्ष व्रत का संकल्प
01:24लें
01:24फिर एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछा कर श्रीहरी विश्नो के मूर्ति या फिर चित्रिस्था पित करें भगवान को पंचामने
01:32से स्नान कराएं चंदन कतिलक लगाएं उन्हें पीले फूल फल और नवैदर पित करें
01:37भोग में तुलसी दल जरूर डालें क्योंकि बिना तुलसी के श्रीहरी भोग स्विकार नहीं करतें पूजा के दोरान ओम नमो
01:45भगवते वाजु दिवाय मंत्र का जाप करें फिर पापंकुषा एक आदिशी व्रत की कथा सुनें और अंत में धूब दीब
01:52जला कर आरती करे
01:53आप अपने शरीरिक शमता के अनुसार निर्जिला या फिर फालहारी व्रत कर सकती हैं एक आदिशी के दिन चावल खाना
02:01और चूना वरजित माना जाता है इसलिए ये गलती ना करें वहीं द्वादशी दिथी के दिन सुभर जल्दी उठकर इसनान
02:08करें पूजा करें और कि
02:22पन्खुशा एक आदिशी का व्रत रख सकते हैं उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी फिलाल हमारे इस वीडियो
02:27में इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले