00:11नई तल्ली में ब्रिक समिट खत्म हो चुका है लेकिन इस बार सिर्फ नेताओं की तस्वीरे और हाथ मिलाने की
00:17कूटनीती ही चिप्चा में नहीं है
00:19असली कहानी उस New Delhi Declaration में चिपी है जुसने 11 देशों के इस समूह के साजहा रुख को दुनिया
00:27के सामने रखा है
00:2845 पन्नों और 140 बिंदूओं वाले इस Declaration को अगर ध्यान से पड़ें तो इसमें ऐसे कई संदेश दिखाई देते
00:35हैं जो अमेरिका की टेरिफ नीती, पश्चिम आर्थिक दबाव और भारत पाकस्तान के संदर्व में बेहद महत्तोपुर्ण है
00:43सबसे पहले बात पश्चिम और अमेरिका की करते हैं
00:46ब्रिक्स देशों ने एक तरफा टेरिफ्स और नॉन टेरिफ मेजर्स पर गंभीर चिंता जताई हैं
00:51डेकलरेशन में कहा गया है कि सेह के कदम डबलू टी ओ के नियमों के खिलाफ जाते हैं
00:56वेश्विक वियापार को नुकसान पहुचाते हैं और सप्लाई चेंज में अर्न शिक्ता बढ़ाते हैं
01:02ब्रिक्स ने डबलू टी ओ में सुधार और उसके डिस्प्यूट सेटल्मिन्ट मेकनिजम को मजबूत करने की भी बात कही है
01:08यानि कि संदेश साफ दिया गया है दुनिया की उभरती अर्थ विवस्थाएं वेश्विक व्यापार में किसी एक देश के फैसलों
01:16से प्रभावित होने वाली विवस्था को चुनोती देना चाहती है
01:20अलाकि डिकलेरेशन में अमेरिका का नाम लेकर हमला नहीं किया गया है लेकिन ट्रम्प एरा टेरिस पॉलिसी के संदर्व में
01:26इसका संदेश आसानी से समझा जा सकता है
01:29अब आते हैं उस मुद्धे पर जो भारत के लिए शायद सबसे ज्यादा महतोपून है
01:33पहलगाम टेरर अटैक
01:35न्यू जली डेकलेरेशन में 22 अप्रेल 25 के पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी शब्दों में निंदा की गई है
01:4226 लोगों की हत्या वाले इस हमले को ब्रीक्स ने आतंकवादी हमला बताती हुए
01:46आतंकवाद के खिलाफ Zero Tolerance की बात दोहराई है
01:50साथी Cross Border Movement of Terrorist Terror Financing और Terrorist Safe Heavens के खिलाफ करवाई की जरुद पर जोर दिया
01:59गया है
02:00और यहाँ सबसे बड़ा डिप्लोमाटिक एंगल सामने आता है
02:03इस डेकलेरेशन में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया
02:06लेकिन पहल गाम हमले का सपष्ट उल्लेक और सीमा पर आतंकवाद के खिलाफ भाशा भारत के लिए एक महतोपुन डिप्लोमाटिक
02:15गेन मानी जा रही है
02:16पास दोर पर इसलिए क्योंकि ब्रिक्स में चीन भी शामिल है और चीन पाकिस्तान का करीबी रणितिक साज़ेदार बाना जाता
02:23है
02:24अब आए वेस्ट एशिया के तरफ
02:25ब्रिक्स के लिए सबसे बड़ी चनोती ये थी कि एक ही मंच पर इरान और यूएई मौजूद थे जबकि दोनों
02:31देशों के बीच छेतरिये तनाव बहत गम भीर है
02:34इसके बावजूद नियू जरी डेकलरेशन में अधिक्तम सायम, बाक्चीत और कुटनीती के जरिये विवादों को सुलजाने की बात पर सैमती
02:42बनी है
02:42और समिट के इतर एक दल्चस्त तस्वीर भी सामने आई
02:46इरान के राश्टपती मसूद पजश्कियन ने UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालेद बिन मुहम्मद बिन जायद अलनहयान से मुलाकात की
02:55तोनों पक्षों ने अतीत को पीछे छोड़ कर आगे बढ़ने और छेतरिय सहयों की बात की
03:00यानि कि ब्रिक्स सिर्फ बयान जारी करने वाला मंच नहीं है बल्कि बाचीत के लिए डिप्लमाटिक स्पेस भी बनता दिखाई
03:07दिया
03:07और इसी पूरी कहानी के केंद्र में है मोदी, शी, पुतिन की डिप्लमसी
03:12नए दिल्ली में मोदी, शीजन टेंग और व्लादिमिर पुतिन की एक साथ मौजूदगी ने दुनिया को ये संकेट जरूर दिया
03:18कि भारत अब सर्फ एक जियो पॉलिजिकल कैम्प का हिस्सा बन कर नहीं है
03:22बलकि अलग-अलग शक्तियों के साथ समवाद करते हुए अपनी स्ट्राटेजिक ऑटोनोमी को आगे बढ़ाना चाहता है
03:29यही नियो जली डिकलरेशन की सबसे बड़ी कहानी है और इस सब्रीक्स की सबसे बड़ी जीत भी
03:35यह अमेरिका के खिलाफ कोई आपचारी कट बंधन नहीं है यह पाकस्तान के खिलाफ कोई सीधा प्रस्ताव भी नहीं है
03:41लेकिन टेरिफ पर सामोहिक आपती, ग्लोबल साउथ की आवाज, आतंकवाद पर सख्त रुख और वेस्ट एशिया में डायलॉग की प्यारवी
03:50इन सब ने भारत को एक बड़ा डिप्लमाटिक स्पेस जरूर दिया और शायद यही वजह है कि नई दिल्ले से
03:56निकला यह डिकलरेशन सिर्फ ब्रीक्स का दस्तावेज नहीं बलकि बदलती हुई ग्लोबल डिप्लमेसी का संकेत माना जा रहा है
04:04ब्रीक्स अब समात्त हो चुका है और धीरे धीरे दुनिया के सभी बड़े नेता सभी बड़े लीडर्स अपने अपने देश
04:12को भी रवाना हो रहे हैं
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