Skip to playerSkip to main content
  • 37 minutes ago
'ग्लोबल गवर्नेंस रिफॉर्म के 10 प्रपोजल तैयार करें', BRICS नेताओं से बोले पीएम मोदी

Category

🗞
News
Transcript
00:00Welcome you all to India for the BRICS Summit.
00:08The session is now officially called to order.
00:23Is it okay?
00:39Is it okay?
00:48Your Highness, Excellencies, Namaskar.
00:56भारत में आप सभी का स्वागत और अभिननन करते भी हैं, मुझे अत्यन्त खुशी हो रही है.
01:05भारत की BRICS अध्यक्स्ता, पीपल सेंट्रिक और हुमेनिटी फर्स्ट एप्रोच पर आधालीत है.
01:19रिजिलियन्स, इनोवेशन, कोपरेशन और सस्टेनिबिलिटी हमारी प्रात्फिक्ता है रही हैं.
01:32इन प्रात्फिक्ताओं के साथ हमने BRICS को सामान्य जन से जोडने का विशेश बल दिया है.
01:45इसी सोच के साथ साड़े तिन सो से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया.
01:55लगबत तीस सहरों में आपकी टीम्स का स्वागत करने का हमें अवसर मिला.
02:03भारत की BRICS अध्रिक्स्ता को सभल बनाने में सक्रिय योगदान और समर्थन के लिए मैं आप सभी का हार्दिक आभायर
02:15व्यक्त करता हूँ.
02:19फ्रेंड इस वर्ष की BRICS समीट एक एतियासिक पड़ाव है।
02:26हम BRICS की 20 वी वर्जगांट बना रहे हैं।
02:32मानव जीवन में 20 वर्ज की आयूँ मैचुरिटी और रिस्पॉंसिबिलिटी के नए चरण का आरंब करती है।
02:45यह वह अवस्था होती हैं जब सपनों के साथ जिम्मेदारिया जुड़ती है।
02:54सामर्थ को नई दिशा मिलती है।
02:59आज BRICS भी अपने कमिंग आफ एज के क्षण में है।
03:06पिछले वर्ष पिछले 20 वर्षों में BRICS ने वैस्विक मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बढ़ाई है।
03:19हम एक दुसरे के दर्ष्टिकों का सम्मान करते हैं और कंसेंसर से आगे बढ़ते हैं।
03:30हम किसी के विरुत नहीं बल्कि सबको साथ लेकर चलने का की सोच के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते
03:42हैं।
03:43आप समय हैं कि हम ब्रिक्स में हमारी एकता और सहमति को बैस्विक मंच पर ठोस परिणामों में बढ़ले।
03:57अगले बीस वर्सों के लिए हमें एक नए और एंबीशियस एजेंडा पर काम करना होगा।
04:06इसकी सुरुवात हमें अपने खूद के वर्किंग सिस्टिम से करनी होगी।
04:14ब्रिक्स की अध्यक्सा हर वर्ष बदलती हैं।
04:18किन्तु इसकी वजह से हमारा इंस्टिटूशनल मोमेंटम नहीं रुकना चाहिए।
04:27मैं ब्रिक्स कंटिनुटी एंड इंप्लिमेंटेशन मेकानिजम का प्रस्ताव रखता हूं।
04:36इसके तहट ट्रॉइका के माध्यम से सभी इनिशेटिव और आउटकम्स का फॉलॉप हो सकेगा।
04:47हमें शिक्योर डीजिटल रिपोजिट्री बना सकते हैं।
04:55इसमें हर नेड़े के साथ नोडल पॉइंट, समय सीमा और इंप्लिमेंटेशन स्टेटस दर्ज किया जा सकता है।
05:08फ्रेंड्स, ब्रिक्स को मजबूत करते हुए हमें ग्लोबल रिफॉर्म की दिशाय भी ताय करनी होगी।
05:19ग्लोबल गवर्नन्स का वर्तमान स्ट्रक्चर एक पिरामिड जैसा दिखाई देता है।
05:26इसके उपरी भाग में पावर और डिसिजन मेकिंग केंदरी था है।
05:34और नीचले भाग में वो देश हैं जो इन डिसिजन से प्रभावित होते हैं।
05:41लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते।
