00:04राधा अश्टमी का पावन पर्व 19 सितमबर दिन शनिवार को पढ़ रहा है।
00:3012 बजे माना गया है। इसलिए मुख्य पूजा दोपहर के समय 11 बजे से डेड़ बजे की बीच करें।
01:01ध्यान रहे वरत में सेंधा नमक का ही इस्तमाल करें। वैसे तो आमतोर पर राधरानी का वरत दोपहर के बाद
01:07खोल सकते हैं।
01:08इसलिए सुबव सनानादी से निवरत होकर दोपहर की पूजा के बाद ही कुछ ग्रहन करें।
01:13लेकिन अगर आपको किसी तरह की स्वास्त समस्या है और भूका पहुत देर तक रहा नहीं जाता।
01:18तो सनानादी के बाद चाय कॉफी आदी का सेवन कर सकते हैं, जूस भी पी सकते हैं और फलाहार कुछ
01:24ग्रहन कर सकते हैं।
01:25वरत का पारण करते समय सादे नमक का ही इस्तमाल करें।
01:28ध्यान रहे, श्री जी को भूग में अर्बी की बिना लहसुन प्याज़ वाली सबजी, रबडी, मालपुआ, मक्खन, मिश्री, खीर और
01:35पंचामरत अर्पित करना चाहिए, भूग में तुलसी दल शामिल ना करें।
01:39रधरानी को भूग में या फिर उनके चरणों में तुलसी दल ना रखें, बलकि उनके हाथ में आप उसे सुशोभित
01:45कर सकते हैं।
02:09अपने बालों को धोलें, शैंपू भी कर सकते हैं, या फिर कच्चे दूद में थोड़ा सा शुद्ध गंगा जल में
02:14लाकर अपने बालों को धोलें, उसके बाद आप पूजा की विदिवत तैयारियां, बाल धोकर पूजा आदी कार को संपन्न कर
02:20सकती हैं।
02:41इस विडियो में इतना ही, विडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
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