00:00भारत की UNSC में स्थाई सीट की दावेदारी को अब यूरोप के चार देशों का एक साथ समर्थर मिल गया
00:06है
00:06न्यूयोक में 21 सेयुक्तराष्ट महासभा के दोरान पहली V4 इंडिया फॉरिन मनेस्टर्स मीटिंग हुई
00:13और इसी बैठक में हंगरी, पोलेंड, स्लोवाकिया और चेकिया यानि की विजेग्राइट रूप के चारो देशों ने भारत की स्थाई
00:22सदस्यता की मांग का समर्थन किया
00:24स्लोवाकिया के विदेश मंत्रे जुराज बलनार ने कहा कि ग्लोबल साउथ और इंडो पैसिफिक में भारत की भूमिका को देखते
00:32हुए उसे संयुक्त राश्ट सुरक्षा परिश्रत में स्थाई सदस्य के रूप में जग है मिलनी चाहिए
00:37रेकिन सवाल यह है कि आखिर V4 देशों का ये समर्थन भारत के लिए इतना महत्वपून क्यूं है और क्या
00:43चार यूरोपिय देशों के समर्थन से भारत को अब UNSC की स्थाई सीट मिल जाएगी
01:01सबसे पहले V4 को समझे
01:03V4 मध्य यूरोप के चार देशों पुलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक्या का क्शेत्रिय सम्मू है
01:10इन देशों के साथ भारत ने पहली बार इस तर पर संयुक्त विदेशी बैठक की है
01:14विदेश मंतरी S. जैशंकर ने इस बैठक को एक नया एतिहासिक अफसर बताया
01:19और कहा कि बैठक बहुत प्रोडक्टिव रही
01:21और इस बैठक का सबसे बड़ा संदेश आया UNSC को लेकर
01:25स्लोवाकिया के विदेश मंतरी जुराज बलानार ने साफ कहा कि
01:29चारो वी फोर देश इस बात पर सहमत है कि
01:32ग्लोबिल साउथ के महत्वपुन देश और इंडो पैसपिक की उभरती शक्ती
01:36भारत को सयुक्त राष्ट सुरक्षा परिशद में स्थाई सदस्य के तोर पर जगह मिलनी चाहिए
01:41यानि चारो देशों ने भारत की दावेदारी को सामुहिक समर्थन दिया है
01:45भारत लंबे समय से UNSC में सुधार की मांग करता रहा है
01:48मौजूदा समय में सुरक्षा परिशद में कुल 15 सदस्य हैं
01:52इन में 5 सथाई सदस्य हैं जिन में अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और बिटेन शामिल है
01:57बाकी 10 सथाई होते हैं और 2 साल के लिए चुने जाते हैं
02:01भारत का तर्क है कि जिस दुनिया के लिए 1945 में समय राश्य सुरक्षा परिशद बनाई गई थी
02:07आज दुनिया वैसी नहीं है
02:09उस समय एशिया और अफ्रीका के बड़े हिस्से और अपनी वेशिक शासन के अधीन थे
02:14आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में है
02:17एक बड़ी अर्थ ववस्था है और वैस्विक पूट रीती में उसकी भूमी का अलगतार बढ़ी है
02:22भारत ये भी रेखांकित करता है कि वो स्युक्तराश्ट शांती अभियानों में लंबे समय से योगदान देता रहा है
02:29यही वज़ा है कि भारत कहता है कि अगर दुनिया बदल गई है तो वैस्विक संस्थाओं की संरचुना भी बदलनी
02:35चाहिए
02:35लेकिन यहाँ एक बड़ा पेच है
02:37V4 देशों का समर्थर मिलना और UNST के स्थाई सीट मिल जाना दो अलग बात है
02:42सुरक्षा परिशद में सुधार के लिए व्यापक अंतराष्ट्य सहमती की जरत हो
02:46सबसे महतुपुन बात यह है कि मौजूदा UN चार्टर में बदलाव करना होगा
02:50यानि सिर्फ कुछ देशों के समर्थन से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकती
02:55स्थाई सदस्यों की भूमी का और वेटो पावर जैसे मुद्दे भी पूरी बहस को बेहद जटिल बनाते हैं
03:01फिलहार UNSC के 5 स्थाई सदस्य हैं और इसके पास वेटो पावर है
03:08किसी नए स्थाई सदस्यों को शामिल करने पर ये सवाल उठता है कि क्या उसे भी वही वेटो अधिकार मिलेंगे
03:14या नहीं
03:15भारत ने ये समान अधिकारों की विकालत की हैं और अलग-अलग श्ट्रेनी के स्थाई सदस्यों के मॉडल पर सवाल
03:21उठाया है
03:22भारत की दावेदारी को पहले भी कई बड़े देशों का समर्थन मिल चुका है
03:25फ्रांस और ब्रिटेन भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन कर चुके है
