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बंगाल की खाड़ी में गहराया भारी संकट! 75 KM/H हवाओं के साथ आ रहा है खतरनाक सिस्टम, जानिए किन राज्यों पर मंडराया है तबाही का खतरा?
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव (Low Pressure) का क्षेत्र अब तेजी से मजबूत हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के मुताबिक, अगले 48 घंटों में यह डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इसका सीधा असर 23 और 24 सितंबर को दक्षिण ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश पर पड़ेगा, जहां मूसलाधार और अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इस मौसमी उथल-पुथल की वजह से समुद्र में 75 KM/H की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा छत्तीसगढ़, तेलंगाना, विदर्भ और मध्य प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। मौसम वैज्ञानिकों की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि अल नीनो (El Nino) की मजबूती इस मानसूनी चक्र को और अधिक अनिश्चित बना रही है।

About the Story:
A powerful low-pressure system in the Bay of Bengal is set to intensify into a deep depression within 48 hours, triggering extremely heavy rain warnings for Odisha, Andhra Pradesh, Chhattisgarh, and Telangana on September 23-24. Winds could reach up to 75 km/h, while strengthening El Niño conditions have raised serious concerns among meteorologists.
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#WeatherUpdate #HeavyRainAlert #BayOfBengal #IMDAlert

~HT.410~PR.514~ED.276~VG.HM~

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Transcript
00:06इस वक्त भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है
00:10कहीं मौनसून की विदाई शुरू हो चुकी है तो कहीं बारिश का दौर जारी है
00:14और इसी बीच बंगाल की खाड़ी में समुद्र के उपर एक ऐसा सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है
00:19जिसने मौसम विज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है
00:22इसके साथ ही प्रशांत महासागर में अल नीनो भी लगातार मजबूत हो रहा है
00:27यानि भारत के मौसम पर एक साथ दो बड़े मौसमी फैक्टर नजर रख रहे है
00:32इस विडियो में आपको बताएंगे कि बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर अब कहां पहुँच गया है
00:37कब डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन बन सकता है
00:40ओडिशा और आंधर प्रदेश में बारिश का कितना खत्रा है
00:43तेज हवाओं की रफतार कितनी हो सकती है
00:45और अल नीनों का भारत के मौसन पर आगे क्या असर पड़ सकता है
00:49सबसे पहले बात बंगाल की खाड़ी में बने उस सिस्टम की
00:53जिसने इस समय पूरे मौसम का फोकस पूर्वी तट की तरफ कर दिया है
00:57भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 21 सितंबर के अपडेट के मुताबिक
01:02बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिमी हिस्से में बना
01:05वेल मार्क्ट लो प्रेशर एरिया
01:07अगले 48 घंटों में डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में बदल सकता है
01:11सिस्टम के पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है
01:15और इसके 23 सितंबर की सुभा के आसपास उत्तर आंद्रप्रदेश और दक्षिन ओडिशा के तट के करीब पहुँचने का अनुमान
01:22है
01:22अब यहां एक बात समझना जरूरी है
01:24सोशल मीडिया पर इसे अभी से चक्रवात अर्नब कहा जा रहा है
01:28लेकिन फिलहाल IMD ने इसे चक्रवात घोशित नहीं किया है
01:32पहले ये लो प्रेशर से डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है
01:36अगर आगे चलकर इसकी तीवरता ट्रॉपिकल साइकलोन के स्तर तक पहुँचती है
01:40तभी इसका नाम इस्तिमाल किया जाएगा
01:42IMD की आधिकारिक नामों की सूची में अर्नब बांगलादेश द्वारा सुझाए गए नामों में शामिल है
01:48इसलिए फिलहाल इसे संभावित नाम समझना ज्यादा सही है
01:51पक्का चक्रवात नहीं
01:53लेकिन सिस्टम के मजबूत होने की रफ्तार को देखते हुए खत्रा कम नहीं है
