00:00ཀྵ�। फुर्फ गाजा की स्थी को ३श्मीर की स्थी से पंपेर कया था
00:04I hope ।igue । ... diagnostic रबसे रेंजिग्ट से घंट की जोगए ह।
00:09ज सकते सब्सक्रादेटी तो यह थो जा इनान है जैसे पित थाय।
00:15रैंटर मोदी जी में तो विभी लिए धुड़ान एक्था शुब्सका जी फिर आफ भार भलब एक्ट श्यूओ टो हुड़ा सी।
00:31वो पिकुस तुपीज है ना?
00:33I am not supposed to answer you.
00:35No, no.
00:35I am not supposed to answer you.
00:36चीक है.
00:37But you are giving your answer आत्मे.
00:39But you are giving something in air which has...
00:44BRICS Summit officially एक तहीं के से शुरू हो चुका है.
00:48BILATERAL MEETINGS भी होने लग गई है.
00:51और Iran-US WAR के बीच बहुत बड़ा इवेंट.
00:55दुनिया की नजर इस पर बनी हुई है.
00:58हमारी भी नजर बनी हुई है.
00:59हम आपके लिए इसका विसलेशन लाने की कोशिश कर रहे हैं
01:03कि भारत इसमें से क्या अचीव करने वाला है?
01:05BRICS Nations क्या अचीव करने वाले हैं?
01:08Donald Trump को क्या जटके लग सकते हैं?
01:10इरान-U.S. वार पर क्या असर होगा?
01:12रश्या-Uक्रेइन वार पर क्या असर होगा?
01:14और अब तो साओधी अरेबिया और यमन का भी क्या होने वाला है?
01:18इसके बारे में भी हम पूरी डिसकॉशन करेंगे.
01:20फिर से हमारे साथ जुड़ रहे हैं कर्नल सिरोही, कर्नल संजीत सिरोही साहब.
01:24आपका बहुत-बहुत स्वागत है.
01:26हमारे साथ दुबारा शोपे जुड़ने के लिए काफी सारी राय आपने हमारे सामने रखी
01:30और दर्शकों को भी समझ में आया की चल क्या रहा है, पूरा मामला क्या है.
01:36और साथ में थोड़ा इरान के एंगल पर हम ज़्यादा डिसकॉशन करेंगे.
01:40उसको समझाने के लिए हमारे साथ है इमरान रेजा अंसारी साहब.
01:43He is Islamic scholar and ex-minister in Jammu and Kashmir.
01:48आप दोनों का बहुत-बहुत स्वागत है सर, आप हमसे जुड़ रहे हैं ब्रिक्स के दिन.
01:52I know कि काफी सारे चानल्स आप लोग को चाहते हैं, आप से बात करना चाहते हैं.
01:57चलिए सबसे पहले शुरुआत करते हैं इस लाइफ का प्रसारन का.
