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दशकों के तनाव और सीमा विवाद के बाद क्या भारत और चीन सचमुच पुराने गिले-शिकवे भुलाकर दोस्त बन रहे हैं?ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की उच्चस्तरीय मुलाकातों ने नई कूटनीतिक चर्चा छेड़ दी है। गलवान घाटी की कड़वी यादों के बाद, दोनों एशियाई दिग्गजों का एक मंच पर आना वैश्विक राजनीति में एक बड़ा बदलाव है।हालांकि कूटनीतिक स्तर पर बर्फ पिघलती दिख रही है, लेकिन क्या भारत व्यापारिक असंतुलन और अविश्वास के साए में चीन पर भरोसा कर सकता है?चीनी राष्ट्रपति की इस ऐतिहासिक यात्रा से सीधी उड़ानों और व्यापारिक रिश्तों को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हुई हैं।विश्लेषकों का मानना है किकूटनीतिक मेल-मिलाप अपनी जगह है, पर सीमा सुरक्षा के मोर्चे पर सावधानी बरतना अभी भी उतना ही जरूरी है। आर्थिक मोर्चे पर भारत की बढ़ती निर्भरता और भारी व्यापार घाटे को पाटना नई दिल्ली के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।क्यायह नई दोस्ती महज कूटनीतिक मजबूरी है या एशिया के ये दोनों देश वाकई एक स्थायी शांति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं?

After decades of bitter rivalry and border standoffs, are India and China finally turning a new page in bilateral relations?The high-stakes diplomatic engagement between PM Narendra Modi and Xi Jinping during the BRICS summit has sparked widespread global debate.Years after the shadow of the Galwan Valley clash, the two Asian powerhouses are cautiously attempting to reset their fractured ties.While diplomatic channels, direct flights, and talks are resuming, the crucial question remains: can India truly trust Beijing?Deep-seated strategic mistrust and massive trade imbalances continue to pose major hurdles despite the ongoing political thaw.Experts note that while economic cooperation is vital, New Delhi must maintain strict strategic caution regarding national security. Jinping’s historic visit marks a symbolic shift, but long-term peace depends entirely on verified tranquility along the border.Is this newfound bonhomie a genuine path to regional stability, or merely a temporary tactical alignment on the global stage?

#IndiaChinaRelations #XiJinping #PMModi #BRICSSummit #Geopolitics #AsianGiants #ForeignPolicy #GlobalDiplomacy