01:57IMD ने दक्षिन ओडिशा और उत्तर तटिये आंधर प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की जेतावनी
02:05दी है
02:05ओडिशा के लिए 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का इलर्ट है
02:12इसके बाद 25 सितंबर को भी बहुत भारी और 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बताई गई है
02:18उत्तर तटिये आधर प्रदेश में भी 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 30-24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश
02:25का खत्रा है
02:26यानि अगले 2-3 दिन इस पूरी क्षेत्र के लिए बेहद एहम रहने वाले हैं
02:31तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं
02:35तटिये इलाकों में समुद्र की स्थिती भी खराब हो सकती है
02:38इसलिए मचवारों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेताबनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है
02:45अब सवाल यह है कि इस सिस्टम का असर सिर्फ ओडिशा और आंधर प्रदेश तक सीमित रहेगा या आगे भी
02:50जाएगा
02:51मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इसका प्रभाव दक्षिन और मध्य भारत के कई हिस्सों तक पहुँच सकता है
02:57चतीस गड़ में 23 से 25 सतंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है और दक्षिन चतीस गड़ में 24
03:04सतंबर को कुछ जगों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है
03:07तेलंगाना में भी 23 से 25 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज चिमक के साथ तेज हवाओं की स्थिती
03:13बन सकती है
03:14इसके बाद ये सिस्टम विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविभिया बढ़ा सकता है
03:20यानि एक तरफ बंगाल की खाड़ी का सिस्टम मजबूत हो रहा है दूसरी तरफ मौनसून की विदाई का दौर भी
03:26शुरू हो चुका है
03:27भारत के पश्चमी हिस्से से दक्षिन पश्चम मौनसून की वापसी शुरू हो गई है और इसके साथ ही मौसम का
03:33पैटर्न तेजी से बदल रहा है
03:35इस साल 19 सितंबर तक देश में कुल बारिश सामानने से लगभग 15 प्रतिशत कम थी
03:40ऐसे में एक तरफ कुछ इलाकों में बारिश की कमी है तो दूसरी तरफ यही मौसमी सिस्टम कुछ क्षेत्रों में
03:46बहुत ज्यादा बारिश की स्थिती पैदा कर सकता है
03:49यानि मौसम की सबसे बड़ी चुनोती सिर्फ बारिश नहीं है, बलकि बारिश का असमान वित्रन भी है
03:54कहीं बादल बरसने का इंतिजार हो रहा है, तो कहीं कुछ ही घंटों में बहुत ज्यादा बारिश का खत्रा बन
04:00सकता है
04:01आंद्रप्रदेश में भी इस सिस्टम से किसानों को कुछ राहत की उम्मीद है, क्योंकि राज्जी के कई हिस्सों में हाल
04:06की दिनों में बारिश की कमी रही है
04:08लेकिन भारी बारिश की स्थिती में खेतों, निचले इलाकों और सडकों पर जल भराव की समस्या भी पैदा हो सकती
04:14है
04:14अब बात करते हैं हवा की, मौसम विभाग ने दक्षन ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटिये इलाकों में सिस्टम
04:21के कलीब आने के दौरान तेज हवाओं की चेतावनी दी है
04:24समुद्र के उपर हवा की गती बढ़ सकती है और तट के पास स्कॉली वेदर यानि तेज जोंकों वाली हवाएं
04:30देखने को मिल सकती है
04:32यही वज़ा है कि अगले कुछ दिनों में समुद्री गती विध्यों पर विशेश निग्रानी रखी जा रही है
04:37इसके बाद असर चतीजगर, तेलंगाना, विधर्भ और मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ सकता है
04:42यानि एक समुद्री सिस्टम धीरे धीरे जमीन के उपर आगे बढ़ते हुए कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता
04:48है
04:49हाला कि सिस्टम जमीन पर पहुँचने के बाद कितनी तेजी से कमजोर होगा, ये उसकी वास्तविक तीवरता और ट्रैक पर
04:55निर्भर करेगा
04:56इसलिए अगले 24 से 48 घंटे के IMD अपडेट बेहद महत्वपूर होंगे
05:00अब आते हैं दूसरे बड़े फैक्टर पर और वो है अलनीनो
05:04प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहने की स्थिती को अलनीनो कहा जाता है
05:11इसका असर सिर्फ प्रशांत महासागर तक सीमित नहीं रहता बलकि दुनिया के कई हिस्सों के मौसम के पैटर्न को प्रभावित
05:18कर सकता है
05:18अमेरिका के NOAA Climate Prediction Center ने सितंबर के अपडेट में कहा है कि अलनीनो मजबूत हो रहा है
