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Punjab School Audit: Ludhiana के सरकारी स्कूलों का सच आया सामने, Arvind Kejriwal को क्यों कहना पड़ा शुक्रिया?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सोशल ऑडिट में पंजाब के स्कूलों की तारीफ के साथ-साथ वॉशरूम और इंफ्रास्ट्रक्चर की ऐसी खामियां उजागर हुईं, जिस पर अब जमकर सियासत शुरू हो गई है!
पंजाब में शिक्षा क्रांति के दावों के बीच लुधियाना के सरकारी स्कूलों के सोशल ऑडिट ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। CJP के सह-संयोजक सौरव दास की अगुवाई में टीम ने लुधियाना के तीन सरकारी स्कूलों का 20 अलग-अलग मानकों पर गहन निरीक्षण किया। जहां एक तरफ सेक्टर-32 स्थित 'School of Eminence' में आधुनिक AI लैब, कंप्यूटर लैब, स्विमिंग पूल और रैंप जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं की तारीफ की गई, वहीं इसी मॉडल स्कूल में वॉशरूम की मेंटेनेंस और साफ-सफाई को लेकर गंभीर खामियां भी उजागर हुईं।

इसके अलावा, लुधियाना के जंडियाली स्थित 1936 में बने नौ दशक पुराने सरकारी सीनियर सेकेंडरी और प्राइमरी स्कूल में बुनियादी ढांचे की भारी कमी देखी गई। रिपोर्ट में सवाल उठाया गया कि जब एक स्कूल में स्विमिंग पूल और AI लैब हो सकती है, तो पुराने स्कूलों के बच्चे बुनियादी सुविधाओं और खुले खेल के मैदान से क्यों वंचित हैं? ऑडिट में लड़कियों के वॉशरूम में दरवाजे न होने, सफाई कर्मचारियों की कमी और मिड-डे मील तैयार करने वाली महिलाओं को महज ₹3,000 मानदेय मिलने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

इस ऑडिट रिपोर्ट के बाद CJP टीम ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से मुलाकात की। वहीं, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कमियों को उजागर करने के लिए सौरव दास को धन्यवाद दिया और सुधार का आश्वासन दिया। हालांकि, कांग्रेस नेता सचिन पायलट सहित विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाते हुए पंजाब सरकार के शिक्षा मॉडल को केवल PR स्टंट करार दिया है। जानिए इस विशेष रिपोर्ट में कि आखिर क्या है पंजाब के सरकारी स्कूलों की असली जमीनी हकीकत।

About the Story:
A social audit conducted by CJP at government schools in Ludhiana, Punjab, has sparked a political controversy. While the modern infrastructure at the 'School of Eminence' received praise, severe maintenance issues, lack of proper washrooms, outdated infrastructure in century-old schools, and low honorarium for mid-day meal workers were exposed. AAP leader Arvind Kejriwal thanked the audit team, while opposition leaders like Sachin Pilot questioned the reality of Punjab's education model.

