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Amid the BRICS Summit 2026, there is significant movement in defence cooperation between India and Russia. During Russian President Vladimir Putin’s visit to India, talks on a potential deal for the fifth-generation Su-57 fighter jet are expected to move forward. India is already moving ahead with plans to acquire five additional squadrons of the Russian S-400 air defence system. Now, along with the Su-57, Russia has also proposed the Product 177S engine and technology transfer, which could be considered as a potential alternative for the existing engines of India’s Su-30MKI fleet. The Su-57 stands out for its super-maneuverability, supercruise capability, advanced AESA radar, sophisticated sensor systems and the ability to carry weapons internally. Its future role is also being developed around drone swarms and loyal-wingman systems. However, the maturity, testing, reliability and actual technology-transfer terms of the Product 177S engine will remain important considerations for India.

BRICS Summit 2026 के बीच भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर बड़ी हलचल है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान पांचवीं पीढ़ी के Su-57 फाइटर जेट की संभावित डील पर बातचीत आगे बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। भारत पहले ही रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की पांच अतिरिक्त स्क्वाड्रन खरीदने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब Su-57 के साथ रूस ने Product 177S इंजन और तकनीक हस्तांतरण का प्रस्ताव भी रखा है, जिसे Su-30MKI के मौजूदा इंजन बेड़े के संभावित विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। Su-57 की सुपर-मैन्युवरेबिलिटी, सुपरक्रूज क्षमता, एडवांस्ड AESA रडार, सेंसर सिस्टम और अंदर हथियार ले जाने की क्षमता इसे खास बनाती है। साथ ही, भविष्य में इसे ड्रोन स्वॉर्म और loyal wingman के साथ इस्तेमाल करने की क्षमता भी विकसित की जा रही है। हालांकि, Product 177S की मैच्योरिटी, परीक्षण, विश्वसनीयता और वास्तविक तकनीक हस्तांतरण जैसी शर्तें भारत के लिए अहम रहेंगी।

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00:00जी अब विंग कमांडर आलोक सहाय साबके पास चलते हैं सर आपसे एक दूसरा परस्पेक्टिव हम जानना चाहेंगे हमारा बहुत
00:07ही पुराना पार्टनर रहा है रश्या और हमारी जितने भी डिफेंस से लेकर डील्स जो हैं हमारी काफी सारी डील्स
00:14हैं काफी सारे हतियार �
00:16अभी बात भी ओरी S-400 की जो भारत लेना चाहेगा थोड़ा हमें समझाईए कि भारत और रश्या और भारत
00:24और इरान इन दोनों की नजदीकियां ट्रम को कितना गुसा करने वाली हैं हमें कितना नुकसान हो सकता है और
00:31भारत कौन सा रुख अपना सकता है खुलकर बोलिए स
00:34क्योंकि आजकल हमें सुनने को नहीं मिलता बहुत सारी चीजें बताई ही नहीं जाती दर्शकों को और इस वजह से
00:41दर्शक हमारे जैसे चैनल्स पर भी आते हैं टीवी चैनल्स पर नहीं जाते क्योंकि वह रियल इंफॉर्मेशन जानना चाहते है
00:52जी
00:57शायद आपका माइक म्यूट है ज़र जी है भारत जो है वो बहुत ही इच्छुक है कहीं से भी इस्टिल्स
