00:00IIT Bombay के एक Hostel के कमरे में इस बग प्लंबर और मिस्तरी काम कर रहे हैं
00:04वो दिवारे तोड़ने ही रहे, वो पंखे बतल रहे हैं
00:07छटों से सीलिंग फैन उतारे जा रहे हैं और दिवारों पर वाल माउंटेट फैन कसे जा रहे हैं
00:12वजा, 18 सितंबर को बीटेक सेकेंड येर के छातर साहिल बाकोडे की आत्म हत्या
00:18प्रशाशन को लगता है कि एगर छट पर पंखा ही नहीं होगा तो कोई छातर फासी का फंदा लगाएगा कैसे
00:23लेकिन देश का सबसे बड़ा सवाल आज रही है क्या वाल माउंटेट फैन लगाने से उस मानसिक दबाव का बोज
00:29कम हो जाएगा
00:30जो एक 22 साल के हुनहार जातर को अपनी जान देने पर मजबूर कर देता है
00:35महराश्ट्र के यवतमाल का रहने वाला साहिल वाकोडे आयाइटी बॉंबे में इनर्जी साइंस और इंजीनिरिंग भाग में पढ़ाई कर रहा
00:42था
00:4218 सितंबर 2026 के शाम पवई कैमपस के हॉस्टिल में साहिल का श्रब पासी से लटका मिला
00:48साहिल की मौच से ठीक पहले क्या हुआ था बताया जा रहा है कि एक परिक्षा के दोरान साहिल पर
00:53मोबाइल फोन का इस्तिमाल करने और AI टूल चार्ड जेपिटी से जवाब खोचने का आरोप लगा
00:58इस परिक्षा में इन्विजिलेटर थे प्रफेसर सूरे नारायन डूला साहिल के परिवार का आरोप है कि इस घटना के बाद
01:05साहिल को बेहद मानसिक प्रताड़ना धंकी और जातिगट टिपडियों का सामना करना पड़ा
01:10मुंबई पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और S.C.S.T. आक्ट के तहट केस दर्श
01:15किया है
01:15हाला कि आरोप अभी जाच के दाइरे में है और किसी भी अंतिम नतीजे पर पहुशना जल्दबाजी होगी
01:20साहिल की मौत के बाद कैमपस में गुस्सा भढ़का तो प्रुसाशन ने एक कदम उठाया
01:25हॉस्टलों से सीलिंग फैन हटा कर वॉल माउंटेट फैन लगाने का काम शुरू कर दिया
01:29कैमपस में पहुचे नए पंकों की तस्वीरे सोशल मीडिया पर वाइरल हुई तो राचनीतिक और समाजिक गल्यारों में तीखी बहस
01:35चड़ गए
01:35स्पी के प्रवक्ता नीश गवडे ने प्रुसाशन के सोच पर सीधा हमला बोला
01:40उन्होंने पूछा क्या आई आई आई टी प्रुसाशन को सच में ये लगता है कि सिफ पंखा बदल देने से
01:45आत्महत्याय रुक जाएं
01:46गवंडे ने आकड़े याद दिलाते हुए कहा कि बीते 20 सालों में देश भर के आई आई आई टी सिंस्थानों
01:51में 117 से जादा च्छात्रों ने अपनी जान दी
01:54सवाल ये है कि क्या हम आत्महत्या के साधनों को हटाने में इतने वेस्थ हो गए है कि आत्महत्या के
01:59कार्णों की तरफ देखना ही भूल गए
02:01इस बीच आई आई आई टी बॉम्बे के छात्र प्रतिनिधियों ने अपना रुक पूरी तरह साफ कर दिया है
02:06उन्होंने एक अधिकारिक बयान जारी कर कुछ बेहद एहम बाते कही है चात्रों ने साफ कहा कि हम परिक्षा में
02:12नकल या किसी भी तरह की चीटिंग का समर्थन नहीं करते चात्रों का कहना है कि उनका विरोध चीटिंग पकड़े
02:17जाने पर नहीं है बलकि उसके बाद चात