05:46ग्लोबल साउथ आज वैस्विक संकटों की फ्रंट रो में हैं।
05:53लेकिन डिसिजन मेकिंग की बैक्राव में है।
05:58हमें इस पिरामिड अब प्रिविलेज को प्लेटफॉर्म अब पार्टनर्शिप में बदलना है।
06:07जहां हर देश की आवाज हो।
06:11हर सदस्य का स्टेक हो।
06:14हर प्रयास के केंदर में मानवता का विकास हो।
06:19इस उदेश से मैं प्रस्ताव रखता हूं कि हम मिलकर
06:27ग्लोबल गवर्ननस रिफॉर्म के दस प्रपोजल्स तैयार करें।
06:34जिसे हम अगली समिट तक एक ब्रिक्स रिफॉर्म रोडमेप का रूप देने का प्रयास कर सकते हैं।
06:45इस रोडमेप को बनाने में हमें तीन मुख्य पहलों रिप्रेजेंटेशन,
06:55रिस्पॉंसिवनेश एंड रूलमेकिंग का ध्यान रखना होगा।
07:03पहला रिप्रेजेंटेशन के समन में कहना चाहूंगा।
07:09यूएन सिकुरिटी काउंसिल में रिफॉर्म अब और ताला नहीं जा सकता।
07:17इस विशेप पर टैक्स बेज नेगोशेशन को निश्चित समय सिमा और स्पस्ट परणाम से जोड़ना होगा।
07:29उसी तरह फाइनांशल इंस्टिटूशन्स में वोटिंग पावर लेडर्सिप पोजिशन्स और पॉलिसी प्राइडिटीज आज की एकनोमिक रियालिटीज के अनुसार होनी चाहिए।
07:47जो देश ग्लोबल एकनोमिक ग्रोध को गती देते हैं उन्हें ग्लोबल एकनोमिक गवर्नस को दिशा देने में भी उचीत भुमी
07:59का मिलनी चाहिए।
08:01दूसरा रिस्पॉंसिवनेश वैश्विक संस्थानों में मानोता का विश्वा तभी बनेगा जब ये समस्याओं का प्रभावी समाधान करने में सक्षम होंगे।
08:17हमें कलेक्टिव रिस्पॉंस के स्पीड, स्केल और लास्ट माइल इंपेक्ट पर ध्यान देना होगा।
08:27सी फेरर्स का वैश्विक व्यापार में बहुत बड़ा योगदान है।
08:33किन्तु अक्सर मुश्किल समय में उन्हें सहारे की कमी मैसूस होती है।
08:40मेरा प्रस्ताव है कि क्या हम सी फेरर्स एमर्जन्ची सपोर्ट नेटवर्क बना सकते हैं।
08:49इसके माध्यम से संबंदित देशों की मेरिटाइम ऑथोरिटी और मिशन्स को जोड़ा जाएगा।
08:58इससे डिस्ट्रेस एलर्ट्स, मेडिकल असिस्टंस, परिवारों को सुचना तता इवेक्वेशन में सहयोग दिया जा सकता है।
09:11और तीसरी बात जो मैं कहना चाहता हूँ, रूल मेकिंग के सबंद में, बविश के ग्लोबल गूर्ट तै करने में
09:19समान भागिदारी सुनिशित करना अत्यनत महत्वपून है।
09:25ए आई, साइबर स्पेस, आउटर स्पेस, बायो टेकनोलोजी और क्रिटिकल टेकनोलोजी बविश के अवसरों के साथ बविश के नियम भी
09:40ताय कर रहे हैं।
09:42हमें ग्लोबल साउट को रूल टेकर से रूल शेपर बनाने के लिए प्रयास करने होंगे।
09:51ब्रिस्क के माध्यम से हम ग्लोबल साउट के देशों के ग्युवाट डिप्लोमेट्स और पॉलिसी मेकर्स को नेगोशेशन स्कील्स, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
10:04और लीगल एक्सपरडीज प्रदान कर सकते हैं।
10:11सुखत संयोग से आज युनाइटेंड नेशन देफ और साउट साउट कॉपरेशन है।
10:19ग्लोबर साउट को समर्पित इस दिन पर ऐसा निर्ने लिया जाना विशेश महत्वर रखता है।
10:28भारत इस विशे में लेड लेने के लिए तयार है।
10:35फ्रैंट्स भारत में आयोजित इस ब्रिक्स समेट का संदेश स्पस्त होना चाहिए।
10:45यदि हमारा भविश साजा है तो उसके निर्मान का अधिकार भी साजा होना चाहिए।
10:55प्रम वाइस तो इंपेक्ट, प्रम पिविलेट तो प्राटनर्सीप यही ब्रिक्स एट प्वेंट्टी का संकर्प हो।
Comments

Recommended