02:01ये समझते हुए कि जो डॉलर पे डिपेंडेंसी की बात, क्योंकि पैजश्कियान ने एक बहुत ही क्लियर मेसेज दिया था,
02:10जो बात कर रहे थे कि सिस्टम जो है, उसको बदलने की जरुवत है, जो ट्रांजक्शन के लिए सिस्टम बने
02:16हुए है, उनको बदलने की जरु�
02:17है, और डॉलर को लेकर के तो बाते हो रही है, लेकिन क्या सच में डी डॉलराइजेशन पॉसिबल है, क्या
02:24ये एक सपना बनकर रहे जाएगा, या ये हकीकत में भी हम देख पाएंगे, हम एट लिस्ट हमारे जैसे लोग
02:32जो मिलेनियल्स हैं, वो अपने जर्मकाल में देख
02:46बात्ची तोरी उसके रहे बुलाया है, देखे जहां तक डी डॉलराइजेशन का सवाल है, कि कई दफ़े जो इसका बात्चीत
02:55हो चुकी है, लेकिन मेरा ये मानना है कि भारत इसके पक्षमें नहीं है, और श्क्राइज बारत ही एक ऐसा
03:01देश है जो डी डॉलराइजेशन क
03:02पक्षमें नहीं है, अब भारत नहीं जो है पिसले साल जब ब्राइजील में ये हुआ था और उसके बाद जो
03:09है वहां से जो डिक्लेरेशन आई से उसमें भी इसका जिकर किया गया था, कि हम जो है कोई नो
03:15कोई हम को पेमेंट का सिस्टम निकालना पड़ेगा, तो अब जो
03:18पेमेंट का सिस्टम आया है, जिसके बारे में आपने जो है प्रिजक्शिया साब की भी बातचित करी है, और प्यूश
03:24गोईल साब ने भी इसके बारे में बहुत विस्ताफ से जब उन्होंने अपना कल भाशन दिया था, बिजनेस फोरूम में,
03:29उसमें भी इस बात को बड�
03:38करने की तरह बढ़ना चाहिए, ना कि हमको डॉलर का अगर हमको ऑल्टरनेट देखना है, तो हमको क्योंकि जब डॉलर
03:48की तूप पेमेंट होती है, तो जैसे भारत और चीन के बीच में पेंट है, तो भारत तो अगर कोई
03:53चीज खरीद नहीं है, तो पहले रोगा कर आएगा
03:56अपने बैंक में, वो बैंक से जाएगा, फिर जो है, एक्चेज रिजर्ज में, वहाँ पे उसको जो डॉलर में कनवर्ट
04:01किया जाएगा, डॉलर में कनवर्ट करके फिर वो जो है, चाहिना के बैंक में या किसी बैंक में जाएगा, वहाँ
04:08वो यूआन में कनवर्ट होगा,
04:09और उसके बाद यूए फिर वो पेमेंट होगी उस करेंसी में तो इसकी वज़े से एक तो काफी महगा हो
04:16जाता है वो कोई भी चीज जो हम खरीडते हैं इंट्रिमेंटरी जो फीस होती है वो जादे बढ़ जाती है
04:21समय भी लगता है तो पीर्श गोरल साब ने इसका जिकर किय
04:25है कि अगर हमको राजेक्शन करनी है समझ लो चाइना और इंडिया के बीच में तो इंडिया अगर कोई माल
04:31खरीडता है तो रूपी में पेमेंट करेंगा और अगर चाइना कोई माल खरीडता है तो यूवान में पेमेंट करेंगे इसके
04:38लिए हमको को कोई जो डिजिटल ज
04:53चाहिए वो ब्रिक्स है चाहिए वो ऐसी एनी सब्मेट विचीज नॉन वेस्टन सब्मेट उसमें हमको बड़े फूक फूक के कदम
05:01रखने पड़ते हैं क्योंकि हमारे लिए माइल फील्ड की तरह है गल्त अगर पहर पढ़ गया तो हमारे उपर ज्यादे
05:07खत्रा हो सकता है ख
05:23पहर के लिए उसमें ही जो यह पूल जो कुर्णा देश की जो करंसी उसमें ही यह भारत को एक
05:33बहुत बड़ी चुनाधर है
05:53से थ्रेटन किया हो का कि अगर ये ब्रिक्स की कंट्री डी डॉलरेशन की तरह बढ़ती है तो मैं उन
06:00दोश्ट देशों के उपर हंडेड परसंट टैरिफ लगाऊँगा तो बाकी देशों के उपर कितना लगेगा वो तो मैंने कह सकता