02:35आज हमारा ये प्रोटेश की कारण है कि आज हमारा कॉलेज में सूसड होता तो इसलिए हमारा जो भी एड्मिनिस्रेशन
02:45है उनको एकॉंडबल्टी ट्रांस्परेंस और आंसरबल होने के लिए हम आज प्रोटेश के लिए आया था
02:52और अभी ये पहली नहीं है यही साल में चार हो गया और दो महिना में दो हो गया तो
02:57हमको कुछ पतने चल रहे क्यों हो रहे क्या रिजने सब कुछ आगे हमारा जो भी रिजल्ट आने क्या आने
03:06चाहिए कि हमको आंसरबल रहना है पहले अड्मिनिस्रेशन और जो भी प्रो�
03:40चात्रों ने अपने 18 मांगे तयार की और कैमपस में आयूजित एक ओपन हाउस में सीधे संस्थान के डाइरेक्टर के
03:46सामने रखी
03:47गनी मत रही कि निदेशक ने चात्रों की बाते सुनी उनकी मांगों पर हस्ताक्षर किये और तय समय में सुधार
03:52लागू करने का भरोसा दिया
03:54अब आते हो उस पहलू पर जिसे लेकर मीडिया में कई तरह की बाते पहलाई जारे है
03:58जात्रपती निधियों ने खुद स्पष्ट किया है कि वो प्रफेसर सुय नरायन डूला को जाच से पहले दोशी नहीं ठहरा
04:04रहे हैं
04:04उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि जब तक जाच चल रही है तब तक प्रफेसर डूला को दीन ओफ एड्मिनिस्ट्रेटिव
04:10अफेस के प्रसाशनिक पद से अलग रखा जाए ताकि जाच प्रभावित ना
04:14वही करीब 750 सदस्ते वाले IIT Bombay faculty forum ने एक प्रस रिलीज जारी कर मीडिया रिपोर्ट्स पर स्थिती साफ
04:21की है
04:21faculty forum ने कहा कि प्रफेसर डूला को संस्थान की सेवा से निलंबित नहीं किया गया है वो faculty के
04:27सदस्ते बने हुए
04:28सुतंत्र जाच के लिए उन्हें सिर्फ प्रसाशनिक जब्यदारियों से मुक्त किया गया है
04:33faculty forum अपने साथी प्रफेसर के साथ मजबूती से खड़ा है
04:36आपको बता दे कि प्रफेसर डूला 2009 से IIT Bombay में पढ़ा रहे है
04:41दिल्ली से PhD है और चात्रों के feedback के अधार पर उन्हें बहतरीन शिक्षण के दो अबॉट भी मिल चुके
04:48है
04:48चात्र प्रतिमिदियों ने अपील भी किये कि साहिल की दुखन मौत को कोई भी बाहरी राजनितिक संगठन अपने फायदे के
04:54लिए इस्तमाल ना करे
04:55IIT Bombay में पंखे तो बदले जा रहे हैं लेकिन क्या हमारी विवस्था का mindset बदल रहा है अगर हर
05:01suicide के बाद हल सिर्फ इतना ही होगा कि छट का पंखा अटा दिया जाए तो कल को खिड़किया बंद
05:05कर दी जाएंगी फिर बालकनी में दिबारे उठा दी जाएंगी लेकिन उस �
05:09क्या करेंगे जो चातर के दिमाग के अंदर पल रही है जब तक हमारी संस्थान गलती और अपराद के बीच
05:15का फर्क नहीं समझेंगे जब तक चातरों को ये भरोसा नहीं मिलेगा कि एक नाकामी जिंदगी का अंत नहीं होती
05:21तब तक पंखे बदलने से कुछ नहीं होगा आ
05:38सब्सक्रवशन एडराद को ये जaretान पूस्राद बाजरा एक अाव Pan World
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