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Hartalika Teej 2026: 14 सितंबर को तीज और गणेश चतुर्थी साथ...जानें पूजा मुहूर्त और व्रत के नियम

14 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक रूप से बेहद खास है...क्योंकि इस दिन हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी दोनों पर्व एक साथ पड़ रहे हैं। हरतालिका तीज की पूजा सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक बताई गई है, जबकि दिल्ली के अनुसार गणेश चतुर्थी की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा। जानिए दोनों व्रत कैसे रखे जा सकते हैं...पहले किसकी पूजा करनी है...तीज का पारण कब होगा और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

September 14, 2026 is a special day for devotees as Hartalika Teej and Ganesh Chaturthi will be observed on the same day. Hartalika Teej puja is scheduled in the morning, from 6:05 AM to 7:06 AM, while the Ganesh Chaturthi puja muhurat in Delhi is from 11:02 AM to 1:31 PM. This video explains the puja sequence, fasting guidelines, the timing of the Hartalika Teej parana and important points for devotees observing both festivals on the same day.

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Transcript
00:0014 सितंबर को दो बड़े पर्व, हर्तालिका तीज, गणेश चतुर्थी, साथ-साथ
00:07वरत और पूजा के नियम जान लीजिए
00:0914 सितंबर 2026 का दिन धार्मिक लिहाद से बेहद खास होने वाना है
00:14क्योंकि इस बार हर्तालिका तीज और गणेश चतुर्थी, दोनों पर्व एक ही दिन मनाये जाएंगे
00:20ऐसे में वरत अखने वालों के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि दोनों पर्व की पूजा कैसे होगी
00:26किसकी पूजा पहले करनी है और वरत का पारण कब किया जाएगा
00:30पंचांग की गणुना के मुताबिक 14 सितंबर की शुरुआत तिथी से होगी
00:35और सुभ करीब 7 बजकर 6 मिनट पर चतुर्थी तिथी शुरू हो जाएगी
00:39इसी वजह से हर्तालिका तीज और गणीश चतुर्थी दोनों का पर्व 14 सितंबर को ही मनाय जाएगा
00:45सबसे पहले बात हर्तालिका तीज की
00:48भादरपद शुक्ल पक्ष की तृतिया तिथी 13 सितंबर की सुभह 7 बजकर 8 मिनट पर शुरू हुई
00:54और 14 सितंबर की सुभह 7 बजकर 6 मिनट तक रहेगी
00:57उदया तिथी के नियम के चलते हर्तालिका तीज का वरत 14 सितंबर को रखा जाएगा
01:02इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती है
01:06माननेता के मुताबिक सुहागिन महिलाएं
01:09सुखी वैवाहिक जीवन और पती की लंबी उम्र की कामना से ये वरत रखती है
01:13जबकि अविवाहित कन्याएं मन चाहे वर की कामना से वरत रख सकती है
01:17अब सबसे जरूरी है पूजा का समय
01:20हरताली का तीज की पूजा के लिए सुभह 6 बचकर 5 मिनट से 7 बचकर 6 मिनट तक का समय
01:26बताया गया है
01:27हलाकि अलग-अलग शहरों में पंचांग के हिसाब से समय में थोड़ा बदलाव हो सकता है
01:32इसलिए स्थानिये पंचांग को जरूर देखना चाहिए
01:35इसके बाद दोपहर में गणेश चतुर्थी की पूजा होगी
01:38गणेश चतुर्थी की चतुर्थी तिथी 14 सितंबर की सुभह करीब 7 बचकर 6 मिनट से शुरू होगी
01:44और अगले दिन सुभह तक रहेगी
01:46चुँकि 14 सितंबर को मध्यान काल में चतुर्थी तिथी मौजूद रहेगी
01:50इसलिए गणेश चतुर्थी इसी दिन मनाई जाएगी
01:53दिल्ली के हिसाब से गणपती स्थापना और पूजा का शुब समय
01:56सुभह 11 बजकर 2 मिनट से दुपहर 1 बजकर 31 मिनट तक बताया गया है
02:01दूसरे शहरों में मुहूर्थ थोड़ा अलग हो सकता है
02:04अब सवाल अगर कोई दोनों वरत रखना चाहता है तो क्रम क्या होगा
02:09इसके लिए सुभह हरतालिका तीज की पूजा की जा सकती है
02:12इसके बाद मध्यान काल में गणपती की स्थापना और पूजा की जाएगी
02:16हाला कि पूजा की परंपरा परिवार और क्षेत्र के हिसाब से अलग हो सकती है
02:20इसलिए स्थानिय पंडित या परिवार की परंपरा के अनुसार क्रम तै करना बहतर रहेगा
02:26और हरतालिका तीज के पारण की बात करें तो कई जगा ये वरत निर्जला रखा जाता है
02:31और इसका पारण अगले दिन किया जाता है
02:33इसलिए सिर्फ गणीश पूजा पूरी होने के बाद ही तीज का वरत खोलना ज़रूरी नहीं है
02:38यानि 14 सितंबर को एक ही दिन शिव पारवती की आराधना भी होगी और गणपती की स्थापना भी
02:44लेकिन दोनों वरत रखना हर किसी के लिए ज़रूरी नहीं है
02:48वरत का फैसला अपनी श्रधा, स्वास्थ और पारिवारिक परंप्रा के मुताबिक किया जा सकता है
02:53फिलहाल के लिए बस इतना ही बाकी अपडेट के लिए बने रहिए One India Hindi के साथ
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