06:06लेकिन वह भारत के उपर जरूर हंडे�
06:09तो बारत को बड़ा जो बैलंसिंग एक करके इस जो यह रोप है इसके उपर चलना पड़ेगा जी बड़ी इंट्रेस्टिंग
06:17बात आपने बोली की डी डॉलरेशन सारे कंट्री चाहते लेकिन भारत के लिए ही बड़ी समस्या है एक तरीके से
06:23और रेजर साप पहले आपके
06:36सिरोई साब ने बोला कि डी डॉलरेशन होना तो चाहिए लेकिन भारत खुद ही नहीं चाहेगा तो यह समस्या तो
06:43बड़ी गंबीर है या हमें हम अभी कुछ डिसकॉशन कर रहे थे पहले तो यह भी एक बात हो रही
06:50थी कि चलिए भारत का स्टांस बदल चुका है पहले वो
07:03पोटोज वगेरा इरेनियन प्रेसिडेंट के साथ डाल के हमने यह दिया है बट ऑन ग्राउंड क्या हम सच में कुछ
07:09कर पाएंगे या ब्रिक्स एक तूथलेस टाइगर बनके रह जाएगा
07:15देखे पहले ही बहुत बहुत शुक्रिया अपने मुझे इस में बुलाया यह मैं संजीत साब को एक चीज़ बताऊंगा कि
07:24जो उन्होंने भी बात कही बात में डम है लेकिन यह एक हारे हुए इनसान की तरह हम बात कर
07:33रहे हैं देखे हर एक बात में अगर हमें अमेरिका का �
07:38अँडलकि एक लाद करना कीज प्रेंस का इस तो फिर हमें आफ उन्हों के लुच मेरिका का हमेरिका किम केरी
07:42इसका हरोild की देख ओ चाहते हैं इसकोशन लगेगर हम इससे पहले भी का मद है किया है इससे का
07:56मां किया है चाइन का में यह साथ पहले पहले को बिल्लावा है प�
08:0715-16Billion dollars की पैसा बनता है अजार उकरोर हमारे बस रहा है और Iran ने कभी मना नहीं किया
08:16कि हम
08:16तेजिना वमें रुपीस त्राम के डिए सकते ह닝, gentleman, पैसमें में ने दोंरतका है
08:23ग्लाइल नॉक्ट मया है ऑशचा मंसा दीजने ने कि �ängtके हों हागाalie, किस्के मनने लिए हिसके हों ब्थ लिए ये
08:37मृद कान séirm技 अंट उसमों असले हैं
08:45बताईये, we are self-sufficient.
08:49अमारी जड़े तो बाकी देशुं की तरह नहीं है,
08:51that we have to import even the diapers for babies from outside.
08:56So, we should always, India should always, you know, talk with strength.
09:02India has its own foreign policy.
09:04India has its own diplomacy.
09:06The world wants to, you know, be on Indian side.
09:10Rather, India being on the world side.
09:12Trust me, whenever I travel everywhere,
09:15they said that if there are two blocks,
09:16whichever block India is with, that is going to flourish.
09:20हम अणी कंट्री को अगर अगर अगर अगर अगर अच्छा समझ रहे हैं
09:23और अगर अमेरिका को आवरफु समझ रहे हैं,
09:26मुझे लगता है कि फहले हमें यह ज़ए ज़े ज़े ज़े नोशन है,
09:50तो बहुति बहुत इस नहीं को हमें जाएग देशिए के लिएट सिर्फ इस अपने ऑफना गतवा यही था कि भारत
10:04डिडॉलरोज आख देशन की बात हो लहाँ थी तो भारत अब उसमें अपना एक ऐसा रुख रखना चाहते है
10:15आपका क्या सोचना है डी डॉलराइजेशन क्यों पॉसिबल नहीं है भारत के लिए क्या मुश्किले है और जैसे रजा साब
10:22ने एक अलग एंगल इसमें उठाया कि हमें डरने की जरूरत ही क्या है लगाओ आप 100%
10:27संक्षिन संक्षिन बढ़ नहीं जाता है अब हम इस डारेक्शन में बढ़ चुके है अगे अमरीका का अलग जूण रहा
10:57है
