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Kashmir Issue: क्या कश्मीर मुद्दे पर Iran भारत के साथ नहीं है? Live Debate में मचा बवाल! BRICS सम्मेलन के दौरान जब चर्चा ईरान की भूमिका पर मुड़ी, तो टीवी डिबेट के दौरान विशेषज्ञों के बीच तीखी बहस और भयंकर लड़ाई देखने को मिली।
BRICS सम्मेलन की पृष्ठभूमि में आयोजित एक लाइव डिबेट उस समय अखाड़ा बन गई जब मुद्दा ईरान के भारत और कश्मीर नीति पर आ गया। डिबेट के दौरान विशेषज्ञों और विश्लेषकों के बीच इस बात को लेकर तीखा घमासान शुरू हो गया कि क्या ईरान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत के रुख का पूरी तरह समर्थन करता है या उसका अपना अलग एजेंडा है।
बहस के दौरान विशेषज्ञों ने ध्यान दिलाया कि एक तरफ जहां ईरान BRICS और भारत के साथ व्यापारिक व कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की बात करता है, वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम राष्ट्रों के मंचों पर कश्मीर पर उसके बयान कई बार विवाद पैदा करते हैं। लाइव प्रसारण के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि एंकर को हस्तक्षेप करना पड़ा। जानिए इस विशेष रिपोर्ट में कि कश्मीर पर ईरान के वास्तविक रुख और BRICS के कूटनीतिक समीकरणों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों की क्या राय है।

About the Story:
A live debate centered on the BRICS summit turned hostile when panelists clashed over Iran's official stance on the Kashmir issue. Analysts engaged in a fierce argument regarding Iran's diplomatic alignment with India versus its foreign policy statements on regional disputes.

#BRICSSummit #KashmirIssue #IranIndiaRelations #LiveDebate #OneindiaHindi

~HT.410~PR.514~ED.108~GR.538~VG.HM~

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00:00ཀྵ�। फुर्फ गाजा की स्थी को ३श्मीर की स्थी से पंपेर कया था
00:04I hope ।igue । ... diagnostic रबसे रेंजिग्ट से घंट की जोगए ह।
00:09ज सकते सब्सक्रादेटी तो यह थो जा इनान है जैसे पित थाय।
00:15रैंटर मोदी जी में तो विभी लिए धुड़ान एक्था शुब्सका जी फिर आफ भार भलब एक्ट श्यूओ टो हुड़ा सी।
00:31वो पिकुस तुपीज है ना?
00:33I am not supposed to answer you.
00:35No, no.
00:35I am not supposed to answer you.
00:36चीक है.
00:37But you are giving your answer आत्मे.
00:39But you are giving something in air which has...
00:44BRICS Summit officially एक तहीं के से शुरू हो चुका है.
00:48BILATERAL MEETINGS भी होने लग गई है.
00:51और Iran-US WAR के बीच बहुत बड़ा इवेंट.
00:55दुनिया की नजर इस पर बनी हुई है.
00:58हमारी भी नजर बनी हुई है.
00:59हम आपके लिए इसका विसलेशन लाने की कोशिश कर रहे हैं
01:03कि भारत इसमें से क्या अचीव करने वाला है?
01:05BRICS Nations क्या अचीव करने वाले हैं?
01:08Donald Trump को क्या जटके लग सकते हैं?
01:10इरान-U.S. वार पर क्या असर होगा?
01:12रश्या-Uक्रेइन वार पर क्या असर होगा?
01:14और अब तो साओधी अरेबिया और यमन का भी क्या होने वाला है?
01:18इसके बारे में भी हम पूरी डिसकॉशन करेंगे.
01:20फिर से हमारे साथ जुड़ रहे हैं कर्नल सिरोही, कर्नल संजीत सिरोही साहब.
01:24आपका बहुत-बहुत स्वागत है.
01:26हमारे साथ दुबारा शोपे जुड़ने के लिए काफी सारी राय आपने हमारे सामने रखी
01:30और दर्शकों को भी समझ में आया की चल क्या रहा है, पूरा मामला क्या है.
01:36और साथ में थोड़ा इरान के एंगल पर हम ज़्यादा डिसकॉशन करेंगे.
01:40उसको समझाने के लिए हमारे साथ है इमरान रेजा अंसारी साहब.
01:43He is Islamic scholar and ex-minister in Jammu and Kashmir.
01:48आप दोनों का बहुत-बहुत स्वागत है सर, आप हमसे जुड़ रहे हैं ब्रिक्स के दिन.
01:52I know कि काफी सारे चानल्स आप लोग को चाहते हैं, आप से बात करना चाहते हैं.
01:57चलिए सबसे पहले शुरुआत करते हैं इस लाइफ का प्रसारन का.
02:01ये समझते हुए कि जो डॉलर पे डिपेंडेंसी की बात, क्योंकि पैजश्कियान ने एक बहुत ही क्लियर मेसेज दिया था,
02:10जो बात कर रहे थे कि सिस्टम जो है, उसको बदलने की जरुवत है, जो ट्रांजक्शन के लिए सिस्टम बने
02:16हुए है, उनको बदलने की जरु�
02:17है, और डॉलर को लेकर के तो बाते हो रही है, लेकिन क्या सच में डी डॉलराइजेशन पॉसिबल है, क्या
02:24ये एक सपना बनकर रहे जाएगा, या ये हकीकत में भी हम देख पाएंगे, हम एट लिस्ट हमारे जैसे लोग
02:32जो मिलेनियल्स हैं, वो अपने जर्मकाल में देख
02:46बात्ची तोरी उसके रहे बुलाया है, देखे जहां तक डी डॉलराइजेशन का सवाल है, कि कई दफ़े जो इसका बात्चीत
02:55हो चुकी है, लेकिन मेरा ये मानना है कि भारत इसके पक्षमें नहीं है, और श्क्राइज बारत ही एक ऐसा
03:01देश है जो डी डॉलराइजेशन क
03:02पक्षमें नहीं है, अब भारत नहीं जो है पिसले साल जब ब्राइजील में ये हुआ था और उसके बाद जो
03:09है वहां से जो डिक्लेरेशन आई से उसमें भी इसका जिकर किया गया था, कि हम जो है कोई नो
03:15कोई हम को पेमेंट का सिस्टम निकालना पड़ेगा, तो अब जो
03:18पेमेंट का सिस्टम आया है, जिसके बारे में आपने जो है प्रिजक्शिया साब की भी बातचित करी है, और प्यूश
03:24गोईल साब ने भी इसके बारे में बहुत विस्ताफ से जब उन्होंने अपना कल भाशन दिया था, बिजनेस फोरूम में,
03:29उसमें भी इस बात को बड�
03:38करने की तरह बढ़ना चाहिए, ना कि हमको डॉलर का अगर हमको ऑल्टरनेट देखना है, तो हमको क्योंकि जब डॉलर
03:48की तूप पेमेंट होती है, तो जैसे भारत और चीन के बीच में पेंट है, तो भारत तो अगर कोई
03:53चीज खरीद नहीं है, तो पहले रोगा कर आएगा
03:56अपने बैंक में, वो बैंक से जाएगा, फिर जो है, एक्चेज रिजर्ज में, वहाँ पे उसको जो डॉलर में कनवर्ट
04:01किया जाएगा, डॉलर में कनवर्ट करके फिर वो जो है, चाहिना के बैंक में या किसी बैंक में जाएगा, वहाँ
04:08वो यूआन में कनवर्ट होगा,
04:09और उसके बाद यूए फिर वो पेमेंट होगी उस करेंसी में तो इसकी वज़े से एक तो काफी महगा हो
04:16जाता है वो कोई भी चीज जो हम खरीडते हैं इंट्रिमेंटरी जो फीस होती है वो जादे बढ़ जाती है
04:21समय भी लगता है तो पीर्श गोरल साब ने इसका जिकर किय
04:25है कि अगर हमको राजेक्शन करनी है समझ लो चाइना और इंडिया के बीच में तो इंडिया अगर कोई माल
04:31खरीडता है तो रूपी में पेमेंट करेंगा और अगर चाइना कोई माल खरीडता है तो यूवान में पेमेंट करेंगे इसके
04:38लिए हमको को कोई जो डिजिटल ज
04:53चाहिए वो ब्रिक्स है चाहिए वो ऐसी एनी सब्मेट विचीज नॉन वेस्टन सब्मेट उसमें हमको बड़े फूक फूक के कदम
05:01रखने पड़ते हैं क्योंकि हमारे लिए माइल फील्ड की तरह है गल्त अगर पहर पढ़ गया तो हमारे उपर ज्यादे
05:07खत्रा हो सकता है ख
05:23पहर के लिए उसमें ही जो यह पूल जो कुर्णा देश की जो करंसी उसमें ही यह भारत को एक
05:33बहुत बड़ी चुनाधर है
05:53से थ्रेटन किया हो का कि अगर ये ब्रिक्स की कंट्री डी डॉलरेशन की तरह बढ़ती है तो मैं उन
06:00दोश्ट देशों के उपर हंडेड परसंट टैरिफ लगाऊँगा तो बाकी देशों के उपर कितना लगेगा वो तो मैंने कह सकता
06:06लेकिन वह भारत के उपर जरूर हंडे�
06:09तो बारत को बड़ा जो बैलंसिंग एक करके इस जो यह रोप है इसके उपर चलना पड़ेगा जी बड़ी इंट्रेस्टिंग
06:17बात आपने बोली की डी डॉलरेशन सारे कंट्री चाहते लेकिन भारत के लिए ही बड़ी समस्या है एक तरीके से
06:23और रेजर साप पहले आपके
06:36सिरोई साब ने बोला कि डी डॉलरेशन होना तो चाहिए लेकिन भारत खुद ही नहीं चाहेगा तो यह समस्या तो
06:43बड़ी गंबीर है या हमें हम अभी कुछ डिसकॉशन कर रहे थे पहले तो यह भी एक बात हो रही
06:50थी कि चलिए भारत का स्टांस बदल चुका है पहले वो
07:03पोटोज वगेरा इरेनियन प्रेसिडेंट के साथ डाल के हमने यह दिया है बट ऑन ग्राउंड क्या हम सच में कुछ
07:09कर पाएंगे या ब्रिक्स एक तूथलेस टाइगर बनके रह जाएगा
07:15देखे पहले ही बहुत बहुत शुक्रिया अपने मुझे इस में बुलाया यह मैं संजीत साब को एक चीज़ बताऊंगा कि
07:24जो उन्होंने भी बात कही बात में डम है लेकिन यह एक हारे हुए इनसान की तरह हम बात कर
07:33रहे हैं देखे हर एक बात में अगर हमें अमेरिका का �
07:38अँडलकि एक लाद करना कीज प्रेंस का इस तो फिर हमें आफ उन्हों के लुच मेरिका का हमेरिका किम केरी
07:42इसका हरोild की देख ओ चाहते हैं इसकोशन लगेगर हम इससे पहले भी का मद है किया है इससे का
07:56मां किया है चाइन का में यह साथ पहले पहले को बिल्लावा है प�
08:0715-16Billion dollars की पैसा बनता है अजार उकरोर हमारे बस रहा है और Iran ने कभी मना नहीं किया
08:16कि हम
08:16तेजिना वमें रुपीस त्राम के डिए सकते ह닝, gentleman, पैसमें में ने दोंरतका है
08:23ग्लाइल नॉक्ट मया है ऑशचा मंसा दीजने ने कि �ängtके हों हागाalie, किस्के मनने लिए हिसके हों ब्थ लिए ये
08:37मृद कान séirm技 अंट उसमों असले हैं
08:45बताईये, we are self-sufficient.
08:49अमारी जड़े तो बाकी देशुं की तरह नहीं है,
08:51that we have to import even the diapers for babies from outside.
08:56So, we should always, India should always, you know, talk with strength.
09:02India has its own foreign policy.
09:04India has its own diplomacy.
09:06The world wants to, you know, be on Indian side.
09:10Rather, India being on the world side.
09:12Trust me, whenever I travel everywhere,
09:15they said that if there are two blocks,
09:16whichever block India is with, that is going to flourish.