#PunjabSchoolAudit #ArvindKejriwal #HarjotSinghBains #PunjabNews

~HT.410~PR.514~ED.276~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00पंजाब के सरकारी स्कूलों को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है
00:04इस बार मुद्दा सिर्फ सरकार के दावों का नहीं है
00:06बलकि स्कूलों की जमीन पर मौजूद हकीकत का है
00:10कौकरो जंदर पार्टी यानिकी CJP की टीम ने लुधियाना के तीन सरकारी स्कूलों का सोशल आडिट किया और अपने रिपोर्ट
00:17में जहां कुछ स्कूलों के सुविधाओं की जमकर तारीफ की वही कुछ जगहों पर भुनियादी विवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल
00:24उठ
00:24CJP के सहसे योजग सौरवदास की अगवाई में यह और टीम ने स्कूलों को करें 20 अलग-अलग माना को
00:32पर परखा सबसे पहले टीम लुधियाना के सेक्टर 32 स्थित स्कूल ऑफ एमिनन्स पहुंची जहां CJP ने स्कूल के इंट्रास्ट्रेक्चर
00:40को काफी बहतर बताया टीम
00:43के मताबिक स्कूल में आथुनिक सुवधाये मौजबूद हैं और कई मामलों में यहां की वैवस्था नीजी स्कूलों को भी टक
00:49कर देती नजर आती है
00:49स्कूल में स्विमिंग पूल, AI लैब, कंप्यूटर लैब और दिव्यांग छात्रों के लिए रैंप जैसी सुवधायों की भी तारीख की
00:56गई
00:56सौरवदास ने कहा कि सोचल ऑडिट के करीब 20 बिंदूओं में ज्यादा तर पर स्कूल का प्रदर्शन सकरात्मक रहा है
01:03हलाकि इसी स्कूल में कुछ कमियां भी सामने आई
01:06सीजेपी ने खास तोर पर वाश्रूम की मेंटेनेंस और साफ सफवाई को लेकर सवाल उठाए
01:19आज कौकरो जंता पाटी की टीम पंजाब पहुची पंजाब में हमने तीन स्कूल का सोचल ऑडिट किया
01:25यह तीनों स्कूल लुदियाना में थी सबसे पहले हम लोग स्कूल ओफ एमिनेंस जो सेक्टर 32 में है लुदियाना के
01:32वहां गए
01:33वहां पे जाके हमने देखा कि स्कूल का इंफरास्ट्रक्चर काफी शांदार है ऐसा इंफरास्ट्रक्चर यूज्यली आपको गवर्मेंट स्कूल में नहीं
01:41देखने को मिलेगा
01:42स्विमिंग पूल है बैडमिंटन कोट है डिफरेंटली एबल बच्चों के लिए रैम्प अक्सिस है तो काफी यह फ्रेश मुझे लगा
01:50देखने में
01:51साथ-साथ वहां पे जो एआई लाब हैं कंप्यूटर्स हैं काफी सारे अच्छे बच्चों के लिए सुविधाय हैं यह सब
02:00देखके मुझे लगा कि काफी अच्छा यह इंफरास्ट्रक्चर वाइस यह स्कूल बना है इस स्कूल से काफी सारे बच्चे भी
02:06निकले जिन्हो
02:18काफी अच्छा था इसके बाद सीजेपी की टीम लोध्याना के जन्रियाली इलाके के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल और प्राइमरी स्कूल
02:26पहुंची यहां तस्वीर काफी अलग नजर आई सौरत दास के मुताबिक इन स्कूलों का इंट्रा स्ट्रक्चर काफी पुरान
02:32इन में से सीनियर सेकेंडरी स्कूल की स्थापना 1936 में हुई यान के करीब 9 दशक पुराने इस स्कूल की
02:40इमारत और बुनियादी सुविधाएं अब भी इस्तेमाल में हैं
02:43सीजेपी ने माना कि पिछले कुछ वर्षों में यहां मेंटिरेंस का काम हुआ है लेकिन टीम का कहना है कि
02:48बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाओं की जरुवत अभी भी बनी हुई है
02:51सीजेपी ने सवाल उठाया कि अगर कुछ सरकारी स्कूलों में स्विंग पूल, AI लैब और आधुनिक इंफ्रस्ट्रक्शरों बलब्ध कराया जा
02:58सकता है तो दूसरे सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी बहतर सुविधाएं क्यों नहीं मिलने चाहिए
03:03संगठन ने उपन प्ले ग्राउंड और आधुनिक इंफ्रस्ट्रक्शर यासे सुविधाओं की जरुद पर सोड़ दिया
03:09सोशल ओडिट में एक और मुद्दा सामने आये सफाई व्यवस्था का
03:13सीजेपी के मुताबिक तीनों स्कूलों में सफाई कर्मचारियों के संख्या कम दिखाई दी और कुछ जगहों पर साफ सफाई पर
03:19ज्याद ध्यान देनी की जरुद भी महसूस हुई
03:21खासकर लड़कियों के वाश्रूम की स्तिती को लेकर सवाल उठाए गए
03:25टीम ने दावा किया कि कुछ वाश्रूम में दरवाजे तक नहीं थे फिर हम लोग गए दो और स्कूल जो
03:32सीनिय सेकंडरी और प्राइमरी स्कूल थे हम लोग ने देखा कि इंफ्रस्ट्रक्चर बहुत पुराना था यह एक स्कूल तो 1936
03:41में बना था उसके बाद वो एंड�
03:461995 या 1996 में बना था तब से लेकि अभी तक सरकार ने इसको मेंटेन किया है पंजाब गव्मेंट ने
03:53और पिछले कुछ सालों में काफी इसमें मेंटेनेंस का वर्क भी हुआ है लेकिन ओवर ओल यह इंफ्रस्ट्रक्चर काफी पुराना
04:00हो चुका है तो हमने आशा है कि जो प
04:15एड्मिंटन कोट हो एन ओपन प्लेग्राउंड हो जब लोग यहां पर हमने देखा कि क्लीनिंग स्टाफ बहुत कम है यह
04:24अचली तीनों स्कूर में यह प्रॉबलम थी यहां पे जो बच्चे थे यह सारे यूनिफॉर्म में थे टेक्स्बुक्स थे जरूर
04:31लेकिन यहां प
04:44मिड़े मिल तयार करने वाली महिलाओं के मांदेय का मुद्ध भी उठाया सौरदास का दावा है कि इन महिलाओं को
04:50करीब 3,000 रुपए का भूपतान किया जाता है उन्होंने सवाल किया कि मौजूदा महंगाई के दौर में इतने कम
04:56मांदेय में परिवार चलाना कितना मुश
05:14मंत्री ने उठाई गई समस्याओं पर ध्यान देने और सुभार की दिशा में कारवाई का भरूसा दिया है।
05:44जैसी दुसरों राजों में की गई है। जानि कि स्कूल ऑडिट अब सिर्फ शिक्षा व्यवस्था की समिक्षा नहीं बलकि पंजाब
05:50की राजनीती में भी चर्चा का मुदा बन चुका है।
06:21लेकिन इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है।
06:23जया है।
06:25जया है।
06:26जया है।
06:28जया है।
06:31झाल झाल
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