05:25और उत्तरी गोलार्थ की 2026 की शरद और सर्दियों के दोरान बहुत मजबूत अलनीनो बनने की संभावना 90 प्रत्षत से
05:33ज्यादा है
05:34पूर्वी भूमध्य रेखिये प्रशांत क्षित्र में समुद्र की सतह का तापमान भी सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई
05:41है
05:41लेकिन यहां भी एक जरूरी साभानी है
05:43अलनीनो का मतलब ये नहीं है कि भारत में निश्चित रूप से सूखा या अकाला जाएगा
05:48इसका असर मौसम की दूसरे सिस्टम, मौनसून की स्थिती, समुद्री तापमान और वायू मंडलिय परिस्थितियों के साथ मिल कर तै
05:56होता है
05:56इसलिए अभी से पूरे देश के लिए सूखे की भविश्यवानी करना सही नहीं होगा
06:01इतना जरूर है कि मजबूत अलनीनो भारत सहित दुनिया की कई हिस्सों के मौसम के लिए एक महत्वपून जलवायू संकेत
06:08बन सकता है
06:09भारत में इस समय सबसे दिल्चस्प स्थिती यही है कि एक तरफ अलनीनों का प्रभाव आने वाले महीनों के लिए
06:15चिंता का विशे है
06:15तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी का मौजूदा सिस्टम सितंबर के आखरी हिस्से में बारिश और तीज हवाओं का बड़ा
06:22दौर ला सकता है
06:23यानि अल्प अवधी में भारी बारिश और लंबे समय में बदलते मौनसूनी पैटरन पर नजर रखनी होगी
06:28दिल्ली NCR की बात करें तो फिलहाल इस सिस्टम का सबसे बड़ा असर पूर्वी और मध्य भारत के मुकाबले राजधानी
06:35क्षेतर में दिखाई देने की उमीद नहीं है
06:37लेकिन सितंबर के आखरी दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है इसलिए स्थानिय पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है
06:44पंजाब, हर्याना और पश्चमी उत्तर प्रदेश में भी इस सिस्टम का सीधा प्रभाव ओडिशा और आंध्र प्रदेश जितना मजबूत नहीं
06:51रहने की संभावना है
06:53सबसे ज्यादा सतर्क रहने वाले इलाके फिलहाल दक्षिन, ओडिशा और उत्तर तटिय आंध्र प्रदेश है
06:58इसके बाद दक्षिन, चत्तीजगर्ड और तेलंगाना पर नजर रहेगी
07:02भारी बारिश वाले इलाकों में, निचले इलाकों में पानी भरने, छोटी नदियों और नालों के जल स्तर में बढ़ने, तिथा
07:09कुछ जगों पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती है
07:12पहाडी या धलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी स्थानिय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए
07:18और सबसे जरूरी बात अगर आप 22 से 25 सितंबर के बीच ओडिशा, आंध्र प्रदेश, 36 गड़ या तेलंगाना या
07:25आसपास के इलाकों में यात्रा करने वाले हैं तो निकलने से पहले आई-मडी और स्थानिय प्रशासन का ताजा एलर्ट
07:31जरूर देख लें
07:32समुद्र से जुड़े इलाकों में बिना अनुमती या चेतावनी की समुद्र की तरफ जाना बिलकुल ना करें और गरच चमक
07:38के दोरान खुले मैदानों, पेडों और बिजली के खम्भों से दूरी बनाए रखें
07:42तो कुल मिलाकर तस्वीर साफ है, बंगाल की खाडी में बना सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है और अगले 48
07:49घंटों में इसके डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है
07:5323 और 24 सितंबर को दक्षिन ओडिशा और उत्तर तटिये आंधर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का खत्रा है
07:59इसके बाद 36 गर्ड तेलंगाना, विदर्ब और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिल सकता
08:06है
08:06वहीं दूसरी तरफ प्रशांत महसागर में मजबूत होता अल्मीनों आने वाले महीनों के लिए मौसम वैज्यानिकों की निगा में एक
08:13बड़ा फैक्टर बना हुआ है
08:14फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बंगाल की खाड़ी का ये सिस्टम आखिर कितनी ताकत हासल करता है
08:20क्या ये डीप डिप्रेशन तक सीमित रहेगा या आगे चलकर ट्रॉपिकल साइकलोन में बदल जाएगा
08:25इसका जवाब अगले कुछ अपडेट में मिलेगा और अगर ये चक्रवाद बनता है तभी अरनब नाम आधिकारिक रूप से प्रासंगिक
08:32होगा
08:33यानि मौसम ने फिर करवट ली है और इस बार समुद्र से लेकर जमीन तक नजर रखने की जरूरत है
08:38आप अपने इलाके के मौसम का हाल हमें कॉमेंट में जरूर बताएए आपके यहां बारिश हो रही है या मौसम
08:44साफ है फिल हाल के लिए इतना ही सुरक्षित रहिए मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखिए
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