01:14पाइटर लेने के लिए क्योंकि वह एक गाप है हमारे इंडिया ने वोस में दो तरह के गाप है एक
01:19तो लेटेस पाइटर हमारे पास होने चाहिए
01:23जादा जो कि भड़ करके टुंटीनाइइन स्कॉर्डन से रह गया है तो दूसरी बात कि हमें स्टिल्स पाइटर की जुरू
01:28थे क्योंकि हमारा पॉडुशी दुश्मन देश जो है वो चीन से स्टिल्स पाइटर का उसका करार हो चुका है तो
01:34सू फिप्टी सेवन हमारे पा
01:51पॉड़ कर ले यह चिंता कविश है था दूसरा चिंता कविश है था कि उसके पीछे जो एक्जास्ट में जो
01:57हीट सिगनेचर है वो ज्यादा बन रहा है जिससे भी उसको पहचान दिया जा सकता है रडार पे तो इन
02:03दो चीजों में भारत चाहता था कि रूस अगर इन दो �
02:12िए आज सेन निया इंजन उसमें लगाया जाएगा गर वे लगा लेते हैं और उसका गम हो जाता है तो
02:25भारत के लिए ही महत्पुरन हो लेना
02:29अगर वो इस्टिल हो जाता है तो हर मामले में एक थर्डिफाइड से वो जादा सुपिरियर होगा यूं में और
02:49बहुत बात ऑर पांच और एस पोर हंड़ की बैटरीज लेना
02:53चाहते हैं हम इसके लावा रूस हमें ओफर कर रहा है कि एस पाइव अंडड़ भी ओफर करने को तयार
02:59है जो कि जिसकी मारक शम्ता जो है वह स्पेस तक जाएगी तो दो सो तीन सो किलेमेटर तक इस
03:06पेस पे हवा में जा सकती है वो जो और उसका जो रेंज है वो भी ज्यादा
03:12है एस पॉर हंड़ से इंटर कॉंटेनिंटल बैलेटिक मिजाइल के लिए वह बहुत ही ज्यादा ओपी होगी होगा तो भारत
03:20उसको भी ले इसके अलावा भारत के साथ अब रूस के संबंद के कारण और भी हमने जो ब्रमोज उन्होंने
03:29दिया है ब्रमोज हमने जो बना रह
03:33है ताकि वो एक्सपोर्ट फ्रेंडली हो जाए और भी जाना और ब्रमोज जो हम उसका निर्मान कर रहे हैं आपको
03:40पता होगा तो हाइपर सोनी की स्पीड होगा उसमें भी तकनिकी साहिता की जूरत पड़ेगी रूस के साथ तो यह
03:46रक्षा समंदी जो सायोग है रूस के सा
03:48वो निशित रूप से इस मौके पर बाचीत होगी और उसके हम आगे बढ़ेंगे इसके अलाबा एनर्जी सेक्टर में भी
03:55रूस जो है वो हमारी मदद करने के लिए उसने उपर दिया है जैसे तमिनाडू में जो हमारा निकलियर पार
04:00प्रजेक्ट है उसके लिए भी रूस स
04:18के लिए कितना कारगर साबित होगा तो इसमें कई आयाम है इसके एक आयाम यह है कि क्या हम एक
04:24अल्टरनिटीव बैंकिंग एंड एकोनामिक कॉपरेशन सिस्टम एस्टेबलिश कर पाएंगे क्या हम डॉलर के विरुद्ध एक पैरललल एकोनामिक खड़ी कर पाएंगे
04:33वो �
04:33भी संबाव नहीं लग रहा है क्योंकि आज भी आज भी करीब 11 सों से ज्यादा जो इंटरनेशनल बैंक्स है
04:41वो प्रणाली पर ही चल रहा है हानाकि अमेरिका रूस और चीन ने आपसी जो द्वी पक्षिये वारता है उतको
04:49उन्होंने अपने करेंटी में करना चुरू कर द
05:03आपसी करेंसी में व्यापार कैसे हम बढ़ाएं इस पर जोर दिया जाएगा और इस पर बाचित होगी और यहीं देखें
05:11इरान भी चाहता है इरान की रास्पती ने बहुत ही साफ चब्दों में बोला है कि हमने ब्रिक्स के बैंक
05:17की अस्थापना तो कर दी लेकिन इस बैंक
05:20को हम ज्यादा एक्टिव कैसे बनाएं आप इसी स्वयोग कैसे करें और इरान इसके लिए कापी चिन्तित है क्योंकि महां
05:26एकनोमिक संक्चन लगा हुआ है उसको को यह ऐसी बैंकिंग विवस्ता चाहिए जहां पर वो अपने अर्थ विवस्ता को जिर
05:33से थोड़ा बहुत स
05:50कर दो
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