09:20हम अणी कंट्री को अगर अगर अगर अगर अगर अच्छा समझ रहे हैं
09:23और अगर अमेरिका को आवरफु समझ रहे हैं,
09:26मुझे लगता है कि फहले हमें यह ज़ए ज़े ज़े ज़े नोशन है,
09:50तो बहुति बहुत इस नहीं को हमें जाएग देशिए के लिएट सिर्फ इस अपने ऑफना गतवा यही था कि भारत
10:04डिडॉलरोज आख देशन की बात हो लहाँ थी तो भारत अब उसमें अपना एक ऐसा रुख रखना चाहते है
10:15आपका क्या सोचना है डी डॉलराइजेशन क्यों पॉसिबल नहीं है भारत के लिए क्या मुश्किले है और जैसे रजा साब
10:22ने एक अलग एंगल इसमें उठाया कि हमें डरने की जरूरत ही क्या है लगाओ आप 100%
10:27संक्षिन संक्षिन बढ़ नहीं जाता है अब हम इस डारेक्शन में बढ़ चुके है अगे अमरीका का अलग जूण रहा
10:57है
10:57हमने इरोपेन उनियन के साथ और इरोप के बड़े देशन के साथ जो free trade treaty करनी चाहिए वो की
11:04है और ऐसे ही हम पर इरान कभी भी भारत के साथ उस तरीके से नहीं आया है चाहे वो
11:11UN हो या तमाम जो मझ हो वहाँ पर हमें जो हासकर जो बाकी के जो ब्रिक्स के देश है
11:19उन्हो
11:19हमें उस तरीसे से सपोर्ट नहीं किया है जबकि युनाइट स्टेट ने 62 से लेकर वह अलग बात है कि
11:2570 के बाद में युएस की हमारे भारत के प्रती पॉलिसी अलग रही है तो हमें बहुत जल्दबाजी नहीं है
11:32दूसरी बात है कि खासकर फॉरंग पॉलिसी की चीजों को हम
11:36है ना तो भगवे चस्में से देखना चाहिए ना हरे चस्में से देखना चाहिए तो हम डारेक्टली नहीं करेंगे
11:53लगा लिए इरान ने भी वही किया है आज पूरे उस रीजन में इरान की तो सीमाएं भी नहीं मिलती
12:02है अमेरिका से पर बावजुद उसके
12:03एक फाल्टू की कॉंफ्लिक्स में पस रहा है ना जो हम वह जल्दबाजी नहीं कर सकते हैं वह ठीक है
12:10सेंटिमेंट्स हैं हम यह भी चानते हैं और दूसरी बात यह कि वह जिस डी डॉलराइशन की बात कर रहे
12:17हैं वह उसका रिप्लेस्मेंट यूआन से चाहते हैं हम कैसे �
12:21त्यार हो सकते हैं अगर एक डॉलर का वर्चेस्टों खत्म होके उसकी जगह अगर यूआन का वर्चेस्टों हो जाए तो
12:27फिर कोई फाइदा ही नहीं है ना और दिक्कत है हमाई लिए जे हां और ब्रिक्स करेंसी इसलिए भारत के
12:33लिए संजीत सिरोईच साहब इसलिए ठी
12:37हैं मसमी के लिए चीन कितनी मदद करेगा और कितना तकनी की खसांतरन करेगा यह भी तो प्रश्म है और
12:44दूसरी बात यह कि इस पूरे ही अभी मोदी साहब ने बात किये पुतिन साब से कि जो ट्रेड टैपिसिट
12:50है वो बहुत जबरदस है भारत और रूस के बीच में रू
12:54उसको कम से कम उसको ठीक करना चाहिए तभी तो भारत को व्यापार के नाम पर भारती तो सब कुछ
12:59दे रहा है ना रूस को रूस क्या दे रहा है तो यह जब तक चीजें क्लियर नहीं होगी मुझे
13:08लगता है कि डी डॉल्राइशन को लेकर जलबाजी नहीं करने चीए यू�
13:23कि मीटिंग होती है तो साओधी अरेविया हो इरान हो वहाँ पर जो यहां तक की फॉरेंड पॉलिसी को भी
13:32देखने का चस्मा आ रहा ही है तो ऐसे तो नहीं चलेगा ना अगें सारा हमारी स्ट्राइबी इस थोड़ी से
13:38बदलती ही नज़र आ यह जब से भी हमारे दोस्त अ
13:53भी यह जब्यून में रesultations आए हमारे खलाफ इंक एरान है वोड़िया वोड़ी इस थोड़ा इस थोडाइब इस अप्राइब इस
14:04वार इस अप्राइब बाइब इस बड़ा इस प्रप्राइब इस थोड़ार इस नज़र्टिया अगरिया और आप्री में जब्यू ऑ र�
14:23इंडिया despite the
14:25Muslim nation's pressure
14:28they have voted for India
14:29I think he has forgotten it
14:31plus we know that everything
14:33has its own time
14:34you know that we have to take it slow but