~PR.512~HT.408~ED.108~GR.508~VG.HM~

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00:00इतना वो हरकत ऐसी करते रहेंगे उतने ही ये देश आपस में और कोहजिव हो जाएंगे और जब ये तीनों
00:08देश रश्या चाइना और इंडिया अगर ये एक बंच पे आते हैं और इनकी सोज एक हो जाती है तो
00:15आप अंदाद है लगा सकते हैं कि अमेरिका उनको कितना थ्रे
00:33अब हमें टैरिश से दरनी कीनी क जुरत नहीं है तो क्या सर आने वाले
00:38दस सालों के अंदर 15 सालों के अंदर आप इसी दुनिके देख रहे हैं जहां U.S. के सानक्शन्स बिलकुल
00:47वेकर हो जाएंगे and that will
00:49not be able to dictate the world the way they are right now तो क्या ये एक realistic possibility है
00:55� sir
00:58यह बिल्कुल पॉसिबिलिटी है क्योंकि आप देखें अमेरिका के टैरिफ लगाने के बाद भी अगर कोई देश सेवन पॉइंट परसेंट
01:07जीडीपी अपनी बढ़ा रहा है तो आप अंताजा खुछी लगा सकते कि वह इतना टैरिफ का उस बारत के ऊपर
01:12कोई असर नहीं ह
01:24जो अपने चलाने की कोशिश करता है उसके बाद दूप इंडिया ने जो है यॉर्पिन यूनियन के साथ जो फ्री
01:32ट्रीड एग्रिमेंट किया है तो देरे देरे जिस तरीके से डानल ट्रम्प साथ अपनी नीठियां चला रहे हैं अपनी पॉलिसी
01:52चला रहे हैं
01:53मुझे लगता है आने वाने समय में जब तक डॉनल ट्रम्प साथ करते हैं और खतम होगा अमेरिका विल बी
01:58आइसुलेट करने की कोशिश कर रहा है रश्या को इरान को वो जो है इचिट बी अधर वे राउंड अमेरिकन्स
02:07अर्टो कंट्री इस अर्टो कंट्री इस अर्टो
02:15करने के लिए नजगा सकते यही नाटो कंट्री जब अलकाइदा ने अमेरिका के ओपर टैर्रिस अटैक कि इस समय यह
02:27अमेरिका के साथ करी थी और आज जब अमेरिका का इस लड़ाई में कुछ बस नहीं चल रहा है तो
02:33वहीं नाटो कंट्री जो है मदद देने किसे माना कर �
02:42लेकिन आप दीरे-दीरे करके आप खुद आइसलेट हो रहे हैं जी आप खुद है सर आखरी सवाल इस पूरी
02:48चर्चा का चायना एक बहुत इंपोर्टेंट आंगल है लेकिन अब यह समझना चाहेंगे वीटो की ही लड़ाई है और चायना
02:56से ही वीटो की लड़ाई शुरू ह
02:57होती है और वहीं पर खतम लेकिन साथ साल बाद जी चिन पिंग भारत पहुंचे हैं तो क्या भारत और
03:04चायना के रिष्टे बदल रहे हैं कई बार डिफेंस इक्सपोर्ट में मुझे बात कई है कि चायना पर बरोसा नहीं
03:10किया जा सकता पर भारत और चायना की दोस्ती किस �
03:14तरफ जा रही है इस्पेशली आफटर ब्रिक्स दोहजार चब्देस देखिए इसमें कोई दोराय नहीं है कि आप चायना के उपर
03:23भरोसा नहीं कर सकते और कोई भी कंट्री चायना को बरोसा नहीं करता है क्यूंकि चायना का ये है कि
03:30चायना एक साइड से तो बोलेगा एरि
03:44हुआ हमको इसमें कोई शर्म नहीं है कहने में कि it was a defeat for the Indian
03:48army and it was very very shameful ठीक है लेकिन वो जो चीज था वो हमको
03:53ऐसा घटका लगा और हमने इस तरीके से तैयारी की कि ठीक तीन
03:57साल वाज़ा पाकिस्तान ने हमारे उपर हमला किया तो we were well
04:01prepared and we defeated Pakistan and we have been defeating Pakistan since then.
04:05ever since. 1967 में नथुना में चाइना ने थोड़ी हरकत की थी उसको
04:11इतना बुरा जवाब दिया कि उसके बाद चाइना ने कभी हरकत नहीं की
04:14उसके बाद चाह दुक्राम हुआ चाह गर्वान हुआ जो भी हुआ हमारी जो
04:19आम सोर्सेज यह पूरे डटके खड़े रहे और चाइना को पता लग गया कि यह भारत
04:24उनीसोबासट का भारत नहीं है यह जो बेशक ठीक है तुमारी जो
04:28मिल्टरी स्टैन से जादे है तुम लेकि तुम कंट्री भी जा रहे हो यह गाट बोर पीपल
04:33इंडिया को से रहा है पाकिस्तान को चाइना को पाकिस्तान को पाकिस्तान इस वन के तुम सब्सक्राइब लेकिन उसमें बचकी
05:00प्रॉबम यह है कि हमारा जोर्ष एट इम्बेलन से
05:03उसमें जो है हम चाइना से बहुत कम चीज़े खरीती है और चाइना को बहुत जादे एक्सिपूर्ट करते हैं यह
05:12एक मुद्दा होगा जो कि बात्चीत जो है बुदी थाप की यो शी जिंपिंग की जो बात्चीत में यह मुद्दा
05:18खास पर उठाया जाया का कि इस जो इम्�
05:32कि इंडिया आप से इतना खरीचता रहे और आप इंडिया से कुछ ना खरीड़े तो यह एक में पॉइंट है
05:38और नंबर दूसरा जो बाड़र ईशू है उनको जो है दीरे-दीरे करके उनको जो जो इरिटेंट्स हैं उनको दूर
05:44किया जा रहा है और आने वाले समय में इस ग�
05:59लोगों के लिए भड़ाई होगा और यह मेरे को लगता है कि चाइना को दीरे दीरे सौंज में आ रहा
06:05है और चाइना बहुत है कि अगर फिलेटंप Jar今
06:25पड़ेगी तो यह चाइना को भी पता है तो अगर चाइना
06:28इंडिया को गुड़ बुक्स में रखता है तो यह चाइना के हित में है अगर अमेरिकन का बस चले तो
06:36भारत के साथ मिट्रिय अलाइश कॉर्ड को विल्ट्रिय अलाइस बनाते ताकि चाइना को कंट्रोल
06:43करने के लिए कि बारत जो है किसी भी मिल्टरी अलाइस का हिस्सा नहीं बनेगा यह इंडिया ने विल्गुल साहुत
06:50कर दिया है तो उसकी वज़े से मुझे लगता है चाइना को अब नहीं लगता कि भारत अमेरिका के साथ
06:56मिलके एक थ्रेट है तो वह भी अब देरे-देरे कर
07:11करेंगे ग्रांड से अब जुड़े हमारे साथ ते कょरनल सिरोही जी जिन्वोंने हमें सारी जानकारी दी कि कैसे प्रिक्स में
07:19प्रदान मंतरी मोधी जी ने आज जो कहा उसने घ्लोबिल साओ ँऊ जी आवास को पूरी दुनिया के सामने कैसे
07:26पहुंचा दिया है
07:29subscribe to one India and never miss an update
07:34download the one India app now
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