00:00कभी आपने सोचा है कि एक ऐसी दुनिया जहां टेकनोलोजी ऐसी तेजी से बदल रही है कि हर हफते नए
00:05स्टैंडर्ड बन रहे हैं, वहां की सबसे बड़ी ग्लोबल पंचायत यानि युनाइटेड निशन्स आज भी 1945 के पुराने धर्रे पर
00:14क्यूं चल रहा है।
00:15दर्शकों, यही सवाल ब्रिक्स के मंच से उठाया है प्रदान मंतरी नरेंदर मोदी जी ने और उनके सामने बैटे थे
00:23दुनिया के बड़े बड़े लीडर्स, चाइना के जिन पिंग, फूतिन भी वहीं बैटे हुए थे और रशिया, चाइना, सौथाफरिका, युएई
00:33जै
00:33से कई देशों के सामने से ये आवाज अब वेश्ट गई है, सोचों, 80 साल पहले बनी एक ऐसा सिस्टम
00:41जिसमें आज की दुनिया की आदी से जादा आबादी, यानि ग्लोबल साउथ के पास अपने फैसले लेने का कोई हग
00:49ही नहीं है, युनाइटेड नेशन्स को बदलना �
00:52पड़ेगा और ये गूंज उठी है दिल्ली से, जब यही सवाल दुनिया के सामने बड़े मंच पर उठता है, तब
00:59मिलती है एक ऐसी ललकार जो पुर्यानी सूपर पावर्स की नीन ने उड़ा देती है, हाल ही में न्यू डेली
01:06में चल रहे ब्रिक सम्मिट के दौरान कु�
01:18सवाल खड़ा कर दिया है, जो पूरे ग्लोबल पॉलिटिक्स की दिशा बदलने की ताकत रखता है, मोदी जी ने साफ
01:25कह दिया है कि 21st century की problems को आप 20th century के पुराने टाइप राइटर्स पर solve नहीं कर
01:32सकते हैं, अब सवाल ये है कि आखिर ये नया reform क्या है, जिसके लिए भार
01:48इसे की गहराई में उतरते हैं और देखते हैं कि परदे के पीछे आखिर चल क्या रहा है, दुनिया बदल
01:53चुकी है दर्शको, 1945 में जब दूसरा विश्वयुद्ध खतम हुआ था, तब United Nations Security Council यानी UNSC बनाया गया
02:02था, उस वक्त के हालात अलग थे, कुछ बड़े देशों �
02:05ने मिलकर दुनिया की कमान अपने हाथ में ले रखी थी, लेकिन आज साल 2026 आच चुका है, आज की
02:12तारीक में ना तो वो पुरानी एकॉनमी बाकी है और ना ही वो पुराने पावर एकुशन्स रहे हैं, फिर भी
02:18UN Security Council के Permanent Members, जिनने P5 कहा जाता है, वही पुराने पाच दे
02:25और बाकी पूरी दुनिया सिरफ तमाशा देखती है या उनके फैसलों पर थपा लगाती है। जब PM Modi ने ब्रिक्स
02:32के मंच पर और UN Chief Gutteris के साथ बैठक में इस मुद्दे को उठाया, तो उनने इसी सद्यों पुरानी
02:39पाखंट पर चोट की। उनका साफ कहना था कि जब तक Global
02:42institutions में contemporary realities, यानि आज के वक्त की सचाई को जगा नहीं दी जाएगी, तब तक ना तो इन
02:50संस्थानों की कोई credibility बचेगी और ना ही ये दुनिया के नए संकटों से निपट पाएगी। सोचो, आज Cyber Security
02:58हो, Artificial Intelligence हो या फिर Climate Change हो, West Asia और Ukraine जैसे गंभीर conflicts की भी अगर बात
03:05हो, तो ये
03:05पुरानी global bodies हर जगा फेल हो चुकी है, इनके पास ना कोई power है और ना ही ऐसी representativeness