03:30अमेरिका ने भी भारत की स्थाई सदस्यता के लिए समर्थन व्यक्त किया है
03:34और रूस भी भारत की दावेदारी के पक्ष में रहा है
03:37भारत के साथ ब्राजिल, जॉमनी, जिपैन भी जी फोर समू में है
03:42जो UNSC में स्थाई सदस्यता के लिए एक दूसरे की दावेदारी का समर्थन करते है
03:46लेकिन चीन के स्तिती अलग है
03:49चीन ने भारत की अकांग्शा को लेकर अलग-अलग मौकों पर सकरात्मक भाषा इस्तिमाल की है
03:54लेकिन उसने भारत की स्थाई सदस्यता के लिए पश्ट समर्थन नहीं दिया है
03:58यहीं वज़ा है कि भारत की UNSC मोहीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती में से एक है
04:03मौझूदा P5 की सहमती हासिल करना भी
04:07अब सवाल यह है कि V4 देशों के साथ भारत की नई साज़िदारी सिर्फ UNSC तक सिमित रहेगी
04:13या इसके पीछे कोई बड़ा रणनेतिक महतों भी है
04:15दरसल बैठक में सिर्फ सुरक्षा परिशद की बात नहीं हुई
04:18भारत और V4 देशों ने राज़ितिक सहयों को मजबूत करने
04:22हर साल विदेश मंत्रियों की बैठक आयवजिद करने
04:24और एक एनुवल बिजनस फोरम शुरू करने पर सहमती जताई है
04:28उसके अलावा रख्षा सहयों को आगे बढ़ाने
04:30टेकनोलोजी और इनोवेशन, स्पेस, कनेक्टिविटी, शिक्षा
04:34और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दों पर ही चर्चा हूँ
04:37यानि भारत अब इन चार मध्य यूरोप के देशों के साथ
04:40संबंदों को सिर्फ कूट नीतिक सतर पर नहीं
04:43बलकि आर्थिक, रक्षा और तक्निकी सहयों के सतर पर भी आगे बढ़ाना चाहता है
04:47और ये भारत के लिए इसलिए भी महत्वपून है
04:50क्योंकि यूरोप के साथ भारत के संबंद लगतार गहरे हो रहे हैं
04:53वी-फोर देश यूरोप के भीतर एक अलग छेत्रिय समू के तौर पर काम करते हैं
04:58और इनके साथ मजबूत संबंद भारत को यूरोपिय देशों के साथ अपने संपर्कों और विस्तार देने का अवसर दे सकते
05:05हैं
05:05जशंकर ने बैठा के बाद कहा कि भारत और वी-फोर के बीच रक्षा सयोग का लंबा एतिहास रहा है
05:11और अब उस नय सिरे से आगे बढ़ाने की जरूरत है
05:14टिकनोलजी, स्पेस, इनोवेशन जैसे छेत्र भी आने वाले समय में इस साजिदारी के एहम हिस्ते को सकते हैं
05:20तो कुल मिला कर वी-फोर देशों का समर्थन भारत की UNSC मुहीम के लिए एक महत्वपुन पूट नितिक समर्थन
05:27जरूर है
05:27चार देशों का एक साथ सामने आना ये दिखाता है कि भारत की स्थाई सदस्यता की मांग को यूरोप के
05:34एक और और एक शेत्रिय समू के सारोजनिक समर्थन मिला है
05:38लेकिन अभी इसे भारत के लिए स्थाई सीट का रास्ता साफ हो गया है ऐसा कहना सही नहीं होगा या
05:43बहुत जल्द बाजी हो
05:45आगे सबसे बड़ी चुनौती होगी UNSC reform पर व्यापक सहमती बनाना
05:49UN Charter में जरूरी बदलाव कराना और मौझूदा 27 अदस्यों के विए चुछ सहमती हासिल करना
05:56यानि नुई-योर्क से भारत के लिए संदेश मजबूत जरूर आया है लेकिन मनजिल अभी बाकी है
06:02V4 का समर्थन भारत की धावेदारी को आवास देता है बल भी देता है
06:07और अब देखना होगा कि ये आवास से उक्तराष्ट के उस विवस्था में कितना बड़ा बदलाव लाप आती है
06:12जो करीब आठ दशक बाद भी 1945 की दुनिया की संरचना को काफी हद तक अपने भीतर समेटे हुए है
06:19हलागे छोटी सी रोशनी ही सही लेकिन UNSC में स्थाई सीट की दावेदारी पर भारत की मजबूत पेशी अपने आप
06:27में एक बड़ी खबर है
06:28और इस खबर पर हमारी नजर बनी हुई है इसमें कुछ भी नए अपडेट आएगा आप तक हम पहुचाते रहेंगे
06:33तब तक देश दुनिया की सभी बड़ी खबरों के लिए देखते रही है
06:37ONE INDIA हैंड़ी
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