14:37यह कहना कि Iran ने हमें कही
14:39मदद नी किया वो बात सही नहीं
14:41चलिए तेजाव साथ पहले
14:43जवाब देना चाहेंगे इसका
14:44फिर सीरोई साप के पास चलेंगे
14:47बहुत चवाब लंबा नहीं है
14:48चोटा सा ही है कि कश्मीर के मुद्दे फर इरान ने आमें कभी समगत ने दिया
14:58अगर आप देखेंगे युएन में जो भी रिजुलिशन आये हैं
15:04आपके वा इरान वे इस अपर्ट इंडिया
15:09आज कल तो वो भी आया हों किया क açते हैं उसको वो जिसमें सर्च इंग्जिन है
15:15इसको कहते हैं आज कल आप उसमें भी देख सकते हैं
15:19चैयह जी पीटी पी हमें आप देख सकते हैं
15:2130 सान पहले का
15:25फिर तजावज साब के पास चलेंगे फिर रजा साब आपके पास वापस आएंगे जी सिरोई साब
15:30ओके अभी जो इम्रान रजा साब ने बताया है कि इरान ने सपूर्ट किया है तीस साल पहले का
15:37उसके लिए तो हमको जो वो कह रहे है चैट जीपीटी पे जाना पड़ेगा देखने के लिए पर हाल ही
15:42में
15:43ठीसियर तो मैंने क्ये सकता चार फॉ साल साहव पहले जब ये हमाद ने हमला किया था इंजराही
15:50इजराल कि पर चार फॉ शाल पिर तीन शाल पहले जो सुप्रिम लीडर ऐस समय के से में के तो
16:01शुले
16:10सब्द्र प्रवाइब कराक्राइब नेरंदर था मॉदी जी वें तो फिल फिलेश प्रविस जानट में हम उत है तो जाओस ब्लेसिगोंगा
16:22ने रिख इन शोगे तो फिलेश तो ब्लेसिंग उन्सेगा इन डिथ सुप्सिंग खाराइब क्ला चाहते है।
16:36But you are giving something in air which has...
16:41No, sir, we'll...
16:43Okay, let's go back to Tejavad sahab, then we'll come back to Sirohi sahab and Rajah sahab.
16:48Jee, Tejah sahab, आप हाद उठाए दे, बिल्कुल, बताए.
16:51Confirm हो गया है, Rajah sahab को मैं बता देता हू, Kashmir इस्यू पे, इरान सपोर्ट नहीं करता है.
16:57यह clear है, Rajah sahab, इस पे तो clarity है, कि एरान करता है, और वो शिया सुन्नी का भी
17:03एक मामला है, जिसकी वज़ह से.
17:04जी, Tejah sahab, आप और देखें, वहाद शिया सुनी का कोई मामला भी है.
17:09यहां तक कि अभी पाकिस्तान के साफ जिस वो ट्रिटी में जाना चाहते हैं, वो भी भारत के पाक्षमें नहीं
17:15है.
17:15वो तो पहले भारत को आफर किया गया, बारत ने cold shoulder दिखाया, बारत ने cold shoulder दिखाया, and diplomacy
17:29है.
17:58डिपलेशी के तरीन देखी, यह जो एरिया है, बड़ा वोलटाइल एरिया है.
17:59पहले हैं, बारत था को देखाया, बारत क्की है.
18:29आपके बारे में बात किये, देके नहीं बात सुनिये, I tell you first, I am an Indian first. I am
18:35an Indian first. And everybody knows this. I am an Indian first. And I will speak in favor of India.
18:41I will speak in favor of India. Can you believe this? Your petrol is going to reach 100 rupees?
18:49आपको तो कोई ना कोई जनाब, आप जान, you are a known face in India, you must be having sources.
18:56We don't have sources. Just see the people where we are going to reach. If we make bad choices, in
19:01these good get together, if we made bad choices, आप जब लोगी ने रहेंगे तो आपकी दोस्तियां कहां चलेंगे, आपकी
19:08दोस्तियां कहां चलेंगे, आपकी दोस्तियां कहां चलेंगे. चलिए, इस पे चलते हैं, �
19:11अभी पहले, Shiroi Saab के पास काफी ध्यान से और शांती से, Shiroi Saab सब कुछ सुन रहे थे, बहुत
19:18अच्छा लग रहा है, यह discussion should be fruitful and लोगों को भी मज़ा है.
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