00:00जी अब विंग कमांडर आलोक सहाय साबके पास चलते हैं सर आपसे एक दूसरा परस्पेक्टिव हम जानना चाहेंगे हमारा बहुत
00:07ही पुराना पार्टनर रहा है रश्या और हमारी जितने भी डिफेंस से लेकर डील्स जो हैं हमारी काफी सारी डील्स
00:14हैं काफी सारे हतियार �
00:16अभी बात भी ओरी S-400 की जो भारत लेना चाहेगा थोड़ा हमें समझाईए कि भारत और रश्या और भारत
00:24और इरान इन दोनों की नजदीकियां ट्रम को कितना गुसा करने वाली हैं हमें कितना नुकसान हो सकता है और
00:31भारत कौन सा रुख अपना सकता है खुलकर बोलिए स
00:34क्योंकि आजकल हमें सुनने को नहीं मिलता बहुत सारी चीजें बताई ही नहीं जाती दर्शकों को और इस वजह से
00:41दर्शक हमारे जैसे चैनल्स पर भी आते हैं टीवी चैनल्स पर नहीं जाते क्योंकि वह रियल इंफॉर्मेशन जानना चाहते है
00:52जी
00:57शायद आपका माइक म्यूट है ज़र जी है भारत जो है वो बहुत ही इच्छुक है कहीं से भी इस्टिल्स
01:14पाइटर लेने के लिए क्योंकि वह एक गाप है हमारे इंडिया ने वोस में दो तरह के गाप है एक
01:19तो लेटेस पाइटर हमारे पास होने चाहिए
01:23जादा जो कि भड़ करके टुंटीनाइइन स्कॉर्डन से रह गया है तो दूसरी बात कि हमें स्टिल्स पाइटर की जुरू
01:28थे क्योंकि हमारा पॉडुशी दुश्मन देश जो है वो चीन से स्टिल्स पाइटर का उसका करार हो चुका है तो
01:34सू फिप्टी सेवन हमारे पा
01:51पॉड़ कर ले यह चिंता कविश है था दूसरा चिंता कविश है था कि उसके पीछे जो एक्जास्ट में जो
01:57हीट सिगनेचर है वो ज्यादा बन रहा है जिससे भी उसको पहचान दिया जा सकता है रडार पे तो इन
02:03दो चीजों में भारत चाहता था कि रूस अगर इन दो �
02:12िए आज सेन निया इंजन उसमें लगाया जाएगा गर वे लगा लेते हैं और उसका गम हो जाता है तो
02:25भारत के लिए ही महत्पुरन हो लेना
02:29अगर वो इस्टिल हो जाता है तो हर मामले में एक थर्डिफाइड से वो जादा सुपिरियर होगा यूं में और
02:49बहुत बात ऑर पांच और एस पोर हंड़ की बैटरीज लेना
02:53चाहते हैं हम इसके लावा रूस हमें ओफर कर रहा है कि एस पाइव अंडड़ भी ओफर करने को तयार
02:59है जो कि जिसकी मारक शम्ता जो है वह स्पेस तक जाएगी तो दो सो तीन सो किलेमेटर तक इस
03:06पेस पे हवा में जा सकती है वो जो और उसका जो रेंज है वो भी ज्यादा
03:12है एस पॉर हंड़ से इंटर कॉंटेनिंटल बैलेटिक मिजाइल के लिए वह बहुत ही ज्यादा ओपी होगी होगा तो भारत
03:20उसको भी ले इसके अलावा भारत के साथ अब रूस के संबंद के कारण और भी हमने जो ब्रमोज उन्होंने
03:29दिया है ब्रमोज हमने जो बना रह
03:33है ताकि वो एक्सपोर्ट फ्रेंडली हो जाए और भी जाना और ब्रमोज जो हम उसका निर्मान कर रहे हैं आपको
03:40पता होगा तो हाइपर सोनी की स्पीड होगा उसमें भी तकनिकी साहिता की जूरत पड़ेगी रूस के साथ तो यह
03:46रक्षा समंदी जो सायोग है रूस के सा
03:48वो निशित रूप से इस मौके पर बाचीत होगी और उसके हम आगे बढ़ेंगे इसके अलाबा एनर्जी सेक्टर में भी
03:55रूस जो है वो हमारी मदद करने के लिए उसने उपर दिया है जैसे तमिनाडू में जो हमारा निकलियर पार
04:00प्रजेक्ट है उसके लिए भी रूस स
04:18के लिए कितना कारगर साबित होगा तो इसमें कई आयाम है इसके एक आयाम यह है कि क्या हम एक
04:24अल्टरनिटीव बैंकिंग एंड एकोनामिक कॉपरेशन सिस्टम एस्टेबलिश कर पाएंगे क्या हम डॉलर के विरुद्ध एक पैरललल एकोनामिक खड़ी कर पाएंगे
04:33वो �
04:33भी संबाव नहीं लग रहा है क्योंकि आज भी आज भी करीब 11 सों से ज्यादा जो इंटरनेशनल बैंक्स है
04:41वो प्रणाली पर ही चल रहा है हानाकि अमेरिका रूस और चीन ने आपसी जो द्वी पक्षिये वारता है उतको
04:49उन्होंने अपने करेंटी में करना चुरू कर द
05:03आपसी करेंसी में व्यापार कैसे हम बढ़ाएं इस पर जोर दिया जाएगा और इस पर बाचित होगी और यहीं देखें
05:11इरान भी चाहता है इरान की रास्पती ने बहुत ही साफ चब्दों में बोला है कि हमने ब्रिक्स के बैंक
05:17की अस्थापना तो कर दी लेकिन इस बैंक
05:20को हम ज्यादा एक्टिव कैसे बनाएं आप इसी स्वयोग कैसे करें और इरान इसके लिए कापी चिन्तित है क्योंकि महां
05:26एकनोमिक संक्चन लगा हुआ है उसको को यह ऐसी बैंकिंग विवस्ता चाहिए जहां पर वो अपने अर्थ विवस्ता को जिर
05:33से थोड़ा बहुत स
05:50कर दो
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