03:13जो जमाने के साथ चल सके, और यहीं पर शुरू होता है सबसे बड़ी लड़ाई, Global South के हक की
03:20लड़ाई, अब तक क्या होता था कि बड़े देशों ने विकसित देशों के नाम पर बाकी दुन
03:34लेकिन अब भारत ने इस चुपी को तोड़ दिया है, ब्रिक्स के जरिये भारत ने पूरी दुनिया को यह दिखा
03:40दिया है कि अब Global South चुप बैठने वाला नहीं है, जब New Delhi में पूतिन और जी जिंग पिंग
03:46जैसे निताओं की मौजूदगी में यह चर्चा हुई, तो इस
03:49का मेसेज बिलकुल साफ था, यह सिरफ एक बैठक नहीं, बलकि एक नए मल्टी पोलर वोल्ड ओर्डर की नीव है,
03:55मल्टी पोलर का मतलब साफ है एक ऐसी दुनिया जहां पावर किसी एक या दो वेस्टन कापिटल्स के हाथ में
04:01सिमट करना रह जाए, वाशिंग्टन और लं
04:17प्रेजेंटेशन नहीं मिलता, तब तक यह संस्था एक ऐसी मुबाइल फोन की तरह है, जिसमें सिम कार्ट तो है, लेकिन
04:22नेट्वर्क ही नहीं आता, और बिना नेट्वर्क के फोन वो किसी काम का है नहीं, ठीक वैसे ही बिना ग्लोबल
04:28साउथ के रेप्रेजेंटेशन के,
04:29UN आज भी एक बेअसर संस्था बन कर रहे गई है, सवाल ये पैदा होता है कि इस रुफॉर्म के
04:36रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट कौन है, रुकावट वही पुराने देशों का गत जोड है, जो अपनी कुर्सी छोड़ना नहीं
04:43चाहता, वीटो पावर के मजे लेने �
04:45वाले ये देश नहीं चाहते कि कोई नया पावर सेंटर उभर कर उनके बराबर खड़ा हो जाए, आना कि जब
04:51भारत जैसा देश लगातार अपनी एकॉनमिक ग्रोथ, अपनी डिजिटल पबलिक इंफराश्रक्चर की ताकत और अपनी इंडिपेंडन्ट फॉरन पॉलिसी क
05:00दमपर दुनिया के सामने एक मिसाल पेश करते हैं, तो इनके लिए इन मांगों का इग्नोर करना ना मुनकिन होता
05:05जा रहा है। इस बार ब्रिक सम्मिट में जो सबसे बड़ा बदलाब देखने को मिला है वो ये है कि
05:10अब ये मंच सिरफ आप सी व्यापार वाया करंसी का नह
05:37और यही वो सचाई है जो पीम मोदी ने दुनिया के सामने रखी है। उनका ये कहना है कि आप
05:4321st century का software 20th century के टाइप राइटर पर नहीं चला सकते। अपने आप में एक बहुत बड़ा व्यंग
05:50है और उन लोगों पर जो आज भी पुराने डर और पुरानी राजनीती से नि
05:57आज जब artificial intelligence और rapid technology हर अफ़ते दुनिया को बदल रही है तो क्या हमारी global bodies इतनी
06:04सुस्त रह रही हैं कि उनका एक फैसला चायद दुनिया को बदलने पर इसमें दशा को लग जाएंगे। पर जवाब
06:11पिलकुल नहीं है। इसले न्यू दिल्ली से उठी ये अवाज को याम ब
06:27करेगा कि क्या United Nations वक्त के साथ खुद को बदलता है या फिर उन्हें पीछे छोड़ कर आगे निकल
06:33जाता है। पूरे मामले पर जो भी आपकी राय है हमें comment section में ज़रूर बताइएगा। अब देख रहे हैं
06:38One India मैं हूँ अकुर्श कौशिक।
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