10:57हमने इरोपेन उनियन के साथ और इरोप के बड़े देशन के साथ जो free trade treaty करनी चाहिए वो की
11:04है और ऐसे ही हम पर इरान कभी भी भारत के साथ उस तरीके से नहीं आया है चाहे वो
11:11UN हो या तमाम जो मझ हो वहाँ पर हमें जो हासकर जो बाकी के जो ब्रिक्स के देश है
11:19उन्हो
11:19हमें उस तरीसे से सपोर्ट नहीं किया है जबकि युनाइट स्टेट ने 62 से लेकर वह अलग बात है कि
11:2570 के बाद में युएस की हमारे भारत के प्रती पॉलिसी अलग रही है तो हमें बहुत जल्दबाजी नहीं है
11:32दूसरी बात है कि खासकर फॉरंग पॉलिसी की चीजों को हम
11:36है ना तो भगवे चस्में से देखना चाहिए ना हरे चस्में से देखना चाहिए तो हम डारेक्टली नहीं करेंगे
11:53लगा लिए इरान ने भी वही किया है आज पूरे उस रीजन में इरान की तो सीमाएं भी नहीं मिलती
12:02है अमेरिका से पर बावजुद उसके
12:03एक फाल्टू की कॉंफ्लिक्स में पस रहा है ना जो हम वह जल्दबाजी नहीं कर सकते हैं वह ठीक है
12:10सेंटिमेंट्स हैं हम यह भी चानते हैं और दूसरी बात यह कि वह जिस डी डॉलराइशन की बात कर रहे
12:17हैं वह उसका रिप्लेस्मेंट यूआन से चाहते हैं हम कैसे �
12:21त्यार हो सकते हैं अगर एक डॉलर का वर्चेस्टों खत्म होके उसकी जगह अगर यूआन का वर्चेस्टों हो जाए तो
12:27फिर कोई फाइदा ही नहीं है ना और दिक्कत है हमाई लिए जे हां और ब्रिक्स करेंसी इसलिए भारत के
12:33लिए संजीत सिरोईच साहब इसलिए ठी
12:37हैं मसमी के लिए चीन कितनी मदद करेगा और कितना तकनी की खसांतरन करेगा यह भी तो प्रश्म है और
12:44दूसरी बात यह कि इस पूरे ही अभी मोदी साहब ने बात किये पुतिन साब से कि जो ट्रेड टैपिसिट
12:50है वो बहुत जबरदस है भारत और रूस के बीच में रू
12:54उसको कम से कम उसको ठीक करना चाहिए तभी तो भारत को व्यापार के नाम पर भारती तो सब कुछ
12:59दे रहा है ना रूस को रूस क्या दे रहा है तो यह जब तक चीजें क्लियर नहीं होगी मुझे
13:08लगता है कि डी डॉल्राइशन को लेकर जलबाजी नहीं करने चीए यू�
13:23कि मीटिंग होती है तो साओधी अरेविया हो इरान हो वहाँ पर जो यहां तक की फॉरेंड पॉलिसी को भी
13:32देखने का चस्मा आ रहा ही है तो ऐसे तो नहीं चलेगा ना अगें सारा हमारी स्ट्राइबी इस थोड़ी से
13:38बदलती ही नज़र आ यह जब से भी हमारे दोस्त अ
13:53भी यह जब्यून में रesultations आए हमारे खलाफ इंक एरान है वोड़िया वोड़ी इस थोड़ा इस थोडाइब इस अप्राइब इस
14:04वार इस अप्राइब बाइब इस बड़ा इस प्रप्राइब इस थोड़ार इस नज़र्टिया अगरिया और आप्री में जब्यू ऑ र�
14:23इंडिया despite the
14:25Muslim nation's pressure
14:28they have voted for India
14:29I think he has forgotten it
14:31plus we know that everything
14:33has its own time
14:34you know that we have to take it slow but
14:37यह कहना कि Iran ने हमें कही
14:39मदद नी किया वो बात सही नहीं
14:41चलिए तेजाव साथ पहले
14:43जवाब देना चाहेंगे इसका
14:44फिर सीरोई साप के पास चलेंगे
14:47बहुत चवाब लंबा नहीं है
14:48चोटा सा ही है कि कश्मीर के मुद्दे फर इरान ने आमें कभी समगत ने दिया
14:58अगर आप देखेंगे युएन में जो भी रिजुलिशन आये हैं
