00:10ब्रिक्स सम्वेलन्द 2026 का आज आगाज हो चुका है
00:13कुछ बड़ी चीजे थी जिनको लेकर के तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे थे
00:19लेकिन वो सब अब वो बड़े नेता जिनके बारे में पहले बहुत तरह के भ्रम थे
00:24लेकिन वो अब सब साफ हो चुके है
00:25चीन के राश्पती सी जिंग्पिन भारत में आ चुके हैं
00:30इरान के राश्पती मसूत पेजेस्कियन भी भारत में हैं
00:35और रूस के राश्पती बिलाम दीमीर पुतेन तो कल से ही थे
00:39तो इस तरीके से ये वो सक्तियां और वो जोज यानि कि इरान का नाम मैंने इसमें शक्ति में क्यों
00:44लिया इरान इस समय पूरे बिश में बहुत महत्पूर बन चुका है
00:48अमेरिका और एरान के युद्ध के बाद एरान ने जिस तरह से उसका मुकाबला किया है
00:54और जिस तरह से उसके मुकाबले के दोरान उसने जो कदम उठाए हैं उससे पूरे बिश्च की अर्थ वेवस्ता फे
01:00फर्क पड़ा है
01:01लेकिन इस बीच भारत ने जो समिध है ब्रिक्स 2026 उसके आयोजन में जिस तरह से अपना बेवार दिखाया है
01:10और जिस तरह से नेतार है उससे तमाम चीजों पर आक एक उम्मीद भी जगी है
01:15सबसे बड़ी बात ये है कि जो ब्रिक्स है उसमें डॉलर पर जो निर्वरता है उसको लेकर पर कोई कदम
01:22उठाया जाने की उम्मीद है और अगर मैं बात करूँ तो एक चीज और यहां हुई है बड़ी इस समय
01:27जो मैं आपको बताऊंगा कि किस-किस बात पर सहमती बनी है
01:46सहमती बना ली है और जिसमें यूनि लैटरल वार जो है उसकी निंदा किया जाने की बात कि यह हैं
01:52हलाकि इसकां कशका इन कि मुद्एक बेक्ति बाते ौने सबसे बड़ीजी провेदां में चीन की जो उपस्ठिती है उसमें भारत
02:04तो चीन के बिद ब्यपारिक
02:06मुद्दे जिसमें भारत का जो 120 मिलियन से ज़्यादा का वैपारी घाटा है उसकी दिशामें उसको कम करने की दिशामें
02:15कोई कदम बढ़ पाएगा क्या जिस तरहें भारत चीन के बीच हाला की चीन ने बयान दिया है जिए कि
02:21भारत को भारत चीन को देख दोस्तें की तरह है �
02:26बातचीत आगे बढ़ाना चाहिए, हाला कि सीमा विवात का एक मुद्दा जरूर है, जिसको लेकर के कहीं ना कहीं हमेसा
02:34संधे रहता है, और संधे इस बात का रहता है, कि की चीन भरोसे मंद है या नहीं, नेकिन रूस
02:40जैसे, रूस से भी जो भारत का घाटा है, वो पचास ब
02:55से ज्यादा का है, तो यह चीजे हैं इस तरह की, जो जिन पर ध्यान देने जुरूरत है, इस बीचे
03:01हल बढ़ गई है, देखेंगे आप तारों तरफ जो है, सीटी बढ़ाई जा रही है, कुछ बड़े महमान आने को
03:06हैं, तो हमें भी थोड़ा सा किनारे की तरफ हम लोग ब
03:24बदलने को हटाने को कहा गया है कि हम किस तरह हैं, तो यहां आगए हैं, यह आप बोर्ड भी
03:29देखेंगे जिस तरह का लगा हुआ है, और कुल मिला के यह हल चल सिर्फ यहां भारत मंड़ पंपर नहीं
03:35है, यह हल चल वास्ता में तमाम राजनेताओं के दिल में भी है, इतना
03:40बड़ा आयोजन्म और उसका हल क्या निकलेगा, भारत में अगर बात करें, तो राजनेतिक बिपक्षी पार्टियां तमाम तरह की बात
03:47करती हैं, कि भारत को क्या मिलेगा, लेकिन बास्विक्ता यह है, कि कई उम्मीदे जरूर हैं, और ऐसे मंच पे
03:54अगर यह होता है, कि कह
04:07आतार इस ब्रक्ष देसों को निसाना बनाता रहा है, कि कहीं न कहीं यह डॉलर पर हमला है, अमेरिका के
04:13लिए चुनोती बनने की कोसिस है, तो वो भी ध्यान रखना पड़ेगा, तो यह कदम बहुती भूराजनेतिक हिस्तिती में बहुती
04:21फूक फूक के रखने बाला है, ख
04:33बहुत सही तरीके से साधने की जरूरत है, खास तो उसे जिस तरह भारत का हर दोस्थ, आप इरान ओगर
04:40इसराइल की बात करें, तो कुछ दिन पहले, कुछ समय पहले इसराइल में भारत के परदान मनती जाते हैं, और
04:46उनसे भी नजदीकियां उनकी होती है, इसराइल से अ�
05:03बहुत महत पून होगा, फिलाल हम यहां से पल-पल की अपडेट देते रहेंगे, अभी काफी तेज हल चल यहां
05:09पर हुई है, निस्चित तोर पे कुछ वर्ल्ड लीडर आने बाले हैं, तो पुरी तरीके सुरक्षा बेबस्ता और चाक चौबंद
05:15कर दी गई है, आप देख
05:33शिवेंद गौर्ट, वन इंडिया, भरत मंदम, देली
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