00:06इस वक्त भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है
00:10कहीं मौनसून की विदाई शुरू हो चुकी है तो कहीं बारिश का दौर जारी है
00:14और इसी बीच बंगाल की खाड़ी में समुद्र के उपर एक ऐसा सिस्टम तेजी से मजबूत हो रहा है
00:19जिसने मौसम विज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है
00:22इसके साथ ही प्रशांत महासागर में अल नीनो भी लगातार मजबूत हो रहा है
00:27यानि भारत के मौसम पर एक साथ दो बड़े मौसमी फैक्टर नजर रख रहे है
00:32इस विडियो में आपको बताएंगे कि बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर अब कहां पहुँच गया है
00:37कब डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन बन सकता है
00:40ओडिशा और आंधर प्रदेश में बारिश का कितना खत्रा है
00:43तेज हवाओं की रफतार कितनी हो सकती है
00:45और अल नीनों का भारत के मौसन पर आगे क्या असर पड़ सकता है
00:49सबसे पहले बात बंगाल की खाड़ी में बने उस सिस्टम की
00:53जिसने इस समय पूरे मौसम का फोकस पूर्वी तट की तरफ कर दिया है
00:57भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के 21 सितंबर के अपडेट के मुताबिक
01:02बंगाल की खाड़ी के उत्तर पश्चिमी हिस्से में बना
01:05वेल मार्क्ट लो प्रेशर एरिया
01:07अगले 48 घंटों में डिप्रेशन और उसके बाद डीप डिप्रेशन में बदल सकता है
01:11सिस्टम के पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है
01:15और इसके 23 सितंबर की सुभा के आसपास उत्तर आंद्रप्रदेश और दक्षिन ओडिशा के तट के करीब पहुँचने का अनुमान
01:22है
01:22अब यहां एक बात समझना जरूरी है
01:24सोशल मीडिया पर इसे अभी से चक्रवात अर्नब कहा जा रहा है
01:28लेकिन फिलहाल IMD ने इसे चक्रवात घोशित नहीं किया है
01:32पहले ये लो प्रेशर से डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदल सकता है
01:36अगर आगे चलकर इसकी तीवरता ट्रॉपिकल साइकलोन के स्तर तक पहुँचती है
01:40तभी इसका नाम इस्तिमाल किया जाएगा
01:42IMD की आधिकारिक नामों की सूची में अर्नब बांगलादेश द्वारा सुझाए गए नामों में शामिल है
01:48इसलिए फिलहाल इसे संभावित नाम समझना ज्यादा सही है
01:51पक्का चक्रवात नहीं
01:53लेकिन सिस्टम के मजबूत होने की रफ्तार को देखते हुए खत्रा कम नहीं है
01:57IMD ने दक्षिन ओडिशा और उत्तर तटिये आंधर प्रदेश में 23 और 24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश की जेतावनी
02:05दी है
02:05ओडिशा के लिए 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 23 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश का इलर्ट है
02:12इसके बाद 25 सितंबर को भी बहुत भारी और 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना बताई गई है
02:18उत्तर तटिये आधर प्रदेश में भी 22 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 30-24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश
02:25का खत्रा है
02:26यानि अगले 2-3 दिन इस पूरी क्षेत्र के लिए बेहद एहम रहने वाले हैं
02:31तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं
02:35तटिये इलाकों में समुद्र की स्थिती भी खराब हो सकती है
02:38इसलिए मचवारों और समुद्र में जाने वाले लोगों के लिए मौसम विभाग की चेताबनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है
02:45अब सवाल यह है कि इस सिस्टम का असर सिर्फ ओडिशा और आंधर प्रदेश तक सीमित रहेगा या आगे भी
02:50जाएगा
02:51मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक इसका प्रभाव दक्षिन और मध्य भारत के कई हिस्सों तक पहुँच सकता है
02:57चतीस गड़ में 23 से 25 सतंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है और दक्षिन चतीस गड़ में 24
03:04सतंबर को कुछ जगों पर अत्यंत भारी बारिश हो सकती है
03:07तेलंगाना में भी 23 से 25 सितंबर के बीच भारी बारिश और गरज चिमक के साथ तेज हवाओं की स्थिती
03:13बन सकती है
03:14इसके बाद ये सिस्टम विदर्भ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविभिया बढ़ा सकता है
03:20यानि एक तरफ बंगाल की खाड़ी का सिस्टम मजबूत हो रहा है दूसरी तरफ मौनसून की विदाई का दौर भी
03:26शुरू हो चुका है
03:27भारत के पश्चमी हिस्से से दक्षिन पश्चम मौनसून की वापसी शुरू हो गई है और इसके साथ ही मौसम का
03:33पैटर्न तेजी से बदल रहा है
03:35इस साल 19 सितंबर तक देश में कुल बारिश सामानने से लगभग 15 प्रतिशत कम थी
03:40ऐसे में एक तरफ कुछ इलाकों में बारिश की कमी है तो दूसरी तरफ यही मौसमी सिस्टम कुछ क्षेत्रों में
03:46बहुत ज्यादा बारिश की स्थिती पैदा कर सकता है
03:49यानि मौसम की सबसे बड़ी चुनोती सिर्फ बारिश नहीं है, बलकि बारिश का असमान वित्रन भी है
03:54कहीं बादल बरसने का इंतिजार हो रहा है, तो कहीं कुछ ही घंटों में बहुत ज्यादा बारिश का खत्रा बन
04:00सकता है
04:01आंद्रप्रदेश में भी इस सिस्टम से किसानों को कुछ राहत की उम्मीद है, क्योंकि राज्जी के कई हिस्सों में हाल
04:06की दिनों में बारिश की कमी रही है
04:08लेकिन भारी बारिश की स्थिती में खेतों, निचले इलाकों और सडकों पर जल भराव की समस्या भी पैदा हो सकती
04:14है
04:14अब बात करते हैं हवा की, मौसम विभाग ने दक्षन ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटिये इलाकों में सिस्टम
04:21के कलीब आने के दौरान तेज हवाओं की चेतावनी दी है
04:24समुद्र के उपर हवा की गती बढ़ सकती है और तट के पास स्कॉली वेदर यानि तेज जोंकों वाली हवाएं
04:30देखने को मिल सकती है
04:32यही वज़ा है कि अगले कुछ दिनों में समुद्री गती विध्यों पर विशेश निग्रानी रखी जा रही है
04:37इसके बाद असर चतीजगर, तेलंगाना, विधर्भ और मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ सकता है
04:42यानि एक समुद्री सिस्टम धीरे धीरे जमीन के उपर आगे बढ़ते हुए कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता
04:48है
04:49हाला कि सिस्टम जमीन पर पहुँचने के बाद कितनी तेजी से कमजोर होगा, ये उसकी वास्तविक तीवरता और ट्रैक पर
04:55निर्भर करेगा
04:56इसलिए अगले 24 से 48 घंटे के IMD अपडेट बेहद महत्वपूर होंगे
05:00अब आते हैं दूसरे बड़े फैक्टर पर और वो है अलनीनो
05:04प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा रहने की स्थिती को अलनीनो कहा जाता है
05:11इसका असर सिर्फ प्रशांत महासागर तक सीमित नहीं रहता बलकि दुनिया के कई हिस्सों के मौसम के पैटर्न को प्रभावित
05:18कर सकता है
05:18अमेरिका के NOAA Climate Prediction Center ने सितंबर के अपडेट में कहा है कि अलनीनो मजबूत हो रहा है
05:25और उत्तरी गोलार्थ की 2026 की शरद और सर्दियों के दोरान बहुत मजबूत अलनीनो बनने की संभावना 90 प्रत्षत से
05:33ज्यादा है
05:34पूर्वी भूमध्य रेखिये प्रशांत क्षित्र में समुद्र की सतह का तापमान भी सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई
05:41है
05:41लेकिन यहां भी एक जरूरी साभानी है
05:43अलनीनो का मतलब ये नहीं है कि भारत में निश्चित रूप से सूखा या अकाला जाएगा
05:48इसका असर मौसम की दूसरे सिस्टम, मौनसून की स्थिती, समुद्री तापमान और वायू मंडलिय परिस्थितियों के साथ मिल कर तै
05:56होता है
05:56इसलिए अभी से पूरे देश के लिए सूखे की भविश्यवानी करना सही नहीं होगा
06:01इतना जरूर है कि मजबूत अलनीनो भारत सहित दुनिया की कई हिस्सों के मौसम के लिए एक महत्वपून जलवायू संकेत
06:08बन सकता है
06:09भारत में इस समय सबसे दिल्चस्प स्थिती यही है कि एक तरफ अलनीनों का प्रभाव आने वाले महीनों के लिए
06:15चिंता का विशे है
06:15तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी का मौजूदा सिस्टम सितंबर के आखरी हिस्से में बारिश और तीज हवाओं का बड़ा
06:22दौर ला सकता है
06:23यानि अल्प अवधी में भारी बारिश और लंबे समय में बदलते मौनसूनी पैटरन पर नजर रखनी होगी
06:28दिल्ली NCR की बात करें तो फिलहाल इस सिस्टम का सबसे बड़ा असर पूर्वी और मध्य भारत के मुकाबले राजधानी
06:35क्षेतर में दिखाई देने की उमीद नहीं है
06:37लेकिन सितंबर के आखरी दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है इसलिए स्थानिय पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है
06:44पंजाब, हर्याना और पश्चमी उत्तर प्रदेश में भी इस सिस्टम का सीधा प्रभाव ओडिशा और आंध्र प्रदेश जितना मजबूत नहीं
06:51रहने की संभावना है
06:53सबसे ज्यादा सतर्क रहने वाले इलाके फिलहाल दक्षिन, ओडिशा और उत्तर तटिय आंध्र प्रदेश है
06:58इसके बाद दक्षिन, चत्तीजगर्ड और तेलंगाना पर नजर रहेगी
07:02भारी बारिश वाले इलाकों में, निचले इलाकों में पानी भरने, छोटी नदियों और नालों के जल स्तर में बढ़ने, तिथा
07:09कुछ जगों पर यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां बन सकती है
07:12पहाडी या धलान वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी स्थानिय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए
07:18और सबसे जरूरी बात अगर आप 22 से 25 सितंबर के बीच ओडिशा, आंध्र प्रदेश, 36 गड़ या तेलंगाना या
07:25आसपास के इलाकों में यात्रा करने वाले हैं तो निकलने से पहले आई-मडी और स्थानिय प्रशासन का ताजा एलर्ट
07:31जरूर देख लें
07:32समुद्र से जुड़े इलाकों में बिना अनुमती या चेतावनी की समुद्र की तरफ जाना बिलकुल ना करें और गरच चमक
07:38के दोरान खुले मैदानों, पेडों और बिजली के खम्भों से दूरी बनाए रखें
07:42तो कुल मिलाकर तस्वीर साफ है, बंगाल की खाडी में बना सिस्टम लगातार मजबूत हो रहा है और अगले 48
07:49घंटों में इसके डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है
07:5323 और 24 सितंबर को दक्षिन ओडिशा और उत्तर तटिये आंधर प्रदेश में अत्यंत भारी बारिश का खत्रा है
07:59इसके बाद 36 गर्ड तेलंगाना, विदर्ब और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भी इसका असर देखने को मिल सकता
08:06है
08:06वहीं दूसरी तरफ प्रशांत महसागर में मजबूत होता अल्मीनों आने वाले महीनों के लिए मौसम वैज्यानिकों की निगा में एक
08:13बड़ा फैक्टर बना हुआ है
08:14फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि बंगाल की खाड़ी का ये सिस्टम आखिर कितनी ताकत हासल करता है
08:20क्या ये डीप डिप्रेशन तक सीमित रहेगा या आगे चलकर ट्रॉपिकल साइकलोन में बदल जाएगा
08:25इसका जवाब अगले कुछ अपडेट में मिलेगा और अगर ये चक्रवाद बनता है तभी अरनब नाम आधिकारिक रूप से प्रासंगिक
08:32होगा
08:33यानि मौसम ने फिर करवट ली है और इस बार समुद्र से लेकर जमीन तक नजर रखने की जरूरत है
08:38आप अपने इलाके के मौसम का हाल हमें कॉमेंट में जरूर बताएए आपके यहां बारिश हो रही है या मौसम
08:44साफ है फिल हाल के लिए इतना ही सुरक्षित रहिए मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखिए
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