15:04आपके वा इरान वे इस अपर्ट इंडिया
15:09आज कल तो वो भी आया हों किया क açते हैं उसको वो जिसमें सर्च इंग्जिन है
15:15इसको कहते हैं आज कल आप उसमें भी देख सकते हैं
15:19चैयह जी पीटी पी हमें आप देख सकते हैं
15:2130 सान पहले का
15:25फिर तजावज साब के पास चलेंगे फिर रजा साब आपके पास वापस आएंगे जी सिरोई साब
15:30ओके अभी जो इम्रान रजा साब ने बताया है कि इरान ने सपूर्ट किया है तीस साल पहले का
15:37उसके लिए तो हमको जो वो कह रहे है चैट जीपीटी पे जाना पड़ेगा देखने के लिए पर हाल ही
15:42में
15:43ठीसियर तो मैंने क्ये सकता चार फॉ साल साहव पहले जब ये हमाद ने हमला किया था इंजराही
15:50इजराल कि पर चार फॉ शाल पिर तीन शाल पहले जो सुप्रिम लीडर ऐस समय के से में के तो
16:01शुले
16:10सब्द्र प्रवाइब कराक्राइब नेरंदर था मॉदी जी वें तो फिल फिलेश प्रविस जानट में हम उत है तो जाओस ब्लेसिगोंगा
16:22ने रिख इन शोगे तो फिलेश तो ब्लेसिंग उन्सेगा इन डिथ सुप्सिंग खाराइब क्ला चाहते है।
16:36But you are giving something in air which has...
16:41No, sir, we'll...
16:43Okay, let's go back to Tejavad sahab, then we'll come back to Sirohi sahab and Rajah sahab.
16:48Jee, Tejah sahab, आप हाद उठाए दे, बिल्कुल, बताए.
16:51Confirm हो गया है, Rajah sahab को मैं बता देता हू, Kashmir इस्यू पे, इरान सपोर्ट नहीं करता है.
16:57यह clear है, Rajah sahab, इस पे तो clarity है, कि एरान करता है, और वो शिया सुन्नी का भी
17:03एक मामला है, जिसकी वज़ह से.
17:04जी, Tejah sahab, आप और देखें, वहाद शिया सुनी का कोई मामला भी है.
17:09यहां तक कि अभी पाकिस्तान के साफ जिस वो ट्रिटी में जाना चाहते हैं, वो भी भारत के पाक्षमें नहीं
17:15है.
17:15वो तो पहले भारत को आफर किया गया, बारत ने cold shoulder दिखाया, बारत ने cold shoulder दिखाया, and diplomacy
17:29है.
17:58डिपलेशी के तरीन देखी, यह जो एरिया है, बड़ा वोलटाइल एरिया है.
17:59पहले हैं, बारत था को देखाया, बारत क्की है.
18:29आपके बारे में बात किये, देके नहीं बात सुनिये, I tell you first, I am an Indian first. I am
18:35an Indian first. And everybody knows this. I am an Indian first. And I will speak in favor of India.
18:41I will speak in favor of India. Can you believe this? Your petrol is going to reach 100 rupees?
18:49आपको तो कोई ना कोई जनाब, आप जान, you are a known face in India, you must be having sources.
18:56We don't have sources. Just see the people where we are going to reach. If we make bad choices, in
19:01these good get together, if we made bad choices, आप जब लोगी ने रहेंगे तो आपकी दोस्तियां कहां चलेंगे, आपकी
19:08दोस्तियां कहां चलेंगे, आपकी दोस्तियां कहां चलेंगे. चलिए, इस पे चलते हैं, �
19:11अभी पहले, Shiroi Saab के पास काफी ध्यान से और शांती से, Shiroi Saab सब कुछ सुन रहे थे, बहुत
19:18अच्छा लग रहा है, यह discussion should be fruitful and लोगों को भी